- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोप लियो की आलोचना करते हुए उन्हें कमजोर और विदेश नीति में खराब बताया है
- जवाब में ईरानी दूतावास ने ट्रंप के चरित्र पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके कारनामों और अपराधों की सूची साझा की है
- दूतावास ने ट्रंप पर बच्चों की मौत और अन्य गंभीर अपराधों का आरोप लगाते हुए उनकी निंदा की है
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईसाइयों के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप लियो XIV की खुलकर और मनभरकर आलोचना की है. इसके बाद घाना में ईरानी दूतावास ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर निशाना साधा है. ईरानी दूतावास ने अमेरिकी राष्ट्रपति की आलोचना करते हुए ट्रंप के चरित्र पर कई आरोप लगाए. ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "पोप ने शांति के लिए प्रार्थना की. ट्रंप ने आज रात उन्हें कमजोर कहा और बोला कि मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए जो मेरी आलोचना करे!"
दूतावास ने ट्रंप के चरित्र को कठघरे में खड़ा करते हुए बताया कि आइए इस व्यक्ति (ट्रंप) के कारनामों से जानते हैं कि यह कौन है- वह सालों तक लगातार एपस्टीन के आइलैंड पर जाता रहा! जब उसकी पत्नी प्रेग्नेंट थी, तो उसने एक पोर्न स्टार को चुप रहने के लिए पैसे दिए और इसके लिए उसे सजा हुई. 34 गंभीर अपराध! उसकी मिसाइल मिनाब में मासूम बच्चों से भरे एक स्कूल से टकराई, जिसमें 168 की मौत हुई!"
The Pope prayed for peace. Trump tonight called him "WEAK" and said: "I don't want a Pope who criticizes me!".
— Iran in Ghana (@IRAN_GHANA) April 13, 2026
Let the record show who this man is:
He went to Epstein's island consistently FOR YEARS!
He paid hush money to a porn star while his wife was pregnant — and got…
ट्रंप ने पोप को निशाने पर लिया
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार की सुबह ट्रूथ सोशल पर लिखा, "पोप लियो अपराध के मामले में कमजोर हैं और विदेश नीति के लिए बहुत बुरे हैं. पोप मेरी सरकार के 'डर' की बात तो करते हैं, लेकिन वो उस डर के बारे में कुछ नहीं बोलते जो कोरोना के समय चर्च ने झेला था. उस वक्त चर्च में प्रार्थना सभा आयोजित करने के लिए पादरियों और अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा था." इससे व्हाइट हाउस और वेटिकन के बीच तनाव फिर से बढ़ गया.
पोस्ट में, ट्रंप ने पोप पर आरोप लगाया कि वे कोविड-19 महामारी के दौरान धार्मिक सभाओं पर लगी पिछली पाबंदियों को नजरअंदाज करते हुए अपने सरकार की आलोचना पर ध्यान दे रहे हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को लेकर पोप की 'नरमी' पर भी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, "मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए जो सोचता हो कि ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार होना ठीक है." अमेरिकी राष्ट्रपति ने पोस्ट में यह भी लिखा कि केवल उनके राष्ट्रपति होने के कारण अमेरिका में जन्मे लियो पोप बने हैं.
इतना ही नहीं एक अलग पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को ईसा मसीह के रूप में दर्शाते हुए एक तस्वीर पोस्ट की है. यह फोटो AI से बनी दिखती है जिसमें ट्रंप एक अस्वस्थ्य दिख रहे शख्स को चमत्कारी आशीर्वाद देते दिख रहे हैं. बैकग्राउंड में अमेरिका का झंडा है, कई अमेरिकी सैनिक फरिश्ते से दिख रहे हैं और फाइटर जेट उड़ते दिख रहे हैं.
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