- आयशा वहाब पहली अफगान-अमेरिकी महिला हैं जो अमेरिकी संसद के लिए निर्वाचित हुई हैं और डेमोक्रेटिक पार्टी से हैं.
- वहाब ने कैलिफोर्निया के 14वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट के विशेष चुनाव में मेलिसा हर्नांडेज को हराया.
- उनके माता-पिता सोवियत आक्रमण के दौरान अफगानिस्तान से भागकर न्यूयॉर्क में बसे थे, जहां उनका जन्म हुआ था.
अफगानिस्तान लंबे समय से पूरी दुनिया में संघर्ष की धरती के रूप में जाना जाता रहा है. पहले रूस, फिर अमेरिका, फिर आपसी संघर्ष के कारण अफगानिस्तान सुर्खियों में रहा. इन घटनाओं के कारण अफगानिस्तान के विकास की रफ्तार सुस्त ही रही. जिसका असर वहां की महिलाओं पर सबसे ज्यादा देखा गया. आज भी अफगानिस्तान में लड़कियों के आगे बढ़ने के मौके बेहद सीमित है. लेकिन इन सीमित अवसरों के बीच से आयशा वहाब ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर बड़ी लकीर खींच दी है.
US संसद की पहली अफगान-अमेरिकी महिला
आयशा वहाब अमेरिकी संसद के लिए निर्वाचित होने वाली पहली अफगान-अमेरिकी महिला बनी हैं. 39 साल की आयशा वहाब डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रगतिशील नेता के रूप में चर्चित हैं. आयशा वहाब ने कैलिफोर्निया के 14वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट के लिए हुए विशेष चुनाव में जीत हासिल कर ली है.
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आयशा वहाब ने मेलिसा हर्नांडेज को हराया
इसी के साथ वह अमेरिकी संसद के लिए निर्वाचित होने वाली पहली अफगान-अमेरिकी बन गई हैं. आयशा वहाब ने इस सीट के चुनाव में मध्यमार्गी डेमोक्रेट मेलिसा हर्नांडेज को हराया. डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता एरिक स्वालवेल ने यौन दुराचार के आरोपों के बीच यह सीट खाली कर दी थी.
जीत के बाद कहा- वोटरों ने इतिहास रच दिया
वहाब ने चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद एक बयान में कहा, ‘‘आज इस जिले ने पहली अफगान-अमेरिकी को संसद के लिए चुनकर इतिहास रच दिया.'' घोषित नतीजों के अनुसार, वहाब को कुल मतों में से 53.09 प्रतिशत वोट मिले जबकि हर्नांडेज को 46.91 प्रतिशत मत प्राप्त हुए. चुनाव दो दिन पहले हुआ था.
वहाब स्वालवेल के शेष कार्यकाल के लिए यानी अगले साल 20 जनवरी तक पद पर रहेंगी. हालांकि, नवंबर में पूर्ण कार्यकाल के लिए होने वाले चुनाव में उनका एक बार फिर हर्नांडेज से कड़ा मुकाबला होने की संभावना है.
अफगान हमले के दौरान भागकर न्यूयॉर्क पहुंचे थे वहाब के माता-पिता
वहाब के माता-पिता सोवियत आक्रमण के दौरान अफगानिस्तान से भागकर न्यूयॉर्क शहर में बस गए थे, जहां 1987 में उनका जन्म हुआ. उनके पिता की कुछ समय बाद हत्या कर दी गई और उसके बाद उनकी मां की भी मौत हो गई. वहाब और उनकी बड़ी बहन ‘फोस्टर केयर' व्यवस्था में पली-बढ़ीं.
फोस्टर केयर में पली बढ़ी आयशा वहाब
‘फोस्टर केयर' ऐसी व्यवस्था है जिसमें किसी बच्चे की देखभाल उसके जैविक माता-पिता के बजाय किसी दूसरे परिवार या देखभालकर्ता द्वारा अस्थायी रूप से की जाती है. वहाब जब करीब नौ साल की थीं, तब कैलिफोर्निया के फ्रेमोंट में रहने वाले एक अफगान-अमेरिकी दंपति ने दोनों को गोद ले लिया.
2018 में हेवर्ड नगर परिषद की सदस्य चुनी गई वहाब
वहाब 2018 में हेवर्ड नगर परिषद की सदस्य चुनी गईं और इसके साथ ही वह अमेरिका में किसी सार्वजनिक पद के लिए निर्वाचित होने वाली पहली अफगान-अमेरिकी महिला बनीं. वह 2022 में कैलिफोर्निया राज्य सीनेट के लिए चुनी जाने वाली पहली मुस्लिम महिला थीं.
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