Inspirational Success Story: कल्पना कीजिए उस मंजर की, जब आप 11 साल की उम्र से अपनी नींद, चैन और सुकून सिर्फ एक ख्वाब के लिए कुर्बान कर दें. दिन-रात की कड़ी मेहनत, पसीने से भीगे हुए रिहर्सल रूम्स और 10 साल का लंबा इंतजार और फिर एक दिन आपसे कह दिया जाए 'तुम्हारी आवाज में वो दम नहीं, तुम रिजेक्टेड हो.' ज्यादातर लोग इस मोड़ पर टूट जाते हैं, लेकिन ईजे (EJAE) की कहानी यहां खत्म नहीं, बल्कि यहीं से शुरू हुई. यह कहानी है उस लड़की की, जिसने अपने 'रिजेक्शन' को दुनिया की सबसे बड़ी 'रीडायरेक्शन' (Redirection) बना दिया, जिसने साबित किया कि अगर आप चमकने का हुनर रखते हैं, तो दुनिया की कोई भी दीवार आपका रास्ता नहीं रोक सकती. आज की यह खास स्टोरी उन सभी के लिए है, जो एक असफलता के बाद घर बैठ गए हैं.
10 साल तक पसीना बहाने के बाद जब उसे 'ना' कहा गया, तो उसने अपनी राह बदली, मगर हौसला नहीं. यकीन मानिए, इस 'देसी तड़के' वाली मोटिवेशनल कहानी को पढ़ने के बाद आप भी कहेंगे...'अपना टाइम भी आएगा.'

किस्मत ने मारा जोर का झटका, फिर भी नहीं मानी हार (Rejection Turned into Success Story of EJAE)
कहानी शुरू होती है एक 11 साल की नन्ही जान से, जिसने के-पॉप (K-pop) स्टार बनने का ख्वाब अपनी आंखों में पाल लिया था. ईजे ने एसएम एंटरटेनमेंट (SM Entertainment) जॉइन किया, जहां 10 साल तक उसने न अपनी नींद देखी, न चैन. रोजाना घंटों प्रैक्टिस, जी-तोड़ मेहनत और हर वो बलिदान जो एक कलाकार को निखारता है, लेकिन भाई साहब, ट्विस्ट तब आया जब 10 साल बाद उसे यह कहकर निकाल दिया गया कि, 'तुम्हारी आवाज में वो दम नहीं, तुम डेब्यू के लायक नहीं हो.' सोचिए, जवानी की दहलीज पर खड़े किसी शख्स के लिए 10 साल की मेहनत का पानी में मिल जाना कैसा लगता होगा? कोई और होता तो शायद टूटकर बिखर जाता, पर ईजे की मिट्टी कुछ अलग ही थी.
कोरिया से न्यूयॉर्क का सफर और परदे के पीछे का जलवा (EJAE Journey from K-pop Trainee to Global Lyricist)
उसने हार नहीं मानी, बल्कि अपना गियर बदला. वो कोरिया की गलियां छोड़कर न्यूयॉर्क के एनवाईयू टिश स्कूल ऑफ आर्ट्स (NYU Tisch School of the Arts) पहुंच गई. यहां उसने अपनी आवाज के बजाय अपनी कलम को हथियार बनाया. उसने रेड वेलवेट (Red Velvet) और एस्पा (aespa) जैसे बड़े बैंड्स के ग्लोबल हिट्स में को-राइटर के तौर पर काम किया. दुनिया उसे जानती नहीं थी, मगर उसकी लिखी धुनें पूरी दुनिया गुनगुना रही थी. इसे कहते हैं खामोशी से अपनी सल्तनत खड़ी करना.
ये भी पढ़ें:-सैलरी आते ही हो जाती है रफूचक्कर? इस माइक्रोसॉफ्ट कर्मचारी से सीखें 1.36 लाख रुपये को मैनेज करने का धाकड़ तरीका
नेटफ्लिक्स ने बदला गेम और गोल्डन ग्लोब की चमक (Netflix K-pop Demon Hunters and Grammy Win)
असली धमाका हुआ साल 2025 में, जब नेटफ्लिक्स ने उन्हें 'के-पॉप डिमन हंटर्स' के लिए बतौर राइटर हायर किया, लेकिन जैसे ही उन्होंने ईजे की आवाज सुनी, वो दंग रह गए. उनकी आवाज इतनी दमदार थी कि उन्हें लीड वॉयस बना दिया गया. उनका थीम सॉन्ग 'गोल्डन' (Golden) पूरी दुनिया में छा गया और बिलबोर्ड हॉट 100 पर महीनों तक राज किया. इसके बाद 2026 में गोल्डन ग्लोब और फिर ग्रैमी (Grammy Award) जीतकर उन्होंने साबित कर दिया कि रिजेक्शन असल में एक नया रास्ता (Redirection) होता है. जब वो स्टेज पर रोते हुए बोल रही थीं, तो हर उस शख्स को जवाब मिल गया जिसने कभी उन्हें रिजेक्ट किया था.

ये भी पढ़ें:-शिव भक्ति का अनोखा रिकॉर्ड! नन्हीं भाविका की जुबान पर विराजे महादेव, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज
ईजे की ये कहानी सिखाती है कि अगर आप चमकने के लिए पैदा हुए हैं, तो दुनिया का कोई भी दरवाजा आपको अंधेरे में नहीं रख सकता. अगर आज आपको रिजेक्शन मिल रहा है, तो समझ लीजिए भगवान आपको किसी बड़े गेट की तरफ ले जा रहा है. बस रुकना मत.
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं