विज्ञापन

ट्रंप के 'U-टर्न' के बीच ओमान का बड़ा दांव, खाड़ी देशों ने दी हरी झंडी, क्या ईरान अब वसूलेगा 'हॉर्मुज टैक्स'?

अमेरिकी हमलों में ईरान में अब तक दर्जनों लोग मारे जा चुके हैं और कई पुलों व सुरंगों समेत सैन्य ठिकाने तबाह हो चुके हैं. इस बीच ओमान ने होर्मुज को लेकर गुड न्यूज दिया है.

ट्रंप के 'U-टर्न' के बीच ओमान का बड़ा दांव, खाड़ी देशों ने दी हरी झंडी, क्या ईरान अब वसूलेगा 'हॉर्मुज टैक्स'?
AFP

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बीते पांच महीनों से छिड़ी भीषण जंग के बीच मिडिल ईस्ट से होर्मुज को लेकर नई खबर आई है. ओमान ने हॉर्मुज को लेकर एक नया फॉर्मूला पेश किया है. इसे खाड़ी देशों का समर्थन मिल गया है. इस योजना के तहत ईरान को हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से 'ऐच्छिक शुल्क' वसूलने की अनुमति देने का प्रस्ताव है. माना जा रहा है कि इस फॉर्मूले से वैश्विक तेल व्यापार पर मंडरा रहा बड़ा संकट टल सकता है.

क्या है ओमान का यह 'मलक्का मॉडल'?

रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया, ओमान का यह नया प्रस्ताव एशिया के 'मलक्का स्ट्रेट' के मॉडल पर आधारित है. जिस तरह इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर मलक्का में जहाजों से नेविगेशन, पर्यावरण सुरक्षा और सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए स्वैच्छिक योगदान लेते हैं, ठीक वैसा ही ढांचा हॉर्मुज में भी लागू करने की योजना है.

इस व्यवस्था में ईरान का हॉर्मुज जलमार्ग पर एकतरफा या एकाधिकार नियंत्रण नहीं रहेगा, बल्कि यह एक साझा और स्वैच्छिक प्रक्रिया होगी. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोमवार को ओमान और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों के साथ बातचीत के दौरान हॉर्मुज को लेकर क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है.

हॉर्मुज की नाकाबंदी से क्यों थमी दुनिया?

28 फरवरी को जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू किए थे, उसके बाद ईरान ने हॉर्मुज को अपने जहाजों को छोड़कर बाकी सभी के लिए बंद कर दिया था.

जून में अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौते के तहत इसे आंशिक रूप से खोला गया था, लेकिन जुलाई की शुरुआत में ईरान द्वारा तय न किए गए रूट से गुजरने वाले जहाजों पर फायरिंग के बाद यह समझौता पूरी तरह टूट गया. 

ईरान का कहना है कि वह ओमान (जो हॉर्मुज के दूसरे छोर पर है) के साथ मिलकर इस जलमार्ग का प्रबंधन करना चाहता है और सर्विस फीस लेना चाहता है. वहीं, अमेरिका चाहता है कि युद्ध से पहले वाली स्थिति बहाल हो, जहां जहाज बिना कोई टैक्स दिए स्वतंत्र रूप से आवाजाही कर सकें. अमेरिका का तर्क है कि अनिवार्य फीस वसूलना गैर-कानूनी है.

यह भी पढ़ें: जापान के इस शहर में बनने जा रही पहली मस्जिद, मचा खूब बवाल, यह डर है या नफरत?

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Hormuz, Iran US Deal, Hormuz Blockade In Iran Us War
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com