अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने दिन के समय ईरान को निशाना बनाकर हवाई हमलों का नया दौर शुरू किया है. माना जा रहा है कि जंग के शुरुआत के बीच अब तक दोनों देशों के बीच ऐसा पहली बार हो रहा है कि दिन में हमले हुए हों. अमेरिकी सेना की मध्य कमान ने ऑनलाइन जारी एक बयान में इन हमलों की शुरुआत की पुष्टि की.
हाल के दिनों में अमेरिका ने ईरान पर केवल रात के समय हमले किए थे. अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कहा, "इन हमलों का मकसद उन सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना है. इनका इस्तेमाल ईरानी बलों ने होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों पर हमले करने के लिए किया है."
ये हमले ऐसे समय में किए गए हैं जब ईरान और अमेरिका के बीच हुआ अंतरिम समझौता लगभग ठंडे बस्ते में जा चुका है.

ईरान में भारी तबाही, सैन्य बैरक तबाह
अमेरिकी फाइटर जेट्स और मिसाइलों ने ईरान के भीतर कई ठिकानों को निशाना बनाया. ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिकी हमलों की चपेट में ईरान की सेना का एक बड़ा बैरक भी आया है. इस भीषण गोलाबारी में ईरान के कम से कम 7 सैनिकों की मौत हो गई है, जबकि देश के अलग-अलग हिस्सों में 260 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं.
'तेल हमारा नहीं, तो किसी का नहीं'
इस सैन्य नाकेबंदी से भड़के ईरान के सबसे शक्तिशाली अर्धसैनिक बल 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' ने बुधवार को खुली चेतावनी जारी की है. ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर उसकी नाकेबंदी नहीं हटाई गई, तो वह पूरे मिडिल ईस्ट से होने वाले वैश्विक ऊर्जा निर्यात को ठप कर देगा.
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा, "इस क्षेत्र से तेल और गैस का निर्यात या तो सबके लिए होगा, या फिर किसी के लिए भी नहीं होगा."
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