सुबह के 4 बजे जब पूरा शहर सो रहा था और मदद के लिए सभी रास्ते बंद हो रहे थे, तब मदद एक ऐसी जगह से मिली जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी. एक क्विक कॉमर्स ऐप, जो आमतौर पर सब्जी–किराना का सामान पहुंचाने के लिए जाना जाता है, जान बचाने के लिए नहीं. वही ऐप रक्षक बना है. दरअसल, इंस्टाग्राम पर यूजर Praachii की एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे Blinkit की एम्बुलेंस सर्विस ने दिल्ली में उनकी फैमिली की मदद की. घटना तड़के सुबह की है. Praachii मुंबई में रहती हैं और उन्हें अचानक परिवार से फोन आया कि उनकी आंटी, जो दिल्ली में रहती हैं, को दौरा पड़ रहा था. परिवार ने कई बार कैब बुक करने की कोशिश की, लेकिन उस समय कोई कैब नहीं मिल रही थी.
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जब घबराहट बढ़ रही थी और दूरी के कारण वह कुछ कर नहीं पा रही थीं, तब Praachii ने Blinkit का सहारा लिया. किराना मंगवाने के लिए नहीं, बल्कि मदद के लिए. इसके बाद जो हुआ, वह उनके लिए हैरान करने वाला था. ऐप ने तुरंत एम्बुलेंस भेज दी और सबसे खास बात यह सेवा बिल्कुल मुफ्त थी. अपने वीडियो में Praachii बताती हैं कि वह जरूरत पड़ने पर कोई भी रकम देने के लिए तैयार थीं. ऐप पर एक नोट भी था कि एम्बुलेंस सेवा का इस्तेमाल सिर्फ असली इमरजेंसी में करें, लेकिन जैसे ही उन्होंने बुक किया, पूरी राइड फ्री थी. उनके लिए पैसे मायने नहीं रखते थे. सबसे बड़ी राहत यह थी कि जब वह खुद वहां मौजूद नहीं थीं, तब भी उनकी फैमिली तक तुरंत मदद पहुंच गई.
वीडियो में Praachii ने कहा कि अक्सर लोग जरूरी सुविधाओं को हल्के में ले लेते हैं, जब तक कोई बड़ी परेशानी न आ जाए. उस मुश्किल वक्त में, जब वह खुद दूसरे शहर में थीं, उनके घर के दरवाजे पर एम्बुलेंस पहुंच जाना उनके लिए बड़ी राहत था. इससे उन्हें लगा कि दूरी के बावजूद वह अपने परिवार की मदद कर पा रही हैं.
Praachii ने अपनी कहानी किसी प्रचार के लिए नहीं, बल्कि जानकारी देने के लिए शेयर की. वह चाहती थीं कि लोगों को पता चले कि ऐसी सेवा मौजूद है, जो इमरजेंसी में काम आ सकती है. Blinkit की एम्बुलेंस सेवा, जो पिछले साल जनवरी में गुरुग्राम में शुरू हुई थी, अब काफी लोगों की मदद कर रही है. कंपनी के CEO Albinder Dhindsa के अनुसार, इस सेवा ने सिर्फ एक साल में 4,200 से ज्यादा मामलों को संभाला है.
Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.
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