- डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए थोड़ा और समय मिलने पर तेल आपूर्ति शुरू करने की बात कही.
- पहले ट्रंप ने ईरान को धमकी दी थी कि अगर होर्मुज बंद रखा गया तो अमेरिका उनके पावर प्लांट्स पर हमला करेगा.
- ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका होर्मुज से तेल लगभग नहीं लेता और यह सुरक्षा अन्य देशों की जिम्मेदारी है.
ईरान के साथ चल रहे जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को होर्मुज स्ट्रेट को एक नया बयान दिया. ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखे एक पोस्ट में होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर थोड़ा और समय मिलने की बात कही. ट्रंप ने लिखा- "थोड़ा और समय मिलने पर हम आसानी से होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोल सकते हैं, तेल हासिल कर सकते हैं, और अकूत दौलत कमा सकते हैं." अमेरिकी राष्ट्रपति ने सवाल उठाते हुए यह भी लिखा कि क्या यह दुनिया के लिए "दौलत का फव्वारा" साबित होगा?
मालूम हो कि ईरान के साथ बीते एक महीने से अधिक समय से चल रहे इस जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज स्ट्रेट को लेकर पहले भी कई टिप्पणियां कर चुके हैं.

ईरान से जंग के बीच होर्मुज पर ट्रंप के धमकी भरे बयान
- 11 मार्च को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखे पोस्ट में धमकाते हुए लिखा था, 'अगर ईरान ऐसा कुछ करता है जिससे होर्मुज स्ट्रेट से तेल का फ्लो रुक जाता है तो अमेरिका ने हमलों में अब तक जितना नुकसान पहुंचाया है, उससे 20 गुना ज्यादा नुकसान पहुंचाएगा.'
- 15 मार्च को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह से नष्ट हो गई है. हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि ईरान के लिए एक-दो ड्रोन भेजना, माइन अटैक करना या होर्मुज स्ट्रेट के आसपास कम दूरी की मिसाइल दागना आसान है, भले ही वह कितनी भी बुरी तरह हार गया हो.
- 22 मार्च को ट्रंप ने होर्मुज को लेकर धमकी देते हुए कहा- अगर ईरान अगले 48 घंटों के भीतर 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (समुद्री रास्ता) को पूरी तरह नहीं खोलता है तो संयुक्त राज्य अमेरिका उनके अलग-अलग पावर प्लांट्स पर हमला कर उन्हें पूरी तरह तबाह कर देगा. ट्रंप ने कहा कि इसकी शुरुआत सबसे बड़े पावर प्लांट से होगी.
- 31 मार्च को ट्रंप ने लिखा- 'अमेरिका एक नए और ज्यादा समझदार शासन के साथ गंभीर बातचीत कर रहा है, ताकि ईरान में हमारा सैन्य ऑपरेशन खत्म किया जा सके. इसमें काफी प्रगति हुई है लेकिन अगर किसी भी वजह से जल्द ही कोई समझौता नहीं हो पाता है और होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत नहीं खोला जाता है तो हम ईरान में अपने ऑपरेशन को इस तरह खत्म करेंगे कि उनके सभी पावर प्लांट, तेल के कुएं और खार्ग द्वीप और शायद वॉटर डिसैलनाइजेशन प्लांट को बम से उड़ाकर पूरी तरह तबाह कर देंगे.'
- 2 अप्रैलः अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से लगभग न के बराबर तेल लेता है. हमें इसकी जरूरत नहीं है. जो देश होर्मुज से तेल लेना चाहते करते हैं, उन्हें इस मार्ग का ध्यान रखना चाहिए. उन्हें इसे सुरक्षित रखना चाहिए और इसकी रक्षा करनी चाहिए, हमें ऐसी कोई जरूरत नहीं है. ईरान के साथ हमारी जंग खत्म होगी, तो अपने आप ये रास्ता सभी के लिए खुल जाएगा."
नाटो सदस्यों से मदद नहीं मिलने पर भी भड़के थे ट्रंप
ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर धमकी भरे बयान दिए. लेकिन उनकी कथनी और करनी में अंतर दिखा. ट्रंप को होर्मुज के मसले पर नाटो देशों से सहयोग की उम्मीद थी, लेकिन वह पूरी नहीं हुई. जिसके बाद ट्रंप ने NATO सहयोगी देशों को सख्त संदेश देते हुए कहा है कि अगर सदस्य देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा में सहयोग नहीं करते तो गठबंधन का भविष्य 'बहुत बुरा' हो सकता है. ट्रंप ने स्पष्ट किया कि होर्मुज से लाभ उठाने वाले देशों की जिम्मेदारी है कि वे क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने में सक्रिय योगदान दें.
होर्मुज खोलने में नाटो देशों से सहयोग नहीं मिलने पर ट्रंप ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "अमेरिका के बिना, नाटो एक कागजी शेर है! वे परमाणु शक्ति संपन्न ईरान को रोकने के लिए लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहते थे. अब वह लड़ाई सैन्य रूप से जीत ली गई है, और उनके लिए खतरा बहुत कम है."
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