विज्ञापन

ट्रंप के पर कतरने की तैयारी! अमेरिकी संसद में आ रहा प्रस्ताव, ईरान पर हमले से पहले लेनी होगी मंजूरी

US Iran War and Donald Trump Politics: अमेरिका का संविधान कहता है कि युद्ध की घोषणा करने का अधिकार संसद के पास है, राष्ट्रपति के पास नहीं. डोनाल्ड ट्रंप ने इसका काट निकाल लिया है.

ट्रंप के पर कतरने की तैयारी! अमेरिकी संसद में आ रहा प्रस्ताव, ईरान पर हमले से पहले लेनी होगी मंजूरी
US Iran War and Donald Trump Politics: क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए ईरान जंग घाटे का सौदा साबित होगा

US Iran War and Donald Trump Politics: अमेरिका के अंदर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पर कतरने की तैयारी चल रही है. अमेरिका के सांसद अगले हफ्ते फिर से कोशिश करेंगे कि एक प्रस्ताव पास किया जाए, जिससे ईरान के साथ युद्ध को रोका जा सके और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए किसी भी आगे के हमले से पहले कांग्रेस की मंजूरी लेना जरूरी हो. राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान के साथ दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा के कुछ घंटों बाद यह बात सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चक शूमर ने कही. यह रिपोर्ट न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने छापी है.

 चक शूमर ने न्यूयॉर्क में कहा कि अमेरिकी संसद को अपने अधिकार फिर से लागू करने चाहिए, खासकर इस खतरनाक समय में.

ट्रंप की डराने वाली बोली

डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को अपनी डेडलाइन खत्म होने से दो घंटे से भी कम समय पहले ईरान के साथ दो हफ्ते के लिए सीजफायर डील कर ली. ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर मंगलवार की रात 8 बजे (अमेरिकी समयानुसार) ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोला तो अमेरिका ईरान के नागरिक ढांचे पर भयानक हमले करेगा. ट्रंप ने तो यहां तक धमकी दी कि “आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी” और इसने दुनिया भर में चिंता पैदा कर दी. विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के कई नेताओं ने इसकी कड़ी आलोचना की और उनमें से दर्जनों सांसदों ने ट्रंप को पद से हटाने की मांग की.

अमेरिका का संविधान क्या कहता है?

सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद पिछले कुछ महीनों में कई बार कोशिश कर चुके हैं कि युद्ध शक्तियों से जुड़ा प्रस्ताव पास किया जाए, जिससे ट्रम्प को किसी भी सैन्य कार्रवाई से पहले सांसदों की मंजूरी लेनी पड़े. लेकिन उनकी कोशिशें बार-बार असफल रही हैं. कांग्रेस में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के साथी (पार्टी के पास सीनेट और हाउस दोनों में मामूली बहुमत है) लगभग सभी ने ट्रंप की नीतियों का समर्थन किया है.

हालांकि अमेरिका का संविधान कहता है कि युद्ध की घोषणा करने का अधिकार संसद के पास है, राष्ट्रपति के पास नहीं, लेकिन यह नियम छोटी अवधि की सैन्य कार्रवाइयों या तुरंत खतरे की स्थिति में लागू नहीं होता. ट्रंप इसी लूपहोल का फायदा उठाकर महीने से लंबी जंग लड़ जा रहे.

इसी बीच, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेटिक नेता और न्यूयॉर्क के प्रतिनिधि हकीम जेफ्रीज ने कहा कि हाउस को भी ईरान के खिलाफ युद्ध को सीमित करने वाले प्रस्ताव पर वोट करना चाहिए. हकीम जेफ्रीज़ ने सीएनएन से कहा, “हमें डोनाल्ड ट्रंप के इस लापरवाह और खुद चुने हुए युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करना होगा.”

यह भी पढ़ें: अब न जंग रुकेगी न बातचीत होगी? ईरान आगबबूला, कहा- '24 घंटे में सीजफायर की 3 शर्तों को तोड़ा गया'

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com