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24 घंटे में ईरान पर अमेरिकी सेना का तीसरा बड़ा हमला! 300 से अधिक सैन्य ठिकानों पर दागी मिसाइलें

अमेरिकी सेना ने 24 घंटे में ईरान पर तीसरा बड़ा हमला किया है. ट्रंप की सेना ने कहा कि इन हमलों का मकसद ईरान की क्षमता को और कमजोर करना है, ताकी वह होर्मुज में हमला न कर सके.

24 घंटे में ईरान पर अमेरिकी सेना का तीसरा बड़ा हमला! 300 से अधिक सैन्य ठिकानों पर दागी मिसाइलें
US Iran War News: अमेरिका ईरान की जंग फिर शुरू (फोटो - NDTV)
  • अमेरिका ने ईरान पर एक बार फिर नए हमले किए, महशहर के वॉटर पंपिंग स्टेशन पर मिसाइल गिरने से एक की मौत
  • द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, 24 घंटे के अंदर ईरानी ठिकानों पर अमेरिकी हमलों की यह तीसरी बड़ी लहर थी
  • अमेरिका का दावा- इन हमलों का मकसद ईरान की क्षमता को और कमजोर करना है, ताकी वह होर्मुज में हमला न कर सके

मिडिल ईस्ट में फिर से हिंसा की वही कहानी दोहराई जा रही है. सीजफायर टूट चुका है और अमेरिका-ईरान की जंग वापस से पहले की ही तरह चरम पर पहुंच रही है. अमेरिका ने ईरान पर एक बार फिर नए हमले किए. ईरान की सरकारी मीडिया IRNA के अनुसार दक्षिण-पश्चिमी ईरान के खुजेस्तान में महशहर काउंटी के एक वॉटर पंपिंग स्टेशन पर एक मिसाइल गिरने से एक सिक्योरिटी गार्ड की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए हैं. अमेरिका का आरोप है कि ईरानी सेना ने हॉर्मुज से गुजर रहे व्यापारिक जहाजों पर हमला किया था और उसने इसी के जवाब में हमला किया है.

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बताया कि ईरान के खुजेस्तान प्रांत के शहरों खोर्रमशहर और होवेजेह में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं.

द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, 24 घंटे के अंदर ईरानी ठिकानों पर अमेरिकी हमलों की यह तीसरी बड़ी लहर थी. रिपोर्ट में एक सीनियर अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया कि इस बार हमले हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास और ईरान के समुद्री तट वाले इलाकों पर किए गए हैं. इससे दोनों देशों के बीच पहले से ही कमजोर सीजफायर पर और ज्यादा दबाव पड़ गया.

अमेरिकी सेना ने क्या कहा?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने एक पोस्ट में कहा, "आज अमेरिकी समय के अनुसार शाम 5 बजे, अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेना ने ईरान पर फिर से हमले शुरू किए. इन हमलों का मकसद ईरान की उस क्षमता को और कमजोर करना है, जिससे वह हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे आम नाविकों और व्यापारिक जहाजों पर हमला कर सके."

उसने आगे कहा, "अमेरिका के राष्ट्रपति ने आदेश दिया है कि इन हमलों के जरिए ईरानी सेना को उसके कामों के लिए जवाबदेह ठहराया जाए." अमेरिकी सेना का दावा है कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस जलमार्ग से गुजर रहे आम नागरिकों के जहाजों पर हमला किया है. यह जानकारी सेंटकॉम के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने दी. सीएनएन और द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान की एक क्रूज मिसाइल और एक एक तरफा हमला करने वाले ड्रोन को मार गिराया है.

उन्होंने द न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा, "हम ईरान को उसके कामों के लिए जवाबदेह ठहरा रहे हैं."

ईरान में गिर रहीं अमेरिकी मिसाइलें

द वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, रविवार को इससे पहले भी अमेरिका ने ईरान की मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम के साथ-साथ हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास मौजूद IRGC की छोटी नौकाओं पर हमले किए थे. फॉक्स न्यूज के मुताबिक, रातभर में अमेरिकी सेना ने ईरान के करीब 140 सैन्य ठिकानों पर हमला किया. पिछले तीन दिनों में निशाना बनाए गए ईरानी सैन्य ठिकानों की कुल संख्या 300 से ज्यादा हो गई है.

इसके जवाब में, वीकेंड (शनिवार-रविवार) के दौरान ईरान ने अमेरिका से जुड़े ठिकानों और क्षेत्र के दूसरे देशों पर हमले किए. कुवैत ने कहा कि उसकी उत्तरी सीमा पर मौजूद तीन चौकियों को नुकसान पहुंचा. इसके अलावा, कुवैत ऑयल कंपनी के समुद्र में बने एक तेल ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म पर भी एक ड्रोन हमला हुआ, जिसमें एक कर्मचारी घायल हो गया.

ईरान ने दावा किया कि उसने कुवैत में मौजूद अमेरिका के हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम (हिमार्स) लॉन्चरों को निशाना बनाया. लेकिन सेंटकॉम ने ईरान के इस दावे को खारिज कर दिया कि इस हमले में अमेरिकी सैनिक मारे गए. सेंटकॉम ने कहा, "इस इलाके में किसी भी अमेरिकी सैनिक के मारे जाने या घायल होने की एक भी रिपोर्ट नहीं है."

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने फिर से शुरू हुई लड़ाई पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने ईरान द्वारा जहाजों पर किए गए हमलों, अमेरिका के ईरान पर किए गए हमलों और ईरान द्वारा पड़ोसी देशों पर किए गए हमलों पर भी चिंता जताई है. एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि ये सभी हमले तुरंत बंद होने चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर फिर से पूरी तरह युद्ध शुरू हुआ, तो इसके बहुत विनाशकारी परिणाम पूरे क्षेत्र, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेंगे. उन्होंने वॉशिंगटन और तेहरान से अपील की कि वे जल्द से जल्द फिर से बातचीत शुरू करें.

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