- अमेरिका और इजरायल ने ईरान के इस्फहान शहर में एक बड़े हथियार गोदाम पर संयुक्त हमले किए हैं
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले का वीडियो जारी किया, जिसमें भयंकर विस्फोट दिखाई दिया है
- इस्फहान में अमेरिका ने बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया, जिससे अंडरग्राउंड ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है
ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने हमले तेज कर दिये हैं. अमेरिका ने ईरान के प्रमुख शहर इस्फाहान में एक बड़े हथियार गोदाम (Ammunition Depot) को निशाना बनाया है. इस हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले का वीडियो भी जारी किया, जिसमें भयंकर विस्फोट होता नजर आ रहा है. इस विस्फोट के बाद इस्फाहान का आसमान नारंगी रंग की रोशनी से पट गया. राष्ट्रपति ट्रंप ने वीडियो के बारे में कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि यह वीडियो इस्फहान में स्थित एक प्रमुख गोला-बारूद डिपो पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले का है. इस्फहान ईरान का 23 लाख की आबादी वाला शहर है और यहां बदर सैन्य वायुसेना भी स्थित है.
बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल
ईरान और अमेरिका की जंग के बीच आए इस वीडियो की NDTV पुष्टि नहीं करता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने इस्फहान में एक प्रमुख गोला-बारूद डिपो पर 2,000 पाउंड के बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया, जिससे भारी नुकसान होना तय है. इससे पहले भी अमेरिका ने 7-8 मार्च को इस्फाहान पर बड़ा हमला किया था. वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की है कि हमले में बड़ी संख्या में पेनेट्रेटर मुनिशन (penetrator munitions) तैनात किए गए, जिससे अंडरग्राउंड और मजबूत सुरक्षित ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है. हालांकि, ईरान की ओर से इस हमले के बाद हुए नुकसान की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.
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इस्फहान में यूरेनियम भंडार?
हालिया रिपोर्टों से संकेत मिल रहे हैं कि ईरान ने लगभग 540 किलोग्राम उच्च संवर्धित यूरेनियम का भंडार इस्फहान में एक अंडरग्राउंड ठिकाने में ट्रांसफर कर दिया है. पिछले साल गर्मियों में ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत अमेरिका ने ईरान के परमाणु संयंत्रों को निशाना बनाते हुए एक हमले में भी इस शहर को निशाना बनाया था. इन हमलों की खबरें सोमवार को ट्रंप द्वारा ईरान के ऊर्जा संसाधनों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, जिनमें परमाणु संयंत्र और जल संयंत्र शामिल हैं, उनके बड़े स्तर पर विनाश की धमकी देने के एक दिन बाद आईं. ट्रंप ने एक बार फिर धमकी दी है कि यदि युद्ध समाप्त करने के लिए 'शीघ्र' कोई समझौता नहीं हुआ, तो अंजाम बहुत बुरा होने वाला है.
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बार-बार आरोप लगाया है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के करीब है, एक ऐसा दावा जिसका संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी संस्था समर्थन नहीं करती है.

कितने घातक 'बंकर बस्टर बम' ?
बंकर बस्टर बम (Bunker Buster Bomb) ऐसे विशेष प्रकार के बम होते हैं जिन्हें ज़मीन के भीतर बने मजबूत ठिकानों जैसे- सैन्य बंकर, भूमिगत कमांड सेंटर, हथियार भंडार या सुरंगों को नष्ट करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. सामान्य बम सतह पर फटते हैं, लेकिन बंकर बस्टर बम पहले तेज रफ्तार से धरती, कंक्रीट या चट्टान के अंदर गहराई तक घुसते हैं और फिर विस्फोट करते हैं. इसी वजह से इन्हें 'बंकर तोड़ने वाले' कहा जाता है. इनका खोल बहुत मज़बूत स्टील से बना होता है, ताकि टकराने पर ये टूटे नहीं, बल्कि अंदर तक प्रवेश कर सकें. इन बमों में देरी से फटने वाली विशेष फ़्यूज़ तकनीक होती है, जिससे वे लक्ष्य के भीतर सही गहराई पर जाकर विस्फोट करते हैं. ऐसा करने से ऊपर की सतह को कम नुकसान होता है, लेकिन अंदर मौजूद ठिकाने पूरी तरह से तबाह हो जाते हैं. बंकर बस्टर बम का इस्तेमाल आमतौर पर आधुनिक युद्धों में किया जाता है, खासकर तब जब दुश्मन के अहम ठिकाने जमीन के नीचे छिपे हों. इन्हें शक्तिशाली लड़ाकू विमानों या बमवर्षक विमानों से गिराया जाता है.
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