ईरान की राजधानी तेहरान में 21 अप्रैल की देर रात एक असाधारण नजारा देखने को मिला, जब हजारों‑लाखों लोग सड़कों और प्रमुख चौराहों पर जमा हुए. हाथों में ईरानी झंडे, कंधों पर AK‑47 राइफलें और सड़कों पर मिसाइलों के साथ जश्न. यह सब किसी सैन्य परेड से कम नहीं था. सबसे चौंकाने वाला दृश्य तब सामने आया, जब राजधानी की सड़कों पर मोबाइल लॉन्चर पर रखी मिसाइल को आम लोगों के बीच लाया गया.
इस शक्ति प्रदर्शन में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के कमांडर भी मिसाइल लॉन्चरों के साथ सड़कों पर नजर आए. सरकारी टीवी ने इन दृश्यों का वीडियो प्रसारित किया, जिसमें अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ नारेबाज़ी करते समर्थक दिखे. माना जा रहा है कि यह प्रदर्शन अमेरिका‑ईरान तनाव और इजरायल के साथ हालिया टकराव की पृष्ठभूमि में एक सुनियोजित शक्ति संदेश है.
बढ़ते तनाव के बीच सख्त संकेत
यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका के साथ संभावित बातचीत टूटने और हालात के फिर से बिगड़ने की खबरें सामने आ रही हैं. इससे ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि ईरान पर बमबारी के लिए अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है और उन्होंने ईरान के भीतर पुलों और बिजली संयंत्रों को नष्ट करने की धमकी भी दोहराई थी. हालांकि बाद में अमेरिका ने ईरान के साथ जारी सीज़फायर को अनिश्चित समय के लिए बढ़ाने की भी घोषणा की. ईरान का कहना है कि युद्धविराम का प्रस्ताव बेकार है और हारने वाला पक्ष शर्तें तय नहीं कर सकता.

मनोवैज्ञानिक युद्ध का संदेश
विश्लेषकों के मुताबिक, सड़कों पर मिसाइलों का यह खुला प्रदर्शन सिर्फ बाहरी दुश्मनों के लिए नहीं, बल्कि ईरानी जनता के लिए भी संदेश है कि देश न झुका है, न टूटा है और नेतृत्व के साथ जनता भी खड़ी है. इसे साइकोलॉजिकल वॉरफेयर के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें ईरान यह नैरेटिव गढ़ रहा है कि किसी भी नए हमले का वह माकूल और करारा जवाब देगा.
साथ ही, यह संदेश खाड़ी देशों (UAE, बहरीन, कतर) के लिए भी स्पष्ट है कि अगर भविष्य में ईरान के खिलाफ अमेरिका ने उनके सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल किया, तो परिणाम गंभीर होंगे. हालिया संघर्षों में इन देशों की तेल आपूर्ति और ऊर्जा अवसंरचना को बड़ा नुकसान होने का दावा भी इसी संदर्भ में किया जा रहा है.

एनडीटीवी से बातचीत में पूर्व राजनयिक प्रभु दयाल ने कहा, 'यह पहली बार है जब ईरान ने इस जंग के दौरान सड़कों पर इस तरह से हथियारों का प्रदर्शन किया है. यह खाड़ी और अरब देशों के लिए साफ संदेश है कि अगर फिर लड़ाई हुई तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.'
वहीं रक्षा मामलों के जानकार मेजर जनरल संजय सोई (सेनि.) के अनुसार, 'यह ईरान का स्पष्ट शक्ति प्रदर्शन है. दुनिया को दिखाया जा रहा है कि उसकी ताकत को कमतर न आंका जाए.' मेजर जनरल संजय मेस्तोन (सेनि.) ने कहा कि ईरान अपने लोगों को भरोसा दिला रहा है कि वह लड़ाई जीत रहा है और किसी भी हालात के लिए तैयार है.

जिन मिसाइलों का हुआ प्रदर्शन
- ग़द्र बैलिस्टिक मिसाइल: 1350-1950 किमी रेंज, क्लस्टर म्यूनिशन क्षमता
- खोर्रमशहर‑4 (खैबर): 2000 किमी रेंज, 1500 किग्रा वारहेड, 8-16 मैक स्पीड
- फतेह‑110: 300 किमी रेंज, अत्यंत सटीक टैक्टिकल मिसाइल
- खैबर शिकन: 1450-1800 किमी रेंज, मैन्यूवरिंग वॉरहेड, एयर डिफेंस को चकमा देने में सक्षम
कुल मिलाकर, ईरान ने जिस तरह देशभर में मिसाइलों का खुला प्रदर्शन किया है, वह दुनिया को यह दिखाने की कोशिश है कि वह एकजुट, मजबूत और तैयार है. यह संदेश सिर्फ अमेरिका और इज़रायल के लिए नहीं, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट और वैश्विक राजनीति के लिए मायने रखता है.
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