Viral Video: दमन के कलेक्टर सौरभ मिश्रा का एक वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे थार और फॉर्च्यूनर गाड़ी के मालिकों को सेफ ड्राइविंग करने की शपथ दिलाते हुए नजर आ रहे हैं. इस दौरान लोगों के हाथों में पीले रंग के पोस्टर साफ देखे जा सकते हैं, जिन पर 'भाई गिरी कूल नहीं हैं', 'रफ्तार नहीं संस्कार', 'मेरी गाड़ी मेरी ताकत है घमंड नहीं' जैसे मैसेज लिखे हुए हैं. लोगों के पीछे सैकड़ों एसयूवी भी पार्किंग एरिया में पार्क नजर आ रही हैं.
आनंद महिंद्रा तक पहुंचा संदेश
दमन के सूचना और जनसंपर्क विभाग ने इस पूरे कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है. प्रशासन ने अपनी इस शानदार मुहिम को महिंद्रा ग्रुप के मशहूर अभियान #TharKaMatlabZimmedari से भी जोड़ा है. पोस्ट में महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा को खास तौर पर टैग किया गया है.
Thar and Fortuner owners participating in the ‘Thar-Fortuner Sankalp Yatra' and taking the Road Safety Pledge administered by District Collector. @anandmahindra #daman #damanpublicity #thar #fortuner #TharKaMatlabZimmedari #awareness pic.twitter.com/K62cTnQDDm
— Department of Information & Publicity (@DamanPublicity) September 9, 2026
आखिर थार और फॉर्च्यूनर पर ही फोकस क्यों?
भारत में थार और फॉर्च्यूनर सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली एसयूवी हैं. सड़क पर इनका अलग ही जलवा होता है. लेकिन दिक्कत तब होती है जब कुछ लोग इनका इस्तेमाल खतरनाक स्टंट या खराब ड्राइविंग के लिए करते हैं और उनके वीडियो वायरल हो जाते हैं. इससे उन कारों को चलाने वाले अच्छे और समझदार ड्राइवरों की छवि भी खराब होती है.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, लोगों ने रखी अपनी बात
इस अनोखे आयोजन का वीडियो सामने आते ही इंटरनेट पर लोगों ने इस पर खुलकर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं.
एक यूजर ने लिखा, 'यह एक बहुत अच्छी पहल है. लेकिन 90% भारतीय ड्राइवरों को यह नहीं पता कि सुरक्षित ड्राइविंग क्या होती है? उन्हें यह समझाना होगा कि सुरक्षित ड्राइविंग क्या है. एकदम बाईं ओर से दाईं ओर मुड़ना, बाईं ओर से ओवरटेक करना, यहां तक कि यू-टर्न लेते समय भी ऐसा करना, और अचानक लेन बदलना. इन सभी चीजों के बारे में उन्हें खास तौर पर बताना होगा कि ये ज्यादातर दुर्घटनाओं की वजह बनती हैं. सुरक्षित ड्राइविंग का मतलब सिर्फ धीरे-धीरे गाड़ी चलाना नहीं है.'
दूसरे यूजर ने लिखा, 'नेता भी भगवान या माता-पिता की कसम खाते हैं कि वे ऐसा-वैसा करेंगे. तो क्या आप आम आदमी से यह उम्मीद करते हैं कि वह अपनी कसम निभाएगा?'
तीसरे यूजर ने लिखा, 'अगर अधिकारी ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने में सख्ती बरतें और ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करें, तो ज्यादातर समस्याएं हल हो जाएंगी.'
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