Indian Student Canada Struggle: कनाडा की चमचमाती सड़कों और ठंडी हवाओं के बीच एक ऐसी हकीकत दफन है, जो इंस्टाग्राम की रंगीन तस्वीरों में नजर नहीं आती. ज्योति खरायत नाम की एक भारतीय स्टूडेंट ने हाल ही में अपना डेली रूटीन शेयर किया, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है. ज्योति कहती हैं कि वह एक ऐसे 'लूप' यानी भंवर में फंस गई हैं, जहां से निकलना मुहाल है. उनकी सुबह कॉलेज के लेक्चर से शुरू होती है और जैसे ही क्लास खत्म होती है, वह बिना सांस लिए सीधे 'स्टारबक्स' की शिफ्ट पर पहुंच जाती हैं.
यह संघर्ष सिर्फ मेहनत का नहीं, बल्कि मजबूरी का है. पढ़ाई जारी रखनी है तो मोटी फीस देनी होगी और फीस के लिए पाउंड और डॉलर कमाने जरूरी हैं. ज्योति का कहना है कि वह स्कूल से काम पर जाती हैं, फिर थोड़ी देर के ब्रेक के बाद दोबारा स्कूल और फिर वापस काम. यह एक ऐसा पहिया है जो बिना रुके बस घूमता ही जा रहा है. उनके वीडियो में थकान साफ झलकती है, मगर चेहरे पर एक फीकी सी मुस्कान इस बात का सबूत है कि वह इन मुश्किलों से हार मानने को तैयार नहीं हैं.
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विदेशी पढ़ाई का 'कड़वा सच', फीस और काम के बीच पिसती जिंदगी (International Student Work Life Balance)
सोशल मीडिया पर इस वीडियो ने उन लोगों की बोलती बंद कर दी है, जिन्हें लगता है कि विदेश जाते ही नोटों की बारिश होने लगती है. हकीकत यह है कि वहां रहने वाले अधिकांश छात्र पार्ट-टाइम नौकरियों के सहारे ही अपनी शिक्षा और रहने का खर्च उठा पाते हैं. ज्योति के पोस्ट पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है. कोई उन्हें 'रियल लाइफ मोटिवेशन' बता रहा है, तो कोई कह रहा है कि 'अगर आप इस सब के बावजूद खुश हैं, तो जिंदगी में आप कुछ भी हासिल कर सकती हैं.'
दरअसल, कनाडा जैसे देशों में रहने का खर्च और कॉलेज की फीस इतनी ज्यादा है कि मध्यमवर्गीय परिवार के बच्चों के लिए बिना काम किए गुजारा करना नामुमकिन है. यह सिर्फ ज्योति की कहानी नहीं है, बल्कि हजारों भारतीय छात्रों का रोज का किस्सा है, जो दिन-रात एक कर देते हैं ताकि घर वालों का बोझ हल्का हो सके और उनका भविष्य संवर सके.
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संघर्ष के बीच मुस्कुराहट (Jyoti's Story Inspires)
इतनी भागदौड़ और मानसिक दबाव के बाद भी ज्योति का यह कहना कि वह 'खुश' हैं और यही बात लोगों का दिल जीत रही है. यह जज्बा ही है जो सात समंदर पार इन युवाओं को टूटने नहीं देता. जहां कुछ लोग घर की याद में उदास हो जाते हैं, वहीं ज्योति जैसे छात्र अपनी मुश्किलों को गले लगाकर एक नई राह बना रहे हैं.
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)
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