कभी हमारे सोलर सिस्टम का हिस्सा माने जाने वाला प्लूटो आज भी लोगों के दिलों में खास जगह रखता है. अब एक 10 साल की बच्ची ने इस भावना को शब्दों में पिरोकर नासा को चिट्ठी लिखी, जो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही है. इस मासूम लेकिन समझदारी भरी अपील ने न सिर्फ लोगों का दिल जीता, बल्कि एक बार फिर प्लूटो को लेकर पुरानी बहस भी छेड़ दी है.
बच्ची की चिट्ठी में क्या खास है?
10 साल की कैला (Kaela) ने हाथ से लिखी चिट्ठी में नासा से अपील की कि प्लूटो को फिर से ग्रह का दर्जा दिया जाए. उसने अपने तर्क में लिखा कि प्लूटो हमारे सोलर सिस्टम का हिस्सा है और पहले इसे ग्रह माना जाता था, इसलिए इसे दोबारा वही दर्जा मिलना चाहिए. कैला ने यह भी कहा, कि अगर ऐसा होता है तो बहुत से लोग खुश होंगे, जिनमें वह खुद और उसके दोस्त भी शामिल हैं.
छोटे-छोटे तथ्यों से रखा बड़ा तर्क
इस चिट्ठी की सबसे खास बात यह रही कि बच्ची ने सिर्फ भावनाओं के आधार पर बात नहीं की, बल्कि कई वैज्ञानिक तथ्य भी लिखे. उसने बताया कि प्लूटो की खोज 1930 में Clyde Tombaugh ने की थी. यह रक्षक बेल्ट में स्थित है. इसका आकार पृथ्वी के चंद्रमा से भी छोटा है. इसके 5 ज्ञात चंद्रमा हैं. चिट्ठी के अंत में उसने अपनी हैंडराइटिंग और स्पेलिंग की गलतियों के लिए माफी भी मांगी, जिसने लोगों का दिल छू लिया.
Dear @NASA. From 10 year old Kaela. She is mailing to you today. Too cute not to post. She and her family are friends of ours. #bringplutoback pic.twitter.com/goPIb55iQG
— Mike's Weather Page (@tropicalupdate) April 9, 2026
NASA का जवाब बना खास पल
इस पूरे मामले को और खास बना दिया नासा के जवाब ने. नासा ने कैला की चिट्ठी पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा- केला, हम इस मामले की जांच कर रहे हैं. यह छोटा सा जवाब सोशल मीडिया पर और ज्यादा वायरल हो गया.
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं
इंटरनेट यूजर्स ने इस चिट्ठी को खूब पसंद किया. कई लोगों ने बच्ची की जिज्ञासा और समझ की तारीफ की. कुछ यूजर्स ने मजाक में कहा कि प्लूटो का नाम अब कैला के नाम पर रख देना चाहिए. वहीं, कुछ लोगों ने इस मौके पर फिर से यह बहस छेड़ दी कि आखिर ग्रह की परिभाषा क्या होनी चाहिए. कुछ ने Eris जैसे अन्य खगोलीय पिंडों का भी जिक्र किया. कई लोगों को अपने बचपन की याद भी आ गई, जब प्लूटो को एक ग्रह माना जाता था.
प्लूटो को लेकर पुरानी बहस फिर शुरू
प्लूटो को 2006 में ग्रह की श्रेणी से हटाकर ‘ड्वार्फ प्लैनेट' (बौना ग्रह) घोषित कर दिया गया था. तब से यह विषय अक्सर चर्चा में बना रहता है. अब इस छोटी सी बच्ची की चिट्ठी ने एक बार फिर इस मुद्दे को लोगों के बीच ला दिया है.
(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)
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