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This Article is From Sep 09, 2024

हैरिस और ट्रंप के बीच मंगलवार को प्रेसिडेंशियल डिबेट, जानें किसने जीता टॉस? किन मुद्दों पर होगी बहस?

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले उम्मीदवारों के बीच अहम मुद्दों पर बहस कराई जाती है. इसके आधार पर वोटर्स उम्मीदवारों को लेकर अपनी राय बनाते हैं. इसे ही प्रेसिडेंशियल डिबेट कहा जाता है. दूसरी डिबेट का होस्ट ABC News मीडिया है.

दूसरे डिबेट के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने टॉस जीता है. वहीं, कमला हैरिस ने पोडियम के राइट साइड पर खड़े होने का ऑप्शन चुना है.
नई दिल्ली/वॉशिंगटन:

अमेरिका में इस साल 5 नवंबर को राष्ट्रपति के चुनाव (US President Elections 2024) होने हैं. मंगलवार को अमेरिका में दूसरी प्रेसिडेंशियल डिबेट होगी. पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और मौजूदा उपराष्ट्रपति और डेमोक्रेटिक की तरफ से नॉमिनी कमला हैरिस (Kamala Harris) इस डिबेट में आमने-सामने होंगे. भारत के समय के हिसाब से इसे बुधवार सुबह 7 से 8 बजे (US टाइम के हिसाब से मंगलवार रात 9 बजे) से देखा जा सकता है. 

इससे पहले 28 जून को पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट हुई थी. पहली डिबेट में जो बाइडेन और डोनाल्ड ट्रंप आमने-सामने थे. डिबेट में शुरुआत से ही ट्रंप भारी पड़ते दिखे थे. आखिरकार ट्रंप को पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट का विनर घोषित किया गया था. उसके बाद से काफी कुछ चीजें बदल गई हैं. डोनाल्ड ट्रंप पर जानलेवा हमला हुआ. इस हमले में वो बाल-बाल बच गए थे. इसके बाद बढ़ती उम्र और बिगड़ती तबीयत का हवाला देते हुए जो बाइडेन ने प्रेसिडेंट इलेक्शन की रेस से अपना नाम वापस ले लिया. फिर डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से कमला हैरिस का नाम आगे बढ़ाया गया. तब से हैरिस ने राज्य चुनावों में बाइडेन की हार की भरपाई कर ली है. अब वह ट्रंप के साथ करीब-करीब बराबरी पर हैं. अब मंगलवार को कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप एक प्लेटफॉर्म पर डिबेट करेंगे.

आइए जानते हैं कैसे होती है प्रेसिडेंशियल डिबेट? अमेरिका के इलेक्शन में प्रेसिडेंशियल डिबेट का क्या होता है रोल? कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप के बीच डिबेट में किन मुद्दों पर होगी चर्चा? कब आएंगे इस डिबेट के नतीजे?

प्रेसिडेंशियल डिबेट क्या होती है?
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले उम्मीदवारों के बीच अहम मुद्दों पर बहस कराई जाती है. इसके आधार पर वोटर्स उम्मीदवारों को लेकर अपनी राय बनाते हैं. इसे ही प्रेसिडेंशियल डिबेट कहा जाता है. इलेक्शन से पहले ऐसी दो डिबेट कराई जाती है. पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट डेमोक्रेटिक पार्टी के जॉन एफ कैनेडी और रिपब्लिकन पार्टी के रिचर्ड निक्सन के बीच हुई थी. 1960 के चुनाव में निक्सन हार गए. कैनेडी राष्ट्रपति बने थे.

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कहां देख पाएंगे दूसरा प्रेसिडेंशियल डिबेट?
दूसरी डिबेट का होस्ट ABC News मीडिया है. ABC फिलाडेल्फिया स्थित नेशनल कॉन्स्टिट्यूशनल सेंटर में यह डिबेट आयोजित कर रहा है.  ABC न्यूज के एंकर डेविड मुइर और लिन्से डेविस 90 मिनट की इस डिबेट के मॉडिरेटर होंगे. इसे ABC न्यूज लाइव, डिज्नी+ और हुलु चैनलों पर स्ट्रीम किया जाएगा. इसके साथ ही CNN, CBS और CBS न्यूज 24/7 पर भी प्रेसिडेंशियल डिबेट की स्ट्रीमिंग की जाएगी. पब्लिक रेडियो स्टेशनंस पर भी इसका पॉडकास्ट होगा. पहली डिबेट को मीडिया नेटवर्क CNN ने अटलांटा में होस्ट किया था. यह स्पष्ट नहीं है कि हैरिस और ट्रंप दूसरी बार बहस करेंगे या नहीं. क्योंकि अभी तक तीसरी डिबेट के लिए किसी एडिशनल डेट की अनाउंसमेंट नहीं हुई है.

डिबेट में भाग लेने के लिए क्या है योग्यता?
प्रेसिडेंशियल डिबेट में हिस्सा लेने के लिए किसी कैंडिडेट को 4 स्वीकृत राष्ट्रीय चुनावों में कम से कम 15% समर्थन हासिल करना होता है. साथ ही इलेक्टोरल कॉलेज में 270 वोट जीतने में सक्षम होने के लिए पर्याप्त राज्यों में समर्थन मिलना जरूरी होता है. रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर समेत सभी नॉन-डेमोक्रेटिक और नॉन-रिपब्लिकन नेता डिबेट में हिस्सा नहीं ले पाए. क्योंकि ये 20 जून की डेडलाइन के अंदर जरूरी योग्यता हासिल नहीं कर पाए. 

क्या हैं डिबेट के नियम?
ABC पर 90 मिनट की ये बहस लाइव होगी. इस बहस के दौरान स्टूडियो में कोई ऑडिएंस नहीं होंगे. दोनों लीडर खड़े होकर ये डिबेट करेंगे. पहली डिबेट की तरह जब कोई कैंडिडेट नहीं बोल रहे होंगे, तब माइक्रोफोन ऑफ कर दिए जाएंगे. पहले प्रेसिडेंशियल डिबेट में जर्नलिस्ट पैनल और ऑडिएंस भी होते थे. लेकिन डिस्टर्बेंस की वजह से पैनल और ऑडिएंस हटा दिए गए. डिबेट के दौरान कौन किस तरह खड़ा होगा, उसके लिए बाकायदा टॉस भी होता है. टॉस जीतने वाले कैंडिडेट को 2 में से एक ऑप्शन चुनना होता है. वो या तो डिबेट में खड़े होने के लिए अपनी पसंद की साइड चुन सकता है या क्लोजिंग रिमार्क्स दे सकता है. 

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किसने जीता टॉस?
ABC न्यूज के मुताबिक, दूसरे डिबेट के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने टॉस जीता. इसके बाद उन्हें मंगलवार को पोडियम लोकेशन या ऑर्डर ऑफ द फाइनल रिमार्क्स चुनने का मौका मिला. पूर्व राष्ट्रपति ने बाद में बोलने का फैसला लिया है. इससे कमला हैरिस को पोडियम पर खड़े होने का साइड चुनने का मौका मिला. उन्होंने पोडियम के राइट साइड पर खड़े होने का ऑप्शन चुना है.

डिबेट में किन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा?
हालांकि, ABC ने सेकंड प्रेसिडेंशियल डिबेट के लिए सवालों की लिस्ट जारी नहीं की है. लेकिन कई इंटरनेशनल मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप के बीच बहस में कई मुद्दे हावी रह सकते हैं. दोनों कैंडिडेट के बीच इकोनॉमी, इमिग्रेशन, एबॉर्शन लॉ, 2020 के चुनाव में अपनी हार स्वीकार करने से ट्रंप के इनकार, फॉरिन पॉलिसी पर बहस हो सकती है. इसके साथ ही इजरायल-गाजा युद्ध और रूस-यूक्रेन जंग को लेकर भी चर्चा होने की उम्मीद हैं.

अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, "डोनाल्ड ट्रंप का कैंपेन बढ़ती महंगाई को कम करने और इमिग्रेशन पॉलिसी पर जोर देने की उम्मीद करेगा. इन मुद्दों पर कमला हैरिस कमजोर हैं. जबकि हैरिस कैंपेन के लिए ट्रंप के कार्यालय में लिए गए फैसलों, एबॉर्शन लॉ पर बहस की जाएगी."

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पहली डिबेट में किन मुद्दों पर ट्रंप-बाइडेन ने की बहस?
पहली डिबेट में राष्ट्रपति जो बाइडेन (डेमोक्रेटिक पार्टी) और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (रिपब्लिकन पार्टी) ने लोकतंत्र, राष्ट्रीय सुरक्षा, रूस-यूक्रेन युद्ध, इजरायल-गाजा युद्ध, टैक्स सिस्टम, चीन के साथ रिश्ते, इमिग्रेशन पॉलिसी समेत तमाम मुद्दों पर बहस की. इस दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर निजी हमले करते हुए गंभीर आरोप भी लगाए. डोनाल्ड ट्रंप ने जो बाइडेन पर आरोप लगाया कि उन्हें चीन से पैसे मिलते हैं. जबकि बाइडेन ने ट्रंप को पोर्न स्टार मामले को लेकर घेरा.

कौन तय करता है डिबेट में किसकी हुई जीत और कौन हारा?
यूएस प्रेसिडेंशियल डिबेट में किसकी जीत हुई और किसकी हार... इसका फैसला 4 पैरामीटर्स पर किया जाता है:- 1. न्यूज चैनल और पॉलिटिकल एक्सपर्ट डिबेट के बाद राय देते हैं. इस दौरान कैंडिडेट्स की परफॉर्मेंस, जवाब देने की टाइमिंग, सेंस, एक्यूरेसी और चेहरे के हाव-भाव यानी बॉडी लैंग्वेज को जांचा जाता है.

2. दूसरा पैरामीटर्स ओपिनियन पोल्स का है. न्यूज चैनल और सर्वे एजेंसियां प्रेसिडेंशियल डिबेट के बाद ओपिनियन पोल कराती हैं. फिर उसके नतीजे बताए जाते हैं. हार और जीत के संभावित कारणों का भी खुलासा किया जाता है.

3.सोशल मीडिया भी पैरामीटर की तरह काम करता है. X (पहले ट्विटर), फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूजर्स के रिएक्शन से पता चलता है कि प्रेसिडेंट के इलेक्शन में कौन मजबूत है और कौन कमजोर.

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4. इसके अलावा वोटिंग इंटेंशन सर्वे भी हार-जीत का फैसला करने का एक जरिया है. कुछ एजेसिंया वोटिंग इंटेंशन सर्वे कराती हैं. इसमें वोटर्स से पूछा जाता है कि प्रेसिडेंशियल डिबेट के बाद क्या उनकी वोटिंग का फैसला बदला है? यानी जो कैंडिडेट ज्यादा वोटर्स को इंप्रेस कर पाता है, उसे विजेता माना जाता है.

वाइस प्रेसिडेंट की डिबेट कब होगी?
अमेरिका में वाइस प्रेसिडेंशियल डिबेट 1 अक्टूबर को होगी. डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से कमला हैरिस ने टिम वॉल्ज को अपना उपराष्ट्रपति उम्मीदवार चुना है. टिम वॉल्ज अमेरिकी राज्य मिनेसोटा के गवर्नर हैं. जबकि रिपब्लिकन पार्टी से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने उपराष्ट्रपति पद के लिए 39 साल के जेम्स डेविड वेंस को चुना है. वेंस 2022 में पहली बार ओहायो से सीनेटर चुने गए थे. उन्हें ट्रंप का करीबी माना जाता है.

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