- मिनेसोटा में 5 वर्षीय बच्चे और उसके पिता को इमिग्रेशन एजेंटों ने पकड़कर टेक्सास के डिटेंशन सेंटर भेज दिया
- परिवार के वकील का दावा है कि ये अवैध तरीके से नहीं आए थे. इनके शरण प्रक्रिया का मामला कोर्ट में है
- स्कूल का आरोप है कि एजेंटों ने बच्चे को ढाल के तौर पर इस्तेमाल किया ताकि अन्य परिजनों को पकड़ सकें
अमेरिका के मिनेसोटा में एक पिता अपने 5 साल के बच्चे को स्कूल से लेकर लौट रहे थे. अभी घर के सामने रास्ते में ही थे, कार भी बंद नहीं हुई थी कि तभी इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें घेर लिया. उन्हें एसयूवी में बिठाकर टेक्सास के डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया. डोनाल्ड ट्रंप सरकार में हाल ही में बढ़ी इमिग्रेशन सख्ती के बीच बच्चों को हिरासत में लेने का ये पहला मामला नहीं है. मिनेसोटा में कोलंबिया हाइट्स पब्लिक स्कूल के ही तीन अन्य बच्चों को इससे पहले पकड़ा जा चुका है. बच्चों और परिवारों पर हो रही सख्त कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं.
पिता और बच्चे को डिटेंशन सेंटर भेजा
मिनेसोटा में जिस 5 साल के बच्चे को हिरासत में लिया गया, उसका नाम लियाम रामोस है. होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने बच्चे और उसके पिता एड्रियन अलेक्जेंडर कोनेजो एरियस को इक्वाडोर से आए अवैध विदेशी करार दिया है. परिवार के वकील मार्क प्रोकोश ने आईसीई अधिकारियों की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि यह परिवार अवैध तरीके से नहीं बल्कि कानूनी प्रक्रिया का पालन करके अमेरिका आया था. उनका शरण (asylum) का मामला कोर्ट में चल रहा है और वो हर नियम का पालन कर रहे थे. इसके बावजूद 5 साल के एक मासूम बच्चे को अपराधी की तरह डिटेंशन सेंटर में डालना इंसानियत को तार-तार करने वाला कदम है.

अमेरिका के मिनेसोटा में इमिग्रेशन एजेंट स्कूल से लौटे 5 साल के बच्चे को पिता के साथ पकड़कर ले गए.
स्कूल ने कहा, एजेंटों ने बच्चे को बनाया ढाल
इस घटना की सबसे दर्दनाक बात स्कूल अधिकारियों द्वारा लगाए जा रहे आरोप हैं. स्कूल की सुपरिटेंडेंट जेना स्टेनविक का कहना है कि इमिग्रेशन एंड कस्टम (ICE) एजेंटों ने पिता को पकड़ने के बाद मासूम लियाम को ढाल की तरह इस्तेमाल किया. उसे घर के दरवाजे पर ले जाकर दस्तक देने को कहा गया ताकि पता लगाया जा सके कि अंदर और कौन छिपा है. घर में मौजूद शख्स ने एजेंटों के सामने हाथ जोड़कर विनती की कि बच्चे को छोड़ दिया जाए, लेकिन अधिकारियों का दिल नहीं पसीजा और वो बाप-बेटे दोनों को टेक्सास के डिटेंशन सेंटर ले गए.
अधिकारियों ने आरोपों से किया इनकार
होमलैंड सिक्योरिटी की असिस्टेंट सेक्रेटरी ट्रिसिया मैकलॉघलिन ने कहा कि लियाम के पिता की गिरफ्तारी टारगेट करके चलाए गए ऑपरेशन का हिस्सा थी. उन्होंने कहा कि आईसीई बच्चों को टारगेट नहीं करती. उन्होंने कहा कि एजेंटों के घेरने के बाद बच्चे का पिता उसे छोड़कर पैदल ही भाग गया था. बच्चे की हिफाजत के लिए एक आईसीई अधिकारी उसके पास मौजूद रहा जबकि बाकी एजेंटों ने भागकर पिता को पकड़ा. अधिकारी ने आगे कहा कि ऐसे माता-पिता से पूछा जाता है कि क्या वो अपने बच्चों के साथ रहना चाहते हैं या फिर उनके बताए किसी व्यक्ति के पास बच्चे को छोड़ना चाहते हैं. ये प्रथा पिछली सरकार के दौर से चली आ रही है. इसमें कुछ नया नहीं है.
स्कूल के 4 बच्चे पकड़कर ले जा चुके एजेंट
ट्रंप प्रशासन में अवैध प्रवासियों पर सख्ती का ये पहला मामला नहीं है. स्कूल अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में उनके स्कूल के चार बच्चों को इमिग्रेशन एजेंटों ने पकड़ा है. मिनेसोटा के इसी स्कूल में दो हफ्ते पहले 10 वर्षीय एक बच्चे को आईसीई एजेंट उसकी मां के साथ उठाकर ले गए थे. चौथी में पढ़ने वाली बच्ची को भी इसी तरह स्कूल जाते वक्त पकड़ा गया था और टेक्सास के डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया था. जिस दिन लियाम को पकड़ा गया, उसी दिन स्कूल के एक अन्य 17 वर्षीय स्टूडेंट को भी हथियारबंद एजेंट कार से उतारकर ले गए थे. चौंकाने वाली बात ये है कि उस वक्त उसके परिजन भी मौजूद नहीं थे.
मिनियापोलिस में मां को मार दी थी गोली
पिछले हफ्ते आईसीई एजेंट एक अपार्टमेंट में घुसे और 17 वर्षीय एक अन्य स्टूडेंट को उसकी मां के साथ पकड़कर ले गए. मिनियापोलिस में तो उस वक्त काफी तनाव फैल गया था, जब आईसीई एजेंटों ने तीन बच्चों की मां रेनी गुड को गोली मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी. अवैध प्रवासियों के नाम पर ट्रंप प्रशासन की सख्ती ने लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है. प्रशासन जहां कानून व्यवस्था का नाम देकर इसे जायज ठहरा रहा है, वहीं लियाम जैसे मासूम बच्चों की सिसकियां कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं.
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