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अमेरिकी सैन्य बेस जो बना नशेड़ियों का अड्डा... तालिबान ने रीहैब हॉस्पिटल बनाया, पाकिस्तान ने उड़ा दिया

काबुल के हॉस्पिटल पर पाकिस्तान के हमले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. BBC की रिपोर्ट के मुताबिक यह जगह पहले अमेरिकी सैन्य बेस रही थी. बाद में यह जगह नशेड़ियों का कुख्यात अड्डा बनी. जिसे तालिबान ने 2021 में रिहैब सेंटर में बदला. ऐसे में पाकिस्तान को शक हो सकता है कि यहां आतंकी छिपे थे या सपोर्ट मिल रहा था. या फिर यह गलत खुफिया जानकारी के आधार पर की गई कार्रवाई हो सकती है.

अमेरिकी सैन्य बेस जो बना नशेड़ियों का अड्डा... तालिबान ने रीहैब हॉस्पिटल बनाया, पाकिस्तान ने उड़ा दिया
  • काबुल के ड्रग रिहैबिलिटेशन हॉस्पिटल पर हुए एयरस्ट्राइक में करीब 400 लोगों की मौत और 250 से अधिक घायल हुए हैं.
  • तालिबान सरकार ने इस हमले के लिए PAK को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि PAK ने आतंकवादी ठिकानों पर हमले का दावा किया.
  • हमले का निशाना बना अस्पताल एक पूर्व US सैन्य बेस था, जिसे तालिबान ने नशा मुक्ति केंद्र में तब्दील किया था.

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक ड्रग रिहैबिलिटेशन हॉस्पिटल पर हुई एयरस्ट्राइक ने पूरे इलाके को दहला दिया है. तालिबान सरकार ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसने सिर्फ 'आतंकी ठिकानों' को निशाना बनाया. इस हमले में 400 लोगों के मारे जाने और 250 से ज्यादा लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है.

क्या हुआ काबुल में?

सोमवार रात काबुल में जोरदार धमाके सुने गए. चश्मदीदों के मुताबिक, इसके बाद आसमान में लड़ाकू विमान और एयर डिफेंस सिस्टम की आवाजें भी गूंजीं. हमले का निशाना बना एक बड़ा ड्रग ट्रीटमेंट सेंटर, जहां करीब 2000 लोग इलाज करा रहे थे. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, मौके पर 30 से ज्यादा शव स्ट्रेचर पर बाहर ले जाते देखे गए, जबकि तालिबान का दावा है कि मरने वालों की संख्या 400 तक पहुंच सकती है.  

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पाकिस्तान का क्या कहना है?

पाकिस्तान ने साफ तौर पर अस्पताल पर हमले से इनकार किया है. सरकार का कहना है कि हमला बहुत सटीक और सावधानी से किया गया. काबुल में सिर्फ मिलिट्री इंस्टॉलेशन और आतंकी सपोर्ट नेटवर्क को निशाना बनाया गया. पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के आरोपों को तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करना बताया है.

तालिबान सरकार का आरोप

अफगान स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता शराफत जमान अमरखैल के मुताबिक जिस जगह हमला हुआ, वहां कोई सैन्य ठिकाना नहीं था. यह पूरी तरह एक सिविलियन हेल्थ फैसिलिटी थी. तालिबान का दावा है कि यह हमला सीधे तौर पर आम नागरिकों को निशाना बनाता है. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पाकिस्तान ने इसी जगह को निशाना क्यों बनाया.

क्यों बना ये सेंटर निशाना?

इस हमले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. BBC की रिपोर्ट के मुताबिक यह जगह पहले अमेरिकी सैन्य बेस रही थी. बाद में यह जगह नशेड़ियों का कुख्यात अड्डा बनी. जिसे तालिबान ने 2021 में रिहैब सेंटर में बदला. ऐसे में पाकिस्तान को शक हो सकता है कि यहां आतंकी छिपे थे या सपोर्ट मिल रहा था. या फिर यह गलत खुफिया जानकारी के आधार पर की गई कार्रवाई हो सकती है.

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बढ़ता तनाव और खतरनाक संकेत

फरवरी से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. पाकिस्तान आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान में आतंकी संगठन पनाह ले रहे हैं, जबकि तालिबान इसे खारिज करता है. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, 26 फरवरी से अब तक इस संघर्ष में 75 लोग मारे जा चुके हैं और 190 से ज्यादा घायल हुए हैं. 

पाकिस्तान का काबुल पर यह हमला सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि एक बड़ा मानवीय संकट बनता जा रहा है. सवाल अब भी वही है, 'क्या यह सच में आतंकी ठिकाना था, या फिर निर्दोषों पर गिरा एक और बम?' इसका जवाब जो भी हो, कीमत आम लोग चुका रहे हैं.

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