अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चली आ रही तनातनी एक बार फिर तेज होती नजर आ रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि युद्ध और संघर्षों के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की बात होगी, तो ईरान को भी पिछले 50 वर्षों में किए गए नुकसान का हर्जाना चुकाना होगा. व्हाइट हाउस में ट्रंप ने दावा किया कि दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) इस समय पूरी तरह अमेरिकी नौसेना के काबू में है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में ट्रंप ने कहा कि वर्तमान समय में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर 100 फीसदी कंट्रोल केवल अमेरिकी नौसेना का है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने वहां ऐसी व्यवस्था बनाई है. इसे उन्होंने "स्टील वॉल" बताया. ट्रंप के मुताबिक अमेरिका तय करता है कि कौन से जहाज उस मार्ग से गुजर सकते हैं और कौन नहीं. ट्रंप ने कहा कि जहाजों की आवाजाही पर पूरी नजर रखी जा रही है और ईरान की दिशा में जाने वाले जहाजों पर नियंत्रण रखा गया है.
#WATCH | On the Strait of Hormuz, US President Donald Trump says, "The only one that has control of the Strait of Hormuz right now is the United States Navy. We have a blockade that's been infallible. It's a steel wall. And we let people in that we want to let in, and those… pic.twitter.com/6GkMwJr0cI
— ANI (@ANI) August 10, 2026
ईरान की हर्जाने की मांग पर ट्रंप का पलटवार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया "मैं देख रहा हूं कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के प्रतिनिधि पिछले पांच महीनों के सैन्य संघर्ष के दौरान हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं (यह संघर्ष इसलिए शुरू हुआ क्योंकि वे परमाणु हथियार नहीं रख सकेंगे), जबकि हमारी किसी भी बातचीत या बैठक में इसका कभी जिक्र तक नहीं हुआ था! लेकिन यह एक दिलचस्प विचार है, क्योंकि अब मैं भी ईरान से उन सभी लोगों के लिए मुआवजे की मांग कर रहा हूं, जो उनके सड़क किनारे लगाए गए बमों और विभिन्न संघर्षों में मारे गए या गंभीर रूप से घायल हुए हैं. ईरान ऐसी गतिविधियों के लिए कुख्यात रहा है और शुरुआत में इनका नेतृत्व जनरल कासिम सुलेमानी ने किया था. इसमें यूएसएस कोल (USS Cole) पर हमले में मारे गए लोगों के परिवार और युद्धों में मारे गए हजारों अन्य लोगों के परिवार भी शामिल हैं. इसके अलावा, पिछले 50 वर्षों में ईरान द्वारा मारे गए लाखों नहीं, बल्कि सैकड़ों हजारों निर्दोष प्रदर्शनकारियों के परिवारों को भी मुआवजा दिया जाना चाहिए. इतना ही नहीं, पिछले पांच महीनों में मारे गए 52,000 लोगों के लिए भी क्षतिपूर्ति दी जानी चाहिए. मैंने अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दिया है कि वे भविष्य में ईरान के साथ होने वाली हर बातचीत और वार्ता में इस मुद्दे को मजबूती से शामिल करें. इस विषय पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद. राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप"

Donald Trump Post: डोनाल्ड ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट
सोशल मीडिया पर भी दोहराया रुख
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर भी ईरान को लेकर कड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि ईरान को केवल हालिया संघर्षों के लिए ही नहीं, बल्कि उन सभी घटनाओं के लिए भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए जिनमें अमेरिकी नागरिकों और सैनिकों को नुकसान पहुंचा. उन्होंने लिखा कि वह अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दे चुके हैं कि भविष्य में ईरान के साथ होने वाली हर बातचीत में यह मुद्दा शामिल किया जाए.
कासिम सुलेमानी और पुराने हमलों का भी जिक्र
अपने बयान में ट्रंप ने ईरान के पूर्व सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी का भी उल्लेख किया. उन्होंने ईरान पर क्षेत्र में हिंसा और हमलों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया तथा कहा कि अनेक घटनाओं में हुई मौतों और घायलों के लिए भी जवाबदेही तय होनी चाहिए. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका उन लोगों के परिवारों के लिए भी न्याय चाहता है जिन्हें ईरानी शासन या उससे जुड़े संघर्षों के कारण नुकसान उठाना पड़ा.
प्रतिबंध हटाने और जलमार्ग खोलने की मांग
रिपोर्टों के मुताबिक ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने और क्षेत्र में सैन्य दबाव कम करने की बात उठाई है. इसी संदर्भ में युद्ध क्षति से जुड़े दावों की चर्चा भी सामने आई है. हालांकि दोनों देशों के बीच किसी औपचारिक समझौते की स्थिति अभी नहीं बनी है.
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