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'ईरान में मैं जीत गया' बोलकर जंग से बाहर निकलने को तैयार ट्रंप! खुफिया एजेंसियों को खास काम पर लगाया

US Iran War Updates: डोनाल्ड ट्रंप की सरकार के कुछ अधिकारियों और सलाहकारों को डर है कि ईरान युद्ध इस साल होने वाले मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की पार्टी (रिपब्लिकन) को भारी नुकसान पहुंचा सकता है.

'ईरान में मैं जीत गया' बोलकर जंग से बाहर निकलने को तैयार ट्रंप! खुफिया एजेंसियों को खास काम पर लगाया
US Iran War: ईरान जंग में अब क्या फैसला लेंगे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान जंग से एकतरफा जीत का दावा कर बाहर निकलने की तैयारी में हैं- रिपोर्ट
  • अमेरिकी खुफिया एजेंसियां ट्रंप के अचानक युद्ध से पीछे हटने के संभावित परिणामों का गंभीरता से अध्ययन कर रही हैं
  • राष्ट्रपति के लिए यह युद्ध मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाला राजनीतिक संकट बन सकता है
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US Iran War Updates: क्या अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान जंग से थक गए हैं और जीत का दावा करते हुए एकतरफा इससे बाहर निकलने की तैयारी में हैं. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट से तो यही संकेत मिलता है. वॉशिंगटन में बड़े अधिकारी यह समझने में लगे हैं कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अचानक “हम जीत गए” बोलकर पीछे हट जाएं, तो ईरान क्या करेगा. अमेरिका की खुफिया एजेंसियां हर संभावित स्थिति का हिसाब लगा रही हैं- ताकि आगे का कदम सोच-समझकर उठाया जा सके. रॉयटर्स ने यह रिपोर्ट दो अमेरिकी अधिकारियों और मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति के हवाले से छापी है.

इस रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका की खुफिया एजेंसियां इस सवाल के साथ-साथ कई और बातों को भी स्टडी कर रही हैं. यह काम सरकार के बड़े अधिकारियों के कहने पर किया जा रहा है. इसका मकसद यह समझना है कि अगर ट्रंप इस युद्ध से पीछे हटते हैं, तो उसके क्या असर होंगे. कुछ अधिकारियों और सलाहकारों को डर है कि यह युद्ध इस साल होने वाले मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी- रिपब्लिकन पार्टी को भारी नुकसान पहुंचा सकता है.

जंग खत्म करें या नहीं- ट्रंप के लिए मुश्किल चुनाव

रिपोर्ट के अनुसार अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और ट्रंप चाहें तो फिर से सैन्य कार्रवाई तेज कर सकते हैं. लेकिन अगर जल्दी तनाव कम किया जाता है, तो इससे राष्ट्रपति पर राजनीतिक दबाव कम हो सकता है. हालांकि दूसरी तरफ इससे ईरान और ज्यादा मजबूत हो सकता है और वह अपने परमाणु और मिसाइल प्रोग्राम को फिर से बना सकता है, जिससे क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगियों को खतरा हो सकता है. कुल मिलाकर ट्रंप के लिए चुनाव मुश्किल है.

रिपोर्ट के अनुसार यह साफ नहीं है कि खुफिया एजेंसियां अपना काम कब तक पूरा करेंगी, लेकिन इससे पहले भी वे यह विश्लेषण कर चुकी हैं कि अमेरिका के “जीत” के ऐलान पर ईरान के नेता कैसे प्रतिक्रिया देंगे. फरवरी में शुरुआती बमबारी के बाद, खुफिया एजेंसियों ने आकलन किया था कि अगर ट्रंप जीत का ऐलान करते हैं और अमेरिका अपनी सेना कम कर देता है, तो ईरान इसे अपनी जीत मान सकता है.

एक विकल्प यह भी माना जा रहा है कि ट्रंप अपनी जीत का ऐलान करें लेकिन क्षेत्र में भारी संख्या में अमेरिकी सैनिक बनाए रखें. ऐसे में ईरान इसे बातचीत की रणनीति समझ सकता है, लेकिन इससे युद्ध खत्म होगा, यह जरूरी नहीं है.

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