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यहां 76 सालों में पहली बार मिला चूहा, प्रशासन में मचा हड़कंप, सड़कों पर उतार दी पेट्रोल टीमें

1950 में 'रैट कंट्रोल प्रोग्राम' शुरू करके कनाडा के एक प्रांत ने कैसे हरेक चूहे को ही साफ कर दिया. 7 दशकों से यहां के लोग बिना चूहों के खतरे के रह रहे हैं लेकिन अब एक मरा हुआ चूहा इस प्रांत के रिकॉर्ड पर धब्बा लगाता दिख रहा है.

यहां 76 सालों में पहली बार मिला चूहा, प्रशासन में मचा हड़कंप, सड़कों पर उतार दी पेट्रोल टीमें
कनाडा का अल्बर्टा प्रांत में एक चूहा नहीं था और अब एक मरा चूहा मिला (प्रतिकात्मक फोटो)
  • अल्बर्टा राज्य में पिछले सात दशकों से कोई चूहा नहीं पाया गया था, जो इसे पूरी दुनिया में अनोखा बनाता है
  • लेकिन सितंबर के अंतिम सप्ताह में यहां के बोडेन शहर में एक मरे चूहे की खोज के बाद रैट पेट्रोल टीम को बुलाया गया
  • 1950 में शुरू हुए रैट कंट्रोल प्रोग्राम से अल्बर्टा ने चूहों को पूरी तरह नियंत्रित करने में सफलता पाई थी

कनाडा का अल्बर्टा राज्य एक बात में बहुत खास है. यहां 7 दशक से एक भी चूहा नहीं था. अल्बर्टा में वही स्थिति थी जो अंटार्कटिका और हाई आर्कटिक जैसे सालभर बर्फ में जमे रहने वाले जगहों पर देखने को मिलती है. यही वजह है कि अल्बर्टा को दुनिया का एकमात्र ऐसा रीजन माना जाता है जहां इंसान रहते हैं और कोई चूहा नहीं मिलता. लेकिन अब एक मरे चूहे ने इस ख्याति पर खतरा ला दिया है. इस राज्य के बोडेन शहर में सितंबर के आखिरी हफ्ते में एक मरा हुए चूहा मिला, जिसके बाद जांच के लिए प्रांत की 'रैट पेट्रोल' टीम को बुलाया गया.

द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी एक बयान में जनता से कहा गया कि अगर आपको चूहों की गंदगी या चूहों के होने का कोई भी संकेत दिखे, तो कृपया 'रैट पेट्रोल अल्बर्टा' से संपर्क करें ताकि वे इस पर कार्रवाई कर सकें. कृपया सतर्क रहें और चूहों के दिखने पर इसकी सूचना दें.

1950 में आई योजना और चूहों का हो गया अंत

1950 में 'रैट कंट्रोल प्रोग्राम' शुरू होने के बाद से अल्बर्टा के लोग चूहों के खतरे के बिना रह रहे हैं. 1950 के दशक में अल्बर्टा के अधिकारियों को शक हुआ कि चूहे पड़ोसी राज्य सस्केचेवान से घुसने की कोशिश कर सकते हैं. इसलिए उन्होंने चूहों की घुसपैठ पर नजर रखने के लिए एक रैट कंट्रोल जोन. यह जमीन का एक हिस्सा था जो उत्तर में कोल्ड लेक से लेकर दक्षिण में मोंटाना बॉर्डर तक फैला था. इसके अलावा, चूहों के फैलाव को रोकने के लिए जून 1952 से जुलाई 1953 के बीच, 2,700 खेतों में मौजूद 8,000 इमारतों में 73% आर्सेनिक ट्राइऑक्साइड पाउडर का इस्तेमाल किया गया.

प्रांत ने 1950 में अल्बर्टा एग्रीकल्चरल पेस्ट्स कानून में भी बदलाव किया, जिसके तहत हर व्यक्ति और नगरपालिका के लिए चूहों के मिलते ही उन्हें खत्म करना जरूरी कर दिया गया. यहां तक कि 'कॉल ऑफ द लैंड' नाम का एक रेडियो शो भी चलाया गया. आज भी यहां चूहों के बारे में जानकारी देने के लिए खास टेलीफोन लाइनें और एक ईमेल एड्रेस मौजूद है.

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