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This Article is From Mar 13, 2026

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ पहली बार 'प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल' का किया इस्तेमाल : जनरल डैन केन

जनरल के अनुसार, सेना ने आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम (एटीएसीएमएस) का इस्तेमाल करके ईरान की नौसैनिक संपत्तियों को भी नष्ट किया.

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ पहली बार 'प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल' का किया इस्तेमाल : जनरल डैन केन
  • अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में पहली बार युद्ध में प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल का इस्तेमाल किया
  • जनरल डैन केन के अनुसार आर्टिलरी फोर्स ने पहले तेरह दिनों में आधुनिक मिसाइल प्रणाली से कई टारगेट किए
  • कम उम्र के सैनिकों ने भी उच्च पेशेवर कौशल के साथ इस अभियान में शांत और गर्व से अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया

अमेरिका ने पहली बार युद्ध में अपने नए 'प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल' (सटीक मार करने वाली मिसाइल) का इस्तेमाल किया है. यह हमला ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के दौरान किया गया. एक ब्रीफिंग में अमेरिकी सेना के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने अभियान की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए यह खुलासा किया. उन्होंने कहा, “इस ऑपरेशन के सिर्फ पहले 13 दिनों में हमारी आर्टिलरी फोर्स ने इतिहास रच दिया. उन्होंने पहली बार युद्ध में प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल दागी, जो दुश्मन के इलाके के अंदर तक पहुंची.”

ईरान बना टेस्ट मशीन

डैन केन ने बताया कि यह मिसाइल अमेरिकी सेना की आर्टिलरी यूनिट्स ने दागी, जो ईरान के सैन्य ढांचे के खिलाफ चल रहे अभियान को समर्थन दे रही थीं.  केन ने कहा कि अमेरिकी सैनिक और मरीन ऐसे आधुनिक रॉकेट और मिसाइल सिस्टम चला रहे हैं, जो युद्ध क्षेत्र से बहुत दूर तक निशाना लगा सकते हैं. उन्होंने कहा, “हमारी आर्टिलरी फोर्स, जिसमें अमेरिकी सैनिक और मरीन शामिल हैं, जहाजों को डुबो रही हैं, हथियार भंडार नष्ट कर रही हैं और ईरान के बाहर से आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम, प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल और हिमार्स मिसाइल दाग रही हैं.”

तीनों यंग हैं

जनरल के अनुसार, सेना ने आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम (एटीएसीएमएस) का इस्तेमाल करके ईरान की नौसैनिक संपत्तियों को भी नष्ट किया. उन्होंने कहा, “एटीएसीएमएस का उपयोग करके कई जहाजों को डुबो दिया गया, जिनमें एक पनडुब्बी भी शामिल हैं.” केन ने बताया कि हाल ही में उन्होंने नॉर्थ कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग में तैनात तीसरी बटालियन, 27वीं फील्ड आर्टिलरी रेजिमेंट के सैनिकों से बात की, जिसमें वह टीम भी शामिल थी, जिसने पहली प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल दागी. उन्होंने कहा कि उस टीम का एक सैनिक केवल 6 महीने पहले ही सेना में भर्ती हुआ था और यूनिट में आए उसे सिर्फ 2 महीने हुए थे, लेकिन वह पहले ही तैनाती पर भेज दिया गया था. सबसे छोटा सैनिक 20 साल का था, जबकि बाकी 22 और 28 साल के थे. कम उम्र के बावजूद जनरल ने कहा कि सैनिकों ने अपना मिशन शांत और पेशेवर तरीके से पूरा किया. उन्होंने कहा, “उनकी बातों में शांति, गर्व, उद्देश्य और स्पष्टता दिख रही थी.”

क्यों है ये महत्वपूर्ण

डैन केन ने बताया, “जब फायर मिशन का आदेश मिलता है तो वे बख्तरबंद दरवाजे बंद करते हैं और सिस्टम को प्रोग्राम करना शुरू करते हैं. इसके बाद वे तीन साधारण टॉगल स्विच दबाते हैं, रॉकेट मोटर चालू हो जाती है और मिसाइल अपने लक्ष्य की ओर बढ़ जाती है.” युद्ध में प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल का इस्तेमाल अमेरिकी सेना की लंबी दूरी की मारक क्षमता के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. यह मिसाइल भविष्य में एटीएसीएमएस सिस्टम की जगह लेने और अमेरिकी आर्टिलरी की रेंज और सटीकता बढ़ाने के लिए बनाई गई है.

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