- ईरान ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोनों से हमला किया है
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर हमले को लंबी लड़ाई बताया और जमीन पर सैनिक उतारने की संभावना जताई है
- अमेरिका ने ईरान के 1250 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं और छह अमेरिकी सैनिक युद्ध में मारे गए हैं
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की जंग चौथे दिन में प्रवेश कर गई है और इसकी आग थमने की जगह और फैलती जा रही है. अब ईरान ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोनों से हमला किया है जिससे आग भड़क गई है. दूसरी तरफ अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले शुरू करने के बाद पहली बार व्हाइट हाउस में मीडिया से बात की और इस सैन्य ऑपरेशन को "हमला करने का आखिरी सबसे अच्छा मौका" कहा. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अभी तो अमेरिका के सबसे बड़े हमले हुए भी नहीं है. एक इंटरव्यू में तो उन्होंने "यदि आवश्यक हो तो" ईरान में अमेरिकी सैनिकों को जमीन पर उतारने की बात से भी इंकार नहीं किया है. मतलब जरूरत पड़ी तो उतारा जा सकता है. यहां पढ़िए ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की जंग से जुड़े 10 बड़े अपडेट.
- ईरान ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोनों से हमला किया है जिससे आग भड़क गई है. न्यूज एजेंसी एएफपी के अनुसार इसकी जानकारी सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने दी है. रियाद में अमेरिकी दूतावास ने एक सुरक्षा अलर्ट जारी कर अमेरिकी नागरिकों को "तुरंत जगह पर आश्रय (शेल्टर)" लेने की सलाह दी है. इससे पहले सूत्रों के हवाले से इस न्यूज एजेंसी ने जानकारी दी थी कि सऊदी के एयर डिफेंस सिस्टम ने रियाद के डिप्लोमेटिक क्वार्टर को निशाना बनाने वाले चार ड्रोनों को रोका था. ट्रंप ने न्यूज नेशन को बताया कि आपको जल्द ही पता चल जाएगा कि अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमले और मारे गए अमेरिकी सैनिकों के लिए ईरान से बदला कैसे लिया जाएगा.
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान पर उनका हमला एक महीने से अधिक समय तक चल सकता है. यह युद्ध शनिवार को एक हमले के साथ शुरू हुआ, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई. अब ट्रंप ने कहा कि यह जंग निर्धारित समय से "काफी हद तक" आगे बढ़ रहा है, लेकिन अमेरिका लंबे समय तक संघर्ष के लिए तैयार है. ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा, "शुरुआत से हमने चार से पांच सप्ताह का अनुमान (जंग चलने का) लगाया था, लेकिन हमारे पास इससे कहीं अधिक समय तक जाने की क्षमता है."
- ट्रंप ने पहली बार ईरान पर हमले के अपने उद्देश्य सामने रखे. उन्होंने बताया ईरान की मिसाइलों, उसके नौसेना और परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करना और पूरे क्षेत्र में सशस्त्र समूहों के लिए उसका समर्थन बंद करवाना उद्देश्य था. खास बात थी कि इसमें विशेष रूप से इस्लामी गणतंत्र को उखाड़ फेंकना शामिल नहीं था.
- यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार, युद्ध में अबतक छह अमेरिकी सैन्यकर्मी मारे गए हैं.
- अमेरिकी सेना ने कहा कि शनिवार को ऑपरेशन शुरू होने के बाद से उसने अबतक ईरान में 1,250 से अधिक ठिकानों पर हमला किया है. खास बात है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को मीडिया से कहा कि यह जानने के बाद कि इजराइल ही पहले ईरान पर हमला करने जा रहा है, अमेरिकी सेना को जवाबी कार्रवाई से बचाने के लिए अमेरिका ने शनिवार को ईरान पर इजरायल के साथ हमला कर दिया.
- ईरानी मीडिया ने सैकड़ों ईरानी लोगों की मौत की सूचना दी है. ईरान ने दावा किया कि दक्षिणी शहर मिनाब में एक लड़कियों के स्कूल पर हमले में 168 लोग (अधिकतर स्कूली लड़कियां) मारे गए और तेहरान के एक अस्पताल पर भी हमला किया गया. अमेरिका के विदेश मंत्री रुबियो ने कहा कि स्कूल पर हमले की घटना की जांच चल रही है लेकिन अमेरिका कभी इसे "जानबूझकर निशाना नहीं बनाएगा".
- ईरान ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में मिसाइलें और ड्रोन लॉन्च करके हमले का जवाब दिया है. स्पष्ट रूप से वैश्विक ऊर्जा लागत में वृद्धि हो सकती है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर कहर बरपा सकती है. रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने साफ-साफ कहा है कि हम होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को जला देंगे. बता दें कि इसके माध्यम से वैश्विक समुद्री तेल का लगभग 20 प्रतिशत यात्रा करता है.
- कतर की सेना ने मंगलवार सुबह अपनी ओर आती दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक दिया. देश के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में यह बात कही है. एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार उसके संवाददाताओं ने दोहा में जोरदार विस्फोटों की आवाज सुनी. मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कतर "देश के भीतर कई क्षेत्रों को निशाना बनाने वाली दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका गया और निष्क्रिय किया गया." कहा गया कि खतरे का पता चलने पर तुरंत उससे निपटा गया.
- सोमवार को पूरे दिन जोरदार विस्फोटों से लेबनान की राजधानी बेरूत दहल गई. इजरायली युद्धक विमानों ने लेबनान की राजधानी के दक्षिणी उपनगरों पर हमला किया. लेबनानी सरकार के अनुसार, हमलों में कम से कम 52 लोग मारे गए और कम से कम 154 घायल हो गए. दक्षिणी शहर सिडोन में, परिवारों ने अपनी कारों की छतों पर गद्दे बांधकर खचाखच भरी सड़कों से भागने का फैसला किया. बता दें कि लेबनान में पैठ बनाने वाले और ईरान से प्रॉक्सी समूह कहे जाने वाले सशस्त्र शिया समूह हिजबुल्लाह ने खामेनेई की मौत का बदला लेने की कसम खाई है और इजरायल की ओर रॉकेट और ड्रोन लॉन्च किए थे. इस बीच लेबनान की सरकार ने हिजबुल्लाह की सैन्य और सुरक्षा गतिविधि पर बैन लगाने का अभूतपूर्व कदम उठाया है.
- इजरायल की सेना ने मंगलवार को कहा है कि उसने अपने अभियान को आगे बढ़ाने की चेतावनी के बाद बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर नए हमले शुरू किए हैं. एएफपी के अनुसार सेना के एक बयान में कहा गया, "इजरायली सेना वर्तमान में बेरूत में हिजबुल्लाह कमांड सेंटर और हथियार रखने वाले ठिकानों पर हमला कर रही है."
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