- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर को अनिश्चित समय तक बढ़ाने का ऐलान किया है
- होर्मुज में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने एक कंटेनर जहाज पर बिना चेतावनी के हमला किया है
- इस हमले में जहाज को नुकसान पहुंचा लेकिन कोई घायल नहीं हुआ और पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं हुआ है
इधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर को आगे बढ़ाने का ऐलान किया है और उधर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में कम से कम दो कंटेनर जहाज पर हमला कर दिया है. इस गोलीबारी में एक जहाज को नुकसान भी हुआ है. ब्रिटेन की सेना के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने बताया कि ईरान की पैरामिलिट्री फोर्स इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सुबह करीब 7:55 बजे तेल व्यापार के इस महत्वपूर्ण समुद्री रूट में पहले जहाज पर हमला किया.
UKMTO के अनुसार, ईरानी गनबोट ने गोली चलाने से पहले जहाज को कोई चेतावनी नहीं दी. राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ और न ही पर्यावरण को कोई नुकसान पहुंचा. ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा फर्म वैनगार्ड टेक के अनुसार, जहाज लाइबेरिया के झंडे के साथ गुजर रहा था और "उसे बताया गया था कि उसे होर्मुज को पार करने की अनुमति थी". लेकिन ईरानी न्यूज एजेंसी तस्नीम ने कहा कि जहाज ने "ईरान के सशस्त्र बलों की चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया था".
दूसरे हमले में, एक मालवाहक जहाज ने कहा कि उस पर गोलीबारी की गई और उसे पानी में रोक दिया गया. इसमें कहा गया कि जहाज को कोई नुकसान होने की खबर नहीं है.
पहले अमेरिका ने ईरानी जहाज पर किया कब्जा
ऐसा नहीं है कि अमेरिका होर्मुज में चुप बैठा है. अमेरिकी सेना इससे पहले एक ईरानी कंटेनर जहाज पर हमला करके उसे कब्जे में ले चुकी है और हिंद महासागर में ईरान के तेल व्यापार से जुड़े एक तेल टैंकर पर उतर चुकी है.
ईरान ने हमले पर क्या कहा?
ईरान की अर्ध-आधिकारिक फार्स और तस्नीम न्यूज एजेंसियों, दोनों को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का करीबी माना जाता है. इन दोनों ने हमले की पुष्टि की है. फार्स ने दावा किया कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने कंट्रोल को बस कानूनी ढंग से लागू" कर रहा है. बता दें कि यह समुद्री रास्ता दुनिया में तेल और गैस के व्यापार के लिए सबसे अहम रास्तों में से एक है. शांतिकाल में यहां से दुनिया का 20 प्रतिशत कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस गुजरता है. ईरान और ओमान, दोनों के क्षेत्रीय जल में होने के बावजूद यह जलडमरूमध्य दुनिया के जहाजों के लिए एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता है.
यह भी पढ़ें: ईरान में ट्रंप ने एकतरफा बढ़ा दिया सीजफायर- अब आगे क्या होगा?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं