जापान घूमने गए एक भारतीय यूट्यूबर की सोशल मीडिया पोस्ट ने नई बहस छेड़ दी है. यूट्यूबर सिद्धार्थ भीमानी ने दावा किया कि टोक्यो में खरीदारी के दौरान उन्हें लगा कि कुछ दुकान के स्टाफ भारतीयों के साथ उतना अच्छा व्यवहार नहीं कर रहे थे, जितना वे दूसरे ग्राहकों के साथ कर रहे थे. उनकी इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय नजर आई.
क्या है पूरा मामला?
सिद्धार्थ भीमानी ने बताया कि टोक्यो की कुछ दुकानों में उन्हें कर्मचारियों का व्यवहार बेरुखी भरा और दूरी बनाए रखने वाला लगा. उन्होंने कहा कि इस अनुभव से उन्हें असहज महसूस हुआ और उन्होंने सोचा कि कहीं इसकी वजह उनकी भारतीय पहचान तो नहीं है.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
कुछ लोगों ने कहा कि उन्होंने भी जापान में ऐसा अनुभव किया है। वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने जापान का बचाव करते हुए कहा कि वहां के लोग आमतौर पर बेहद विनम्र होते हैं और यह किसी गलतफहमी या भाषा की समस्या का मामला भी हो सकता है.
युवा कर्मचारियों पर उठे सवाल
बहस के दौरान एक यूजर ने कहा कि यह समस्या शायद टोक्यो के ज्यादा पर्यटक वाले इलाकों में काम करने वाले युवा कर्मचारियों तक सीमित हो सकती है. इस पर सिद्धार्थ भीमानी ने सहमति जताते हुए कहा कि युवा लोग रूखे हैं, जबकि उम्रदराज लोग काफी अच्छे और विनम्र हैं.
Its really sad that all our fellow indians are just defending Japan. This is the issue , we indians dont stand amongst us.
— Siddharth Bhimani. (@wittysiddharth) June 2, 2026
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If you have a problem? Then surely u must have done something wrong!
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There are some exceptionally good folks here in japan , Appreciate it for that but… https://t.co/sd3Z9L7Qv9
बढ़ते पर्यटन के बीच बड़ा सवाल
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब जापान में रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं. इस बहस ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या सांस्कृतिक अंतर और स्थानीय तौर-तरीकों को कई बार पर्यटक गलत तरीके से रूखे व्यवहार के रूप में समझ लेते हैं.
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