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ईरान में ट्रंप ने एकतरफा बढ़ा दिया सीजफायर- अब आगे क्या होगा?

Donald Trump extend US-Iran ceasefire: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी 2 हफ्ते के सीजफायर को खत्म होने के ठीक पहले अनिश्चितकाल के लिए आगे बढ़ा दिया है.

ईरान में ट्रंप ने एकतरफा बढ़ा दिया सीजफायर- अब आगे क्या होगा?
Donald Trump extend US-Iran ceasefire: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान सीजफायर को आगे बढ़ाया
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के साथ सीजफायर को एकतरफा बढ़ाने का निर्णय लिया. लेकिन नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी
  • ईरान ने अमेरिका की होर्मुज नाकेबंदी हटाने तक वार्ता से इनकार किया है और सीजफायर पर भरोसा जताया नहीं है
  • अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह सीजफायर अनिश्चितकालीन नहीं होगा और ईरान को सीमित समय दिया गया है
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Donald Trump extend US-Iran ceasefire: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान के साथ जारी सीजफायर को एकतरफा बढ़ाने का ऐलान किया, लेकिन साथ ही ईरानी बंदरगाहों पर पहले की तरह की नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखने का आदेश भी दिया. उन्होंने कहा कि ईरान को वार्ता आगे बढ़ाने के लिए पहले एक “एकजुट होकर प्रस्ताव” पेश करना होगा. ट्रंप ने यह फैसला उस वक्त लिया है जब वो इस्लामाबाद में ईरान के साथ दूसरे दौर की शांति वार्ता करने के लिए तैयार थे लेकिन ईरान राजी ही नहीं हुआ. ईरान का कहना है कि जबतक अमेरिका होर्मुज की अपनी नाकेबंदी नहीं हटाता है, वार्ता का कोई मतलब नहीं है. सवाल है कि अब आगे क्या होगा?

क्या सीजफायर अनिश्चितकालीन है?

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने ईरान के साथ सीजफायर बढ़ाने का फैसला इसलिए किया ताकि वहां की सरकार को बातचीत के लिए एक संयुक्त प्रस्ताव बनाने का समय मिल सके. पिछली बार की तरह उन्होंने इस बार सीजफायर की कोई समयसीमा नहीं दी है. इस बार  ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की सरकार “गंभीर रूप से बंटी हुई” है और उसे अपनी स्पष्ट स्थिति बताने के लिए समय चाहिए. हालांकि एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार तीन अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि ईरान को अनिश्चितकाल के लिए कोई मोहलत नहीं मिल गई है. उन्होंने चेतावनी दी कि मौजूदा सीजफायर हमेशा के लिए (ओपन-एंडेड) नहीं रहेगा.

एक अमेरिकी सूत्र ने एक्सियोस को बताया ट्रंप ने ईरान को 3 से 5 दिन और देने को तैयार हैं ताकि वे अपनी स्थिति ठीक कर सकें. साथ ही कहा गया यह सीजफायर हमेशा के लिए नहीं चलेगा. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का मकसद ईरान की लीडरशिप पर दबाव डालना है ताकि वे अस्थायी युद्धविराम खत्म होने से पहले अपनी एकजुट बातचीत की रणनीति बना लें. इसके बाद वॉशिंगटन, ईरान के जवाब के आधार पर अगला कदम तय कर सकता है.

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क्या अब पछता रहे हैं ट्रंप?

अमेरिकी सेना ने जंग के पहले ही दिन पूर्व ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को मौत के घाट उतार दिया था. तब से बार-बार ट्रंप ने इस बात की शेखी बघारी है कि उन्होंने तेहरान में सत्ता परिवर्तन कर दिया है. लेकिन अब लगता है कि उनका यह दांव ही उनके लिए भारी पड़ राह है. अब जब ईरान के कई टॉप नेता मर चुके हैं, तो वहां का असली इन्चार्ज कौन है, यह सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है. ईरान के साथ कूटनीति का काम और अधिक कठिन हो गया है. खुद ट्रंप को ईरान को “एकजुट होकर प्रस्ताव” देने के लिए सीजफायर बढ़ाना पड़ रहा है.

ट्रंप के इस सीजफायर बढ़ाने वाले ऐलान पर ईरान को भरोसा नहीं है. ईरानी संसद के अध्यक्ष के सलाहकार और प्रमुख वार्ताकार, मोहम्मद बघेर गालिबफ ने कहा कि ट्रंप एक और आश्चर्यजनक हमले के लिए समय जुटा रहे हैं और इसी लिए उन्होंने सीजफायर को आगे बढ़ाया है. वहीं ईरान के एक सैन्य प्रवक्ता ने चेतावनी दोहराई कि अगर ऐसा हुआ तो ईरान जवाबी हमला करने को तैयार है.

इन सबसे दूर इस्लामाबाद में बातचीत के लिए मेज अभी भी तैयार है. शहर के कुछ हिस्सों को अभी भी सील करके रखा गया है. लेकिन इस सप्ताह बैठक की उम्मीदें फिलहाल धूमिल होती दिख रही हैं.

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