- ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर समझौते के बावजूद दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर हमले किए.
- ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर भारी नुकसान पहुंचाया.
- अमेरिका ने ईरान के 10 ठिकानों को निशाना बनाया, जिसके बाद ईरान ने करारा पलटवार किया है.
US Iran War: ईरान-अमेरिका के बीच फिर से जंग तेज होती नजर आ रही है. दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर हमला कर रहे हैं. इससे बीते दिनों सीजफायर समझौते पर बनी बात कोरी साबित हो चुकी है. रविवार को अमेरिका ने ईरान ने 10 ठिकानों पर हमले किए. इसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिका के 8 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने घोषणा की कि IRGC नेवी और एयरोस्पेस फोर्सेज ने आज सुबह 2:00 से 3:00 बजे के बीच एक संयुक्त मिसाइल और ड्रोन ऑपरेशन लॉन्च किया.
कुवैत, बहरीन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर ईरान का हमला
ईरान ने मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सेना के आठ प्रमुख बुनियादी ढांचे पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन लॉन्च किए. IRGC का कहना है कि उसने कुवैत में अली अल-सलेम एयर बेस और सलमान पोर्ट, बहरीन में पांचवें बेड़े के नौसैनिक अड्डे को निशाना बनाया है, उन्हें नष्ट कर दिया है और दक्षिणी ईरान पर अमेरिका की हालिया आक्रामकता का निर्णायक जवाब दिया है.
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— NDTV India (@ndtvindia) June 28, 2026
ईरान की दो टूक- होर्मुज पर हमारा कंट्रोल, उल्लंघन पर करारा जवाब मिलेगा
- ईरान के आईआरजीसी का कहना है कि इस्लामाबाद एमओयू के आधार पर, होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात नियंत्रण व्यवस्था ईरान के पास है, और अब से, उल्लंघन करने वाले जहाजों से पहले की तुलना में अधिक सख्ती से निपटा जाएगा.
- ईरान का साफ कहना है कि दुश्मन द्वारा किसी भी बहाने से संभावित आक्रामकता, भले ही पिछली रात और आज रात की तरह, आक्रामकता कम महत्व के उद्देश्यों को लक्षित करती है, उन्हें कुचलने वाली प्रतिक्रिया मिलेगी.
अमेरिका ने ईरान के हमले पर क्या कहा?
हालांकि एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि ईरानी हमलों के बाद कोई अमेरिकी हताहत नहीं हुआ है या वाशिंगटन की सुविधाओं पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा है. अमेरिका ने कहा कि ईरानी हमले के बाद भी हमने ईरान को शांति का एक मौक़ा दिया लेकिन ईरान ने फिर पनामा झंडे वाले MT किकु पर हमला किया जो 2 मिलियन बैरल कच्चा तेल ले जा रहा था. लिहाजा U.S. मिलिट्री एयरक्राफ्ट ने ईरानी मिलिट्री सर्विलांस इंफ्रास्ट्रक्चर, कम्युनिकेशन सिस्टम, एयर डिफेंस साइट्स, ड्रोन स्टोरेज फैसिलिटी और माइनलेयर कैपेबिलिटी को निशाना बनाया.

ईरान को धमकी देते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पोस्ट.
ट्रंप ने दी धमकी- ... तो ईरान का अस्तित्व नहीं रहेगा
इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पर लिखा, 'अमेरिका के विमानों ने अभी-अभी ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज ठिकानों और तटीय रडार साइटों पर हमला किया है, क्योंकि उन्होंने फिर से सीजफायर समझौते का उल्लंघन किया है! हो सकता है कि एक समय ऐसा आए जब हम समझदारी से काम न ले पाएं और हमें उस काम को सैन्य तरीके से पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़े, जिसे हमने बहुत सफलतापूर्वक शुरू किया था. अगर ऐसा हुआ, तो ईरान का अस्तित्व ही नहीं रहेगा!'
अमेरिका-ईरान जंग के के बीच ताजा अपडेट:
अमेरिकी सेना का कहना है कि उसने 10 ईरानी 'सैन्य ठिकानों' पर हमले किए. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके बताई. CENTCOM के मुताबिक ये हमले होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरानी ठिकानों पर किए गए.
कुवैत का कहना है कि उसकी हवाई सुरक्षा आने वाली मिसाइलों और ड्रोनों को रोक रही है, क्योंकि देश भर में हवाई हमले के सायरन बज रहे हैं. बहरीन में अधिकारियों ने चेतावनी सायरन भी सक्रिय कर दिए हैं.
ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद पूरे बहरीन में मिसाइल अलर्ट सायरन बजने लगे है.
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