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एलेक्स जेफरी प्रेट्टी कौन थे, जिनकी मौत पर सड़कों पर उतरे लोग, ट्रंप प्रशासन को देनी पड़ी सफाई

एलेक्स जेफरी प्रेट्टी, एक नर्स थे जिनकी अमेरिका में गोली मारकर हत्या हो गई, परिवार उनकी मौत से बेहद दुखी है. एलेक्स ट्रंप की इमिग्रेशन पॉलिसी के विरोध में प्रदर्शन में शामिल थे और मिनियापोलिस में आईसीई की कार्रवाई से परेशान थे.

एलेक्स जेफरी प्रेट्टी कौन थे, जिनकी मौत पर सड़कों पर उतरे लोग, ट्रंप प्रशासन को देनी पड़ी सफाई
  • एलेक्स जेफरी प्रेट्टी मिनेसोटा के एक नर्स थे जो वेटरन्स अफेयर्स अस्पताल में आईसीयू में काम करते थे
  • एलेक्स ट्रंप की इमिग्रेशन पॉलिसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे थे
  • एलेक्स की मौत पर अमेरिका में भारी विरोध प्रदर्शन हुए और ट्रंप प्रशासन ने इसे जायज ठहराने की कोशिश की
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नई दिल्‍ली:

अमेरिका में एलेक्स जेफरी प्रेट्टी की मौत ने पूरी दुनिया का ध्‍यान खींचा है. एलेक्‍स की मौत से लोग बेहद गुस्से में हैं और जमा देने वाली ठंड के बीच विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं. एलेक्‍स पर गोली चलाने वाले संघीय एजेंट की पहचान तो अभी उजागर नहीं की गई है, लेकिन ट्रंप प्रशासन मामले को लीपापोती करने में जुट गया है. बताया जा रहा है कि एलेक्‍स के पास गन थी, उससे खतरा था. हालांकि, एलेक्‍स के परिवार का कुछ और ही कहना है. आखिर, कौन थे एलेक्स जेफरी प्रेट्टी, जिनकी मौत पर अमेरिका में मचा है बवाल और राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप प्रशासन को भी देनी पड़ी सफाई?

एलेक्स जेफरी प्रेट्टी कौन थे?

एलेक्स जेफरी प्रेट्टी पेशे से एक नर्स थे. वह वेटरन्स अफेयर्स (वीए) अस्पताल में आईसीयू काम करते थे. एलेक्‍स बेहद नर्म स्‍वभाव के इंसान थे, जो दूसरों की बेहद परवाह करते थे. अपने काम के जरिए मरीजों की जान बचाने और उनकी मदद करने में गर्व महसूस करते थे. लेकिन ऐसे इंसान को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया.

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रिकॉर्ड के अनुसार, एलेक्‍स को साल 2021 में एक मिनेसोटा नर्सिंग लाइसेंस जारी किया गया था, जो मार्च 2026 तक एक्टिव था. उनका LinkedIn प्रोफ़ाइल दिखाता है कि उन्होंने पहले मिनेसोटा यूनिवर्सिटी मेडिकल स्कूल में जूनियर वैज्ञानिक के रूप में भी काम किया था. 

ट्रंप विरोधी प्रदर्शन में क्‍यों शामिल हुए थे एलेक्‍स 

अमेरिका में इन दिनों कई जगहों पर डोनाल्‍ड ट्रंप की इमिग्रेशन पॉलिसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहा है. एलेक्‍स भी ट्रंप की इस पॉलिसी से नाराज थे. साथ ही वह मिनियापोलिस में आईसीई (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) की कार्रवाइयों से काफी परेशान थे. यही वजह थी कि वह विरोध-प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए सड़कों पर उतरे थे.

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एलेक्‍स के पिता माइकल प्रेट्टी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनके बेटे के दिमाग में क्‍या चल रहा था. उन्‍होंने बताया, 'पिछले कुछ समय से मिनियापोलिस और पूरे अमेरिका में जो कुछ हो रहा है, उससे एलेक्‍स दुखी था. विरोध करना उसके लिए दूसरों के प्रति अपनी चिंता और समर्थन दिखाने का तरीका था. लेकिन ये सरकार को पसंद नहीं आया और उसे...!'

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ट्रंप प्रशासन की लीपापोती
 

ट्रंप प्रशासन अब एलेक्‍स की मौत को जायज ठहराने पर अमादा नजर आ रहा है. ट्रंप प्रशासन ने इस मामले में भी संघीय एजेंट के बचाव में कहा कि प्रेट्टी संदिग्ध था. होमलैंड सिक्योरिटी की प्रवक्ता ट्रिशिया मैकलॉघलिन ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि मृत व्यक्ति के पास से एक बंदूक और दो मैगजीन बरामद की गई. हालांकि, स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि एलेक्‍स के पास हथियार रखने का वैध लाइसेंस था और उसका कोई गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था. वहीं, गोलीबारी के बाद, मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज ने एक बार फिर राज्य में संघीय एजेंटों की कार्रवाई की निंदा की और ट्रंप प्रशासन से कर्मियों को मिनेसोटा से वापस बुलाने की मांग की है.

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