Trending: बेंगलुरु की क्राइस्ट यूनिवर्सिटी से बीबीए की पढ़ाई करने वाला एक कॉलेज स्टूडेंट 3 महीने की छुट्टियों में रेपिडो ड्राइवर बन गया. वह रोजाना सुबह 8 बजे ऑनलाइन होता था और शाम 4:30 बजे तक वापस घर आ जाता था. करीब 8.5 घंटे ऑनलाइन रहकर वह बाइक टैक्सी चलाता था और खाली समय में फूड ऑर्डर भी डिलीवर करता था. अच्छे दिन में वो लगभग 1200 रुपये तक कमा लेता था. ये काम उसने फर्स्ट ईयर के एग्जाम के बाद शुरू किया था जो दूसरे साल की पढ़ाई शुरू होने तक चला था. काम खत्म करने से पहले उसने बताया कि 'गिग वर्कर' बनकर उसने क्या सीखा और कितना कमाया.
स्मार्ट काम करके पैसा कमाना आसान
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट के r/bangalore फॉरम पर उसने लिखा, 'शुरू में, मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि यह प्लेटफॉर्म कैसे काम करता है. लेकिन कुछ समय बिताने के बाद, मुझे समझ आने लगा कि डिमांड कहां और कब होती है और एल्गोरिदम का ज्यादा से ज्यादा फायदा कैसे उठाया जाए. एक बार जब मुझे यह समझ आ गया, तो अच्छी कमाई करना काफ़ी आसान हो गया. मेरे लिए, यह सच में एक अच्छा साइड काम था. लेकिन इसने मुझे उन लोगों के बारे में भी बहुत सोचने पर मजबूर किया जो अपनी पूरी जिंदगी इसी तरह के गिग वर्क पर निर्भर होकर बिताते हैं.'
किस महीने में कितनी हुई कमाई?
RapTer_OP नाम ने यूजर ने मई, जून और जुलाई की कमाई के स्क्रिनशॉट्स शेयर किए हैं. इसमें साफ नजर आ रहा है कि उन्हें सबसे ज्यादा राइड जून के महीने में मिली हैं, जिससे उन्हें सबसे ज्यादा कमाई हुई है. स्क्रिनशॉट्स के मुताबिक, मई में 96 राइड कंप्लीट करके उन्होंने 5650 रुपये कमाए. इसी तरह, जून में 277 राइड कंप्लीट करके उन्होंने 1660 रुपये कमाए. वहीं, जुलाई में 233 राइड कंप्लीट करके उन्होंने 14222 रुपये कमाए.
खर्चा काटकर कितने बचते थे?
खर्चे से पहले मेरी एक दिन की कुल कमाई 1200 से 1300 रुपये होती थी. मेरा रोज के फ्यूल का खर्च लगभग 250 से 300 रुपये था. इसलिए फ्यूल के बाद मेरे पास आम तौर पर 1000 से 1050 रुपये बच जाते थे. जहां तक मेंटेनेंस की बात है, मुझे ठीक से नहीं पता कि इसमें कितना खर्च जोड़ना चाहिए, क्योंकि मैंने उस दौरान बाइक की सर्विसिंग सिर्फ दो बार करवाई थी. एक सर्विस रैपिडो शुरू करने से लगभग एक महीने पहले हुई थी, और दूसरी उस 3 महीने के दौरान हुई थी जब मैं यह काम कर रहा था. सर्विस का खर्च लगभग 1500 रुपये आया था. यानी फ्यूल के बाद असल में मेरी जेब में रोजाना लगभग 1000 रुपये आते थे. मैंने डेप्रिसिएशन, टायर, ऑयल वगैरह का ठीक से हिसाब नहीं लगाया था, इसलिए मैं उन्हें मिलाकर कोई झूठा 'मुनाफा' नहीं बताना चाहता.
'मैं ज्यादा ब्रेक नहीं लेता था'
इस स्टूडेंट ने लिखा, 'उन घंटों के दौरान मैं ज्यादा ब्रेक नहीं लेता था. अगर मैं ऑनलाइन होता था, तो या तो काम कर रहा होता था या अगले ऑर्डर का इंतजार कर रहा होता था. चूंकि मेरे लिए यह सिर्फ छुट्टियों में पैसे कमाने का जरिया था, इसलिए मेरे पास हमेशा घर लौटने का ऑप्शन था. जो कोई इसे फ़ुल-टाइम करता है, उसके पास जरूरी नहीं कि यह ऑप्शन हो.'
गिग वर्कर बनने के बाद दिए 3 सबक
RapTer_OP आगे कहते हैं कि बात सिर्फ रोज के 1200 रुपये कमाने की नहीं थी. मुझे यह समझने का मौका मिला कि एक गिग वर्कर होना कैसा होता है. इंतजार करना, फ्यूल का खर्च, अनिश्चितता, प्लेटफॉर्म के नियम, कस्टमर की दिक्कतें, रेस्टोरेंट की परेशानियां और हर समय चलते रहने का दबाव. इस अनुभव से मैंने जो सबसे बड़ी बात सीखी, वह यह है:-
- एक स्टूडेंट के तौर पर 3 महीने तक गिग वर्क करना और इसलिए गिग वर्क करना क्योंकि आपका परिवार उस पर निर्भर है. इन दोनों में बहुत फर्क है.
- मेरे लिए, यह बस एक साइड इनकम का एक जरिया था.
- किसी और के लिए, वही 1,200 बिल भरने या न भर पाने के बीच का अंतर हो सकते हैं.
मैं उन लोगों से भी सुनना चाहूंगा जो रैपिडो/स्विगी/ज़ोमैटो में फुल-टाइम काम कर रहे हैं. आपका अनुभव कैसा रहा है, खासकर सपोर्ट, रेटिंग, कैंसिलेशन और कमाई के मामले में?
यहां पढ़ें पूरी पोस्ट:-
My 3-month experience doing Rapido as a side hustle in Bangalore — ₹1.2k/day, algorithm, restaurants & what I learned
by u/RapTer_OP in bangalore
सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?
जैसे-जैसे ये पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई, वैसे-वैसे कमेंट बॉक्स उस कॉलेज स्टूडेंट की तारीफों से भरने लगा.
एक यूजर ने लिखा, 'यह एक बहुत अच्छी और इंफोर्मेटिव पोस्ट है. इसमें दुनिया का एक ऐसा पहलू दिखाया गया है जो आम तौर पर रेडिट के लोगों के सामने नहीं आता.'
एक दूसरे यूजर ने लिखा, 'अरे वाह! यह तो सच में बढ़िया है. अगर कोई 1 लाख रुपये में बाइक खरीदता है, तो महीने में 20 दिन काम करने पर 5 महीने में ही लागत वसूल हो सकती है. बुरा नहीं है. शायद मुझे भी इस बारे में सोचना चाहिए.'
तीसरे यूजर ने लिखा, 'जिस तरह से आपने इसे पेश किया है, उससे पता चलता है कि आपने पूरे अनुभव को पॉलिटिव और सीखने के मौके के तौर पर लिया है. यही नजरिया बनाए रखें. आप जमीन से जुड़े रहते हुए भी तरक्की करेंगे. बहुत बढ़िया काम.'
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