जुर्गेन बैलोम (Jurgen Bailom) को ये मुकाम रातोंरात नहीं मिला है, बल्कि इसके पीछे करीब 40 सालों का लंबा एक्सपीरियंस है. हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि, 'हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में उनका पहला काम जहाज पर वेटर का था.' जब कंटेंट क्रिएटर नवन जायसवाल ने जुर्गेन बैलोम से पूछा कि, 'आपकी पहली नौकरी क्या थी?' बेलॉम ने जवाब दिया, 'वेटर.' जब उनसे पूछा गया कि, 'वो इतनी तरक्की कैसे कर पाए', तो उन्होंने जवाब दिया कि, 'कुछ भी कर गुजरने का नजरिया. मैंने बहुत तेजी से सीखा और मार्केट, लोगों और कल्चर को समझा.'
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अपनी फाइनेंशियल सफलता के बारे में अपनी सोच बताते हुए बैलोम ने सलाह दी कि, 'अगर जरूरत न हो तो पैसे खर्च न करें. मेरा मानना है कि आपको पैसे के पीछे भागने की जरूरत नहीं है. अगर आप जानते हैं कि क्या करना है, तो पैसा खुद आपके पीछे आएगा.' आज वे 8,000 करोड़ रुपये की वैल्यू वाली कंपनी के CEO हैं. वीडियो में बताया गया है कि, कंपनी कॉर्डेलिया क्रूज (Cordelia Cruises) भारतीय क्रूज मार्केट के 99 प्रतिशत हिस्से पर राज कर रही है.

वेटर के काम से शुरू हुआ सफर, भारत में खड़ा किया 8,000 करोड़ का ब्रांड
नवन जायसवाल के साथ जुर्गेन बैलोम ने कई सब्जेक्ट पर बात की, जैसे कि उन्होंने वेटर के तौर पर कैसे शुरुआत की, क्रूज बिजनेस चलाने की चुनौतियां. जुर्गेन बैलोम ने बताया कि, 'इंडस्ट्री में उनकी पहली नौकरी एक जहाज पर वेटर के तौर पर थी. उन्होंने अपनी तरक्की का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत और हालात के हिसाब से ढलने की काबिलियत को दिया.'
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साल 2018 में भारत आने वाले जुर्गेन ने यहां के विशाल समुद्री तटों में बड़ा व्यापार देखा. आज उनकी कंपनी कॉर्डेलिया क्रूज का नेटवर्क लगभग 8,000 करोड़ रुपये का है और सालाना 600 से 700 करोड़ का बिजनेस करते हैं. भारत के मरीन टूरिज्म सेक्टर में अकेले कॉर्डेलिया का दबदबा है. जुर्गेन का कहना है कि, 'भारत की कोस्टल बाउंड्री इतनी बड़ी है कि यहां क्रूज बिजनेस को सफल बनाना बेहद आसान काम है.'
भारतीय संस्कृति और वास्तु में अटूट विश्वास
विदेशी होने के बावजूद जुर्गेन भारत के तौर-तरीकों में पूरी तरह ढल चुके हैं. मिंट को दिए एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि, 'वो अपने दफ्तर में नियमित रूप से पूजा-पाठ करवाते हैं. उन्होंने अपने ऑफिस में डेस्क की दिशा भी वास्तु के हिसाब से सही कराई है.' मुंबई शहर की रफ्तार और लोगों की मेहनत की तारीफ करते हुए वो कहते हैं कि, 'यहां हर कोई अपनी रोजी-रोटी के लिए पूरी लगन से जुटा रहता है.'
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)
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