- रूस के राष्ट्रपति आजकल अधिकतर समय जमीन के नीचे बने बंकरों में बिताते हैं- रिपोर्ट में दावा
- पुतिन की सुरक्षा में रूस की फेडरल प्रोटेक्टिव सर्विस ने हाल के महीनों में कड़े इंतजाम किए हैं
- कोविड-19 महामारी के बाद पुतिन का अलगाव बढ़ा है और वे सरकारी मामलों में कम शामिल होते हैं
सोचिए… एक ऐसा राष्ट्रपति, जिसके पास दुनिया की दूसरी सबसे ताकतवर सेना हो, वह अब जमीन के नीचे बने बंकरों में रहने को मजबूर हो जाए. कम से कम दावा तो ऐसा ही किया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अब पहले से कहीं ज्यादा डरे हुए और अलग-थलग हो गए हैं. यूक्रेन युद्ध, ड्रोन हमलों और तख्तापलट के डर ने क्रेमलिन की चिंता बढ़ा दी है. यहां तक कि पुतिन से मिलने वाले लोगों की जांच भी बेहद सख्त कर दी गई है. दावा है कि अब उनकी जिंदगी का बड़ा हिस्सा बंकरों के अंदर ही गुजर रहा है.
फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन युद्ध के बीच हत्या की आशंका बढ़ने के कारण रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सुरक्षा काफी ज्यादा कड़ी कर दी गई है. रूस की फेडरल प्रोटेक्टिव सर्विस (FSO) ने पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा इंतजाम और बढ़ा दिए हैं. मॉस्को में पुतिन को जानने वाले लोगों और यूरोपीय खुफिया एजेंसियों के करीबी एक सूत्र के मुताबिक, पुतिन अब अपना ज्यादातर समय जमीन के नीचे बने बंकरों में बिताते हैं और वहीं से युद्ध की निगरानी करते हैं. बताया गया है कि अब वे आम सरकारी मामलों में पहले की तुलना में काफी कम शामिल होते हैं.
पिछले साल यूक्रेन के ड्रोन ने आर्कटिक सर्कल से आगे रूस के एयरफील्ड्स पर हमला किया था. रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को पकड़ने की घटना ने भी सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया. इन खतरों के बाद FSO ने सुरक्षा नियम और ज्यादा सख्त कर दिए हैं. यूरोपीय खुफिया एजेंसियों के करीबी सूत्र के मुताबिक, पुतिन ने अपनी यात्राएं कम कर दी हैं और उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने वाले लोगों की जांच भी पहले से ज्यादा कड़ी कर दी गई है.
बताया गया है कि पुतिन अब दक्षिणी रूस के क्रास्नोदार क्षेत्र के एक बंकर में लंबे समय तक रहते हैं, जहां वे कई-कई हफ्तों तक काम करते हैं. फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक, सरकारी मीडिया सामान्य स्थिति दिखाने के लिए पहले से रिकॉर्ड किए गए वीडियो का इस्तेमाल कर रहा है. इसके अलावा पुतिन के करीब काम करने वाले लोगों के लिए भी सुरक्षा नियम काफी सख्त कर दिए गए हैं. रसोइयों, फोटोग्राफरों और बॉडीगार्ड्स को सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है. उन्हें पुतिन के आसपास इंटरनेट वाले मोबाइल फोन रखने की भी इजाजत नहीं है. रिपोर्ट में कहा गया है कि उनके घरों में CCTV कैमरे भी लगाए गए हैं. पूरी रिपोर्ट आप नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं.
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