वाशिंगटन:
अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह पाकिस्तान को 80 करोड़ डॉलर की सैन्य मदद पर लगाई गई रोक को वापस नहीं लेगा। इसके साथ ही उसने इस बात को दोहराया कि पहले इस्लामाबाद को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में ठोस कदम उठाने होंगे। अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने संवाददाताओं से कहा, पाकिस्तान को नागरिक सहायता मिलना जारी रहेगा। सुरक्षा और सैन्य सहायता के संदर्भ में हमें सहयोग के आधार पर कुछ बदलाव करने होंगे। अगर सभी तरह के प्रशिक्षण सहयोग को आगे बढ़ाना है तो हमें वहां प्रशिक्षक भेजने होंगे। पाकिस्तान की ओर से पर्याप्त संख्या में अमेरिकी सैन्य प्रशिक्षकों को वापस बुलाने की मांग के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान को मिलने वाली 80 करोड़ डालर की सहायता पर रोक लगा दी थी। समाचार पत्र वाल स्ट्रीट जर्नल में छपी एक खबर के संदर्भ में विक्टोरिया ने कहा, पाकिस्तान के साथ आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करना परस्पर वार्ता को मजबूत बनाए रखने पर निर्भर है। ऐसे में हम इसमें कुछ भी नया नहीं देख रहे हैं। विक्टोरिया ने कहा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग हमें जारी रखना होगा और हाल के कई दौरों के जरिए हमने ऐसा करने का प्रयास किया है। प्रवक्ता ने कहा, हम चाहते हैं कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान मिलकर काम करें। आप जानते हैं कि यह हमारे लिए कोई नया विषय नहीं है। ऐसे में हम दोनों के बीच बेहतर रिश्ते के लिए कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, पाकिस्तान के साथ रिश्ता आसान नहीं है, लेकिन यह बेहद महत्वपूर्ण है।
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