- अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के सैन्य ठिकानों पर 24 घंटे में दूसरी बार एयर स्ट्राइक की
- अमेरिका ने पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर पर ड्रोन हमले को ईरान की सीजफायर उल्लंघन बताया
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सैन्य कदम उठाने पर ईरान का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है
अमेरिका ने ईरान पर फिर बड़ा हमला किया है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट आसपास सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है. सिरिक में धमाकों की आवाज सुनी गई. ईरान की मीडिया ने भी इन हमलों की पुष्टि की है. 24 घंटे में ये दूसरी बार है, जब अमेरिकी सेना ने ईरान पर हमला किया है. अमेरिकी सेना के मुताबिक, होर्मुज के पास ईरानी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की गई है. अमेरिकी सेना का कहना है कि ईरान ने पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर पर ड्रोन अटैक कर सीजफायर के नियमों को तोड़ा है. इसी के जवाब में होर्मुज के पास ईरान के सैन्य ठिकानों पर ताजा हमले किए गए हैं.
अमेरिकी सेना ने बताया क्यों किया फिर हमला?
अमेरिकी सेना ने बताया, 'कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की फोर्स ने 27 जून को ईरान में कई ठिकानों पर और हमले किए. M/V एवर लवली पर ईरानी हमले के जवाब में कल अमेरिका द्वारा किए गए हमलों के बाद, ईरान को युद्धविराम समझौते का पालन करने का मौका दिया गया था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया. इसके बजाय, उसकी फोर्स ने एक वन-वे अटैक ड्रोन लॉन्च किया, जिसने आज सुबह 4:30 बजे (ET) M/T किकू को निशाना बनाया. पनामा के झंडे वाला यह टैंकर 20 लाख बैरल से ज्यादा कच्चे तेल के साथ होर्मुज स्ट्रैट के पास से गुजर रहा था. कमर्शियल शिपिंग के खिलाफ ईरान की लगातार आक्रामकता के सीधे जवाब में CENTCOM की फोर्स ने आज हमले किए. अमेरिका के मिलिट्री एयरक्राफ्ट ने ईरान के मिलिट्री सर्विलांस इंफ्रास्ट्रक्चर, कम्युनिकेशन सिस्टम, एयर डिफेंस साइट्स, ड्रोन स्टोरेज फैसिलिटीज और माइनलेयर क्षमताओं को निशाना बनाया. होर्मुज स्ट्रैट से कमर्शियल जहाजों का आना-जाना जारी है. US फोर्स सतर्क, घातक और तैयार है.'
...तो ईरान का अस्तित्व ही नहीं रहेगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पर लिखा, 'अमेरिका के विमानों ने अभी-अभी ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज ठिकानों और तटीय रडार साइटों पर हमला किया है, क्योंकि उन्होंने फिर से सीजफायर समझौते का उल्लंघन किया है! हो सकता है कि एक समय ऐसा आए जब हम समझदारी से काम न ले पाएं और हमें उस काम को सैन्य तरीके से पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़े, जिसे हमने बहुत सफलतापूर्वक शुरू किया था. अगर ऐसा हुआ, तो ईरान का अस्तित्व ही नहीं रहेगा!'
On Truth Social, US President Donald Trump posts, "United States aircraft just struck Iranian missile and drone storage locations, and coastal radar sites, for violating the Cease Fire Agreement, again!... There may come a point when we are no longer able to be reasonable and… pic.twitter.com/0cHxj190Z6
— ANI (@ANI) June 28, 2026

जेडी वेंस ने पहले ही दे दिया था संकेत
अमेरिका और ईरान के बीच हुआ अंतरिम शांति समझौता कितने दिन चलेगा, अब इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं. 24 घंटे में अमेरिका ने ईरान पर दूसरा बड़ा हमला किया है. इसका संकेत अमेरिकी राष्ट्रपति जेडी वेंस ने शनिवार को ही दे दिया था. उन्होंने कहा था कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के नियंत्रण को लेकर कोई कंफ्यूजन है, तो ईरान को हमें फोन करने समस्या का समाधान निकालना चाहिए. ऐसे किसी कार्गो जहाज पर हमला करना ठीक नहीं है. हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा.
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ईरान भी करेगा पलटवार!
अमेरिका ने सबसे पहले शनिवार को ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों और रडार साइटों पर हमला किया. इसके बाद ईरानी सेना ने भी मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर पलटवार किया था. अब अमेरिका ने 24 घंटे में दूसरा बड़ा हमला ईरान पर कर दिया है. ईरानी सेना यकीनन इस हमला पर भी पलटवार करेगी. ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच 2 सप्ताह पहले हुए शांति समझौते पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं.
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