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अमेरिका ने वेनेजुएला से छीने 2 तेल टैंकरों को कबाड़ में बेचा, अब भारत में तोड़े जाएंगे

अमेरिका ने वेनेजुएला से जब्त इन दोनों तेल जहाजों को दुबई की जहाजों को रिसाइकिल करने वाली कंपनी ग्लोबल मार्केटिंग सिस्टम्स (GMS) ने पिछले महीने बेचा था.

अमेरिका ने वेनेजुएला से छीने 2 तेल टैंकरों को कबाड़ में बेचा, अब भारत में तोड़े जाएंगे
अमेरिका ने वेनेजुएला से छीने 2 तेल टैंकरों को कबाड़ में बेचा (फोटो- एनडीटीवी, प्रतिकात्मक)
  • अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई करते हुए उसके दो तेल टैंकर जब्त किए गए थे
  • अमेरिका ने जनवरी में रूसी झंडे वाले दो टैंकर एरा और लिलियो को कैरिबियन सागर व अटलांटिक में जब्त किया था
  • टैंकरों को दुबई की कंपनी ग्लोबल मार्केटिंग सिस्टम्स ने कबाड़ के रूप में खरीदा है, इसे भारत में तोड़ा जाएगा

अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में रेड डाली, उसके राष्ट्रपति को उठा लिया, अमेरिकी जेल में डाल दिया और वहां अपनी मर्जी की अंतरिम सरकार बनवाई. लेकिन कहानी इसके एक कदम आगे की निकलकर सामने आई है. वेनेजुएला पर इस अमेरिकी कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद अमेरिका ने वहां के जिन दो तेल टैंकरों को जब्त किया था, अब उन्हें कबाड़ में बेच दिया गया है. इन दोनों टैंकरों को भारत लाकर कबाड़ के तौर पर तोड़ा जाएगा. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार यह जानकारी लॉयड्स लिस्ट ने सोमवार को दी.

रिपोर्ट के मुताबिक, दुबई की जहाजों को रिसाइकिल करने वाली कंपनी ग्लोबल मार्केटिंग सिस्टम्स (GMS) ने पिछले महीने इन दोनों टैंकरों को खरीदा था. इनकी कीमत कितनी थी, यह नहीं बताया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, बिक्री में एरा और लिलियो नाम के दो टैंकर शामिल हैं. एरा का नाम पहले मैरिनेरा और बेला 1 था. वहीं, लिलियो पहले गैलीलियो और वेरोनिका नाम से चल रहा था.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार इन दोनों टैंकरों को भारत के कबाड़खानों में ले जाकर तोड़ा जाएगा. GMS के सीईओ अनिल शर्मा ने लॉयड्स लिस्ट से कहा, "अमेरिकी सरकार ने इन्हें हमें बेचा है और एक अदालत के आदेश में इनकी बिक्री की अनुमति दी गई थी. लेकिन इसमें कई परेशानियां थीं. सबसे बड़ी बात यह थी कि हमें यह भी ठीक से पता नहीं था कि पहले इनका मालिक कौन था."

रिपोर्ट के अनुसार इस साल जनवरी में, अमेरिकी कोस्ट गार्ड और मिलिट्री स्पेशल फोर्स ने आइसलैंड के दक्षिण में रूसी झंडे वाले जहाज 'एरा' को जब्त किया था. इसके साथ ही अटलांटिक में हफ्तों से चल रहा उसका पीछा करने का अभियान खत्म हुआ था. यह जहाज पहले कैरिबियन सागर में अमेरिका की नाकेबंदी से बचकर निकल गया था. उस समय अमेरिका ने यह नाकेबंदी वेनेजुएला से तेल के निर्यात को रोकने के लिए लगाई थी.

उस समय अमेरिकी सरकार ने कहा था कि 'एरा' का इस्तेमाल वेनेजुएला और ईरान से प्रतिबंध वाले तेल को ले जाने के लिए किया गया था. इसके बाद अमेरिका ने जनवरी में ही कैरिबियन सागर में रूसी झंडे वाले एक और जहाज को जब्त किया, जिसे अब 'लिलियो' के नाम से जाना जाता है. उस टैंकर पर रूस के खिलाफ अमेरिका के प्रतिबंध लागू थे. वेनेजुएला में मिलिट्री एक्शन के बाद अमेरिका ने कुल 10 तेल टैंकर जब्त किए. प्रतिबंध वाले जहाज पकड़े जाने से बचने के लिए अक्सर अपने नाम बदलते रहते हैं.

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