
संयुक्त राष्ट्र:
विश्व स्वास्थ्य संगठन वैज्ञानिक प्रमाण के साथ योग के अद्वितीय ज्ञान को समर्थन देने और इसे वैश्विक स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रमों में शामिल करने के लिए भारत और विश्वभर में अपने सहयोगी केंद्रों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र में डब्ल्यूएचओ कार्यालय की कार्यकारी निदेशक नाता मेनाब्दे ने 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व कल यहां कहा, ‘‘योग का ऐसे कई स्थानों पर प्रयोग किया जाता है जहां स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटा जाता है और स्वास्थ्य समस्याओं की रोकथाम एवं उन्हें काबू करने के लिए समग्र दृष्टिकोण में इसका बहुत महत्वपूर्ण स्थान है।’’
उन्होंने कहा ‘‘भारत द्वारा दुनिया को दिए गए इस प्राचीन वैदिक उपहार का अध्ययन किए जाने एवं वैज्ञानिक प्रमाणों से इसका समर्थन किए जाने और फिर इसे वैश्विक स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रमों में शामिल किए जाने की आवश्यकता है।’’
नाता ने कहा कि डब्ल्यूएचओ इस ‘‘अद्वितीय ज्ञान’’ को फैलाने और वैज्ञानिक प्रमाण से इसका समर्थन करने के लिए भारत और दुनियाभर में सहयोगी केंद्रों के साथ निकटता से काम कर रहा है ताकि योग को शामिल किया जा सके और इसकी कुछ विधाओं का मानकीकरण किया जा सके।
डब्ल्यूएचओ चिकित्सकों की शिक्षा में भी योग को शामिल करना चाहता है क्योंकि योगाभ्यास का मानकीकरण करना एक चुनौती है।
संयुक्त राष्ट्र में डब्ल्यूएचओ कार्यालय की कार्यकारी निदेशक नाता मेनाब्दे ने 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व कल यहां कहा, ‘‘योग का ऐसे कई स्थानों पर प्रयोग किया जाता है जहां स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटा जाता है और स्वास्थ्य समस्याओं की रोकथाम एवं उन्हें काबू करने के लिए समग्र दृष्टिकोण में इसका बहुत महत्वपूर्ण स्थान है।’’
उन्होंने कहा ‘‘भारत द्वारा दुनिया को दिए गए इस प्राचीन वैदिक उपहार का अध्ययन किए जाने एवं वैज्ञानिक प्रमाणों से इसका समर्थन किए जाने और फिर इसे वैश्विक स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रमों में शामिल किए जाने की आवश्यकता है।’’
नाता ने कहा कि डब्ल्यूएचओ इस ‘‘अद्वितीय ज्ञान’’ को फैलाने और वैज्ञानिक प्रमाण से इसका समर्थन करने के लिए भारत और दुनियाभर में सहयोगी केंद्रों के साथ निकटता से काम कर रहा है ताकि योग को शामिल किया जा सके और इसकी कुछ विधाओं का मानकीकरण किया जा सके।
डब्ल्यूएचओ चिकित्सकों की शिक्षा में भी योग को शामिल करना चाहता है क्योंकि योगाभ्यास का मानकीकरण करना एक चुनौती है।