
अमेरिकी विदेश मंत्री (स्टेट सेक्रेटरी) मार्को रुबियो ने गुरुवार, 27 मार्च को कहा कि उन्होंने अमेरिकी यूनिवर्सिटिज के कैपस में इजरायल विरोधी और फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ बढ़ती कार्रवाई में 300 से अधिक "पागलों (लुनैटिक)" के वीजा रद्द कर दिए हैं.
300 वीजा रद्द किए जाने की रिपोर्टों की पुष्टि करने के लिए जब सवाल पूछा गया तो मार्को रुबियो ने कहा: "इस समय शायद 300 से अधिक हो सकते हैं. हम इसे हर दिन करते हैं." गुयाना की यात्रा के दौरान उन्होंने मीडिया से कहा, "जब भी मुझे इनमें से कोई पागल मिलता है, मैं उनका वीजा छीन लेता हूं."
रुबियो ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि किसी बिंदु पर हमें ऐसा नहीं करना होगा क्योंकि हमने उनसे छुटकारा पा लिया होगा."
सबसे हाई-प्रोफाइल मामला महमूद खलील का है, जिन्होंने न्यूयॉर्क में कोलंबिया यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था. अमेरिका का स्थायी निवासी होने के बावजूद, उन्हें इस महीने गिरफ्तार कर लिया गया और देश से निकाले जाने की कार्यवाही करने से पहले लुइसियाना ले जाया गया.
ट्रंप प्रशासन ने जवाब दिया है कि अभिव्यक्ति की आजादी (फ्री स्पीच) का संवैधानिक अधिकार गैर-अमेरिकी नागरिकों पर लागू नहीं होता है. सरकार ने एक्टिविस्ट छात्रों पर यहूदी छात्रों के लिए खतरनाक माहौल बनाने का आरोप लगाया है.
रुबियो ने कहा: "अगर आप हमें बताएं कि आप अमेरिका क्यों आ रहे हैं, इसका कारण सिर्फ इसलिए नहीं है कि आप ऑप-एड लिखना चाहते हैं, बल्कि इसलिए कि आप उन आंदोलनों में भाग लेना चाहते हैं जो यूनिवर्सिटिज में तोड़फोड़ करना, छात्रों को परेशान करना, इमारतों पर कब्जा करना, हंगामा करना जैसे काम करते हैं, तो हम आपको वीजा नहीं देंगे."
उन्होंने कहा, "अगर आप हमसे झूठ बोलते हैं और वीजा प्राप्त करते हैं और फिर अमेरिका में प्रवेश करते हैं, और उस वीजा के साथ उस तरह की गतिविधि में भाग लेते हैं, तो हम आपका वीजा छीन लेंगे."
(इनपुट- एएफपी)
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