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छुट्टी लेना पड़ा महंगा, बॉस ने HR में की शिकायत, कर्मचारी का गुस्सा रेडिट पर फूटा

Employee offs: वर्कप्लेस पर बढ़ते प्रेशर और टॉक्सिक वर्क कल्चर से एम्प्लॉई पर क्या प्रभाव पड़ता है...इसका अंदाजा वायरल हो रहे इस रेडिट पोस्ट से लगाया जा सकता है.

छुट्टी लेना पड़ा महंगा, बॉस ने HR में की शिकायत, कर्मचारी का गुस्सा रेडिट पर फूटा
मामूली छुट्टियों पर बॉस ने जताई आपत्ति, HR में की शिकायत, कर्मचारी का पोस्ट हुआ वायरल

Taking a Vacation Backfires Boss Reports Employee to HR: आजकल वर्कप्लेस पर बढ़ते प्रेशर और टॉक्सिक वर्क कल्चर से जुड़े किस्से सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं. हाल ही में एक रेडिट यूजर ने अपने साथ हुई ऐसी घटना साझा की, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया. दरअसल, एक महिला कर्मचारी ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए रेडिट पर एक पोस्ट साझा की है, जिसमें उसने बताया कि उसके नए बॉस ने साल की शुरुआत में ली गई छुट्टियों पर आपत्ति जताई और HR में उसकी शिकायत कर दी.

छुट्टी लेना अपराध है क्या? (Company leave policy)

रेडिट यूजर ने अपनी पोस्ट में लिखा, मैंने इस साल अब तक 11 दिन की वार्षिक छुट्टी ली है, जो कुछ असामान्य नहीं है. मैंने पिछले साल भी यही किया था और मेरे पुराने बॉस को कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन इस साल नया बॉस आया और उसे मेरी छुट्टियों से दिक्कत हो गई. यूजर ने बातचीत के कुछ स्क्रीनशॉट भी साझा किए, जिसमें उसके बॉस ने पूछा कि वह इतनी छुट्टियां क्यों ले रही है. इस पर उसने जवाब दिया, मैं हर साल शुरुआत और अंत में कुछ छुट्टियां लेती हूं. यदि आपको इससे कोई समस्या है, तो कृपया बताएं. इसके बाद कर्मचारी ने बताया कि उसे कंपनी की पॉलिसी के अनुसार 31 दिन की वार्षिक छुट्टी मिलती है, साथ ही उसके कॉन्ट्रैक्ट में 3 अतिरिक्त दिन जोड़े गए थे. इसके अलावा, पिछले साल की 4 छुट्टियां भी कैरी फॉरवर्ड हुई थीं.  

यहां देखें पोस्ट

My new boss doesn't like how much holiday I'm taking and has reported me to HR.
byu/FMLitsSML inmildlyinfuriating

HR का जवाब- अपनी छुट्टियों का आनंद लीजिए (Toxic Work place)

बात HR तक पहुंची, जहां कर्मचारी ने याद दिलाया कि जब उसने कंपनी जॉइन की थी, तो उसकी सैलरी और छुट्टियों को लेकर एक अलग एग्रीमेंट हुआ था. HR ने इसे कोई बड़ा मुद्दा नहीं माना और कर्मचारी से मजाक में कहा कि वे भी ऐसे बॉस की चाहत रखते हैं, जो उन्हें एक्स्ट्रा छुट्टियां दे. इसके अलावा, उसी बॉस ने एक अन्य महिला कर्मचारी को भी HR में रिपोर्ट कर दिया था, क्योंकि उसने 52 हफ्ते की मैटरनिटी लीव लेने का अनुरोध किया था. हालांकि, HR ने साफ कहा कि वह लीव पूरी तरह से वैध है और इसमें कोई दिक्कत नहीं है.  

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस (Toxic Work place)

पोस्ट वायरल होते ही हजारों लोगों ने इसपर प्रतिक्रिया दी. कई यूजर्स ने कर्मचारी को समर्थन दिया और कहा कि यह गलत वर्क कल्चर का एक उदाहरण है. वहीं एक यूजर ने लिखा, अगर ऑफिस आपकी छुट्टियों को सम्मान नहीं देता, तो ऐसे जॉब को छोड़ देना ही सही है. दूसरे ने कहा, कंपनियों को समझना चाहिए कि कर्मचारी कोई मशीन नहीं हैं. छुट्टी लेना हर किसी का हक है. यह घटना दिखाती है कि किस तरह कुछ कंपनियों में काम का दबाव इतना ज्यादा बढ़ गया है कि कर्मचारी छुट्टी लेने से भी डरने लगे हैं.

सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई है, जहां कई लोग इस मानसिकता के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. इस पोस्ट के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. कई लोगों ने अपनी राय रखते हुए ऐसे "कंट्रोलिंग" बॉस पर निशाना साधा. एक यूजर ने लिखा, यूरोप की कंपनी, इंटरनेशनल टीम, लेकिन बॉस अमेरिका में? दूसरे ने कहा, HR आपके पक्ष में है, इसलिए चिंता की कोई बात नहीं, लेकिन भविष्य में सभी बातचीत ईमेल पर रखें ताकि जरूरत पड़ने पर इसका रिकॉर्ड हो. 

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