पाकिस्तान ने उमर अब्दुल्ला सरकार पर जम्मू-कश्मीर की मुस्लिम पहचान को 'विकृत' करने में शामिल होने का आरोप लगाया है. अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म होने और 2024 में नई सरकार के गठन के बाद यह पहली बार है जब पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर की चुनी हुई सरकार को निशाना बनाया है. पाकिस्तान ने उमर सरकार को कठपुतली सरकार बताया है. जम्मू कश्मीर में सरकार चला रही नेशनल कॉन्फ्रेंस ने पाकिस्तान के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उसका कहना है कि पाकिस्तान को जम्मू कश्मीर में लोकतंत्र अच्छा नहीं लगता है और वह जनादेश का सम्मान नहीं करता है.
पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर पर क्या कहा है
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने अपने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वो कश्मीर में होने वाली हर घटना पर नजर रख रहे हैं. उनका कहना था कि पाकिस्तान उनसे निपटने के लिए जवाबी कार्रवाई करेगा. उन्होंने कहा,''श्रीनगर में भारत की ओर से बनाई गई कठपुतली सरकार, मुझे नहीं पता कि वे नई दिल्ली में किस तरह के विरोध-प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं. लेकिन सच्चाई यह है कि वे इस कब्जे में भागीदार हैं और जम्मू-कश्मीर की मुस्लिम पहचान को मिटाने की कोशिश में शामिल भी हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जम्मू में गुर्जरों के घरों को गिराए जाने को एक गंभीर स्थिति और कश्मीर को हिंदू प्रदेश बनाने की व्यापक योजना का हिस्सा बताया. उन्होंने कहा,घरों को गिराना,मूल निवासियों का विस्थापन और प्राकृतिक संसाधनों का दोहन वास्तव में कश्मीर को हिंदू बनाने की व्यापक योजना का हिस्सा है.'' उन्होंने कहा,''यह एक गंभीर स्थिति है और पाकिस्तान इससे अवगत है. विदेश मंत्रालय का कश्मीर डेस्क हर घटना पर नजर रख रहा है. हम अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इन मुद्दों को उठाने के लिए जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं.''
वहीं जम्मू-कश्मीर प्रशासन के मुताबिक पिछले महीने अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत कई घरों को बुलडोजर से गिरा दिया गया था. हालांकि जम्मू-कश्मीर सरकार ने बाद में इस कार्रवाई की जांच के आदेश दिए थे.
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा नहीं चाहिए पाकिस्तान का सर्टिफिकेट
वहीं पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के इस बयान पर जम्मू कश्मीर में सरकार चला रही नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उसने कहा है कि उसे पाकिस्तान से किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है. उसका कहना है कि पाकिस्तान का यह बयान केवल यह दिखाता है कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक प्रक्रिया और लोकतंत्र से सहज नहीं है और वह लोगों के जनादेश का सम्मान नहीं करता है.
नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा, '' उनका बयान दिखाता है कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र, चुनाव और संवैधानिक संघर्ष पर आधारित किसी भी राजनीतिक प्रक्रिया से असहज है. वे न तो जनादेश का सम्मान करते हैं और न ही उनकी लोकतांत्रिक आकांक्षाओं का समर्थन करते हैं.''
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