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6 मिनट में आई एंबुलेंस, 10 मिनट में लौट आई सांसें, Blinkit ने बचाई दादी की जान

जिस ऐप से हम सब्जी और दूध मंगाते हैं, उसी ने किसी की जिंदगी बचा ली. एक इमरजेंसी में Blinkit की एंबुलेंस 6 मिनट में पहुंची और वो भी बिल्कुल मुफ्त. सोशल मीडिया पर ये कहानी अब लोगों की आंखें नम कर रही है.

6 मिनट में आई एंबुलेंस, 10 मिनट में लौट आई सांसें, Blinkit ने बचाई दादी की जान
Blinkit की एंबुलेंस ने बचाई बुजुर्ग महिला की जान

Blinkit Ambulance Service: जिस ऐप से लोग रोज सब्जी और दूध मंगाते हैं, वही ऐप किसी की जिंदगी भी बचा सकता है. दिल्ली में एक परिवार ने वो पल देखा, जब Blinkit की एंबुलेंस सिर्फ 6 मिनट में पहुंची और कुछ ही मिनटों में एक बुजुर्ग महिला की जान बचा ली गई. यह कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और 10 मिनट डिलीवरी की बहस को एक नया नजरिया दे रही है. यह कहानी है शिवम कुकरेजा की, जिन्होंने LinkedIn पर अपनी दादी की इमरजेंसी का अनुभव साझा किया. तीन दिन पहले सुबह करीब 8 बजे उनकी दादी घर पर अचानक गिर पड़ीं. होश नहीं था, लेकिन दिल धड़क रहा था. परिवार घबराया हुआ था...112 पर कॉल किया गया, लेकिन एंबुलेंस आने में समय लग रहा था और हर सेकंड भारी लग रहा था.

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Blinkit ऐप बना जिंदगी की उम्मीद (Blinkit Ambulance Feature in Action)

इसी बीच शिवम को याद आया कि हाल ही में Blinkit पर एंबुलेंस फीचर देखा था. बिना ज्यादा सोचे उन्होंने ऐप खोला स्क्रीन पर लिखा था, 6 मिनट. रिक्वेस्ट डालते ही एक मिनट के अंदर कन्फर्मेशन कॉल आ गया और चार मिनट बाद एंबुलेंस दरवाजे पर थी.

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जब बिल पूछा तो जवाब ने दिल छू लिया (A Free Service That Shocked the Family)

एंबुलेंस में मौजूद दो नर्सों ने तुरंत बीपी और शुगर चेक की. पता चला कि दादी की ब्लड शुगर 40 तक गिर चुकी थी. फौरन ड्रिप दी गई और करीब 10 मिनट में दादी को होश आ गया. इसके बाद उन्हें सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया. सब कुछ ठीक होने के बाद शिवम ने फीस पूछी. उन्हें लगा यह पेड सर्विस होगी, लेकिन जवाब सुनकर वो हैरान रह गए. नर्सों ने कहा, यह Blinkit का भरोसा है, हम इसके पैसे नहीं लेते. टिप देने की कोशिश भी उन्होंने शालीनता से ठुकरा दी.

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10 मिनट में लौटी जान (Life Saved in Just 10 Minutes)

शिवम कुकरेजा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि, 'मैं कल्पना भी नहीं कर सकता कि उन्होंने जैसे ऐसे नाजुक समय में कितने परिवारों की मदद की होगी. अब से, मैं Blinkit या Zomato पर चेकआउट के समय 1-2 के दान के विकल्प को कभी नहीं हटाऊंगा, क्योंकि कभी-कभी, ये छोटे-छोटे योगदान मिलकर किसी की जान बचा सकते हैं. 10 मिनट डिलीवरी को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं, लेकिन यह घटना दिखाती है कि टेक्नोलॉजी सही नीयत से इस्तेमाल हो तो जिंदगियां बचा सकती है. Blinkit और Zomato जैसे प्लेटफॉर्म पर चेकआउट के वक्त आने वाला 1-2 रुपये का डोनेशन कई बार किसी के लिए जिंदगी बन जाता है.

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