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ट्रंप सजा रहे अरमान लेकिन परमाणु पर नहीं पिघला ईरान! दोहा वार्ता का क्या नतीजा निकला?

दोहा वार्ता में ईरान की तरफ से काजेम गरीबाबादी शामिल हुए. यहां ईरान ने अमेरिका से शिकायत की कि उसने पहले किए गए वादे पूरे नहीं किए.

ट्रंप सजा रहे अरमान लेकिन परमाणु पर नहीं पिघला ईरान! दोहा वार्ता का क्या नतीजा निकला?
US Iran Talks: अमेरिका-ईरान ने दोहा में की अलग-अलग बैठक (फोटो- NDTV)
  • अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों ने बुधवार, 1 जुलाई को कतर की राजधानी दोहा में अलग-अलग बैठक की
  • कतर ने कहा कि बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है और दोनों पक्षों ने आगे भी बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई
  • ईरान के दिवंगत पूर्व सुप्रीम नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद अगली बैठक जितनी जल्दी हो सके होगी- कतर

अमेरिका और ईरान के बीच हुई सीजफायर डील को बार-बार की झड़प कमजोर कर रही है और ऐसे में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने बुधवार, 1 जुलाई को कतर की राजधानी दोहा में अलग-अलग बैठक की. इन बैठकों में कतर और पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई. कतर ने कहा कि बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है और दोनों पक्षों ने आगे भी बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई. इसके बावजूद कई ऐसे बयान भी सामने आए हैं तो दिखा रहे हैं कि दोनों देशों के बीच अविश्वास कितना गहरा है.

कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने X पर कहा कि ईरान के दिवंगत पूर्व सुप्रीम नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद अगली बैठक जितनी जल्दी हो सके होगी. अंतिम संस्कार शनिवार से तेहरान में शुरू होगा. जंग के पहले दिन अमेरिकी-इजरायली हमले में आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी.

कतर में हुए इन बैठकों में अमेरिका की ओर से मिडिल ईस्ट के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर  बातचीत के लिए मौजूद थे. इन बैठकों का मकसद युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने का रास्ता निकालना है. ईरान की ओर से मुख्य वार्ताकार काजेम गरीबाबादी शामिल थे. यह सभी समझौते की छोटी-छोटी और जरूरी बातें तय करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि बाद में दोनों देशों के बड़े नेता समझौते पर मुहर लगा सकें. लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य और लेबनान में सीजफायर को लेकर अभी भी बड़े मतभेद हैं.

अमेरिका ने क्या कहा?

बैठक अभी चल ही रही थी तभी अमेरिका से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि दोहा में ईरान के साथ चल रही बातचीत अच्छी दिशा में बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि अभी शुरुआत ही है, लेकिन बातचीत अच्छी चल रही है. वेंस ने कहा, "इस समय अमेरिका, ईरान, कतर और दूसरे देशों के तकनीकी विशेषज्ञ दोहा में बैठकर समझौते की छोटी-छोटी बातों पर चर्चा कर रहे हैं."

उन्होंने आगे कहा, "हमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता है. अब हम उस पर भी बात शुरू करेंगे. फिलहाल बातचीत अच्छी चल रही है."

ईरान ने क्या कहा?

तसनीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि दोहा की बैठक में ईरान ने अमेरिका से शिकायत की कि उसने पहले किए गए वादे पूरे नहीं किए. उन्होंने कहा, "हमने दोहा की बैठक में लेबनान से जुड़े मामलों में अमेरिका द्वारा अपने वादे पूरे न करने का मुद्दा उठाया." उन्होंने यह भी बताया कि कतर के अधिकारियों के साथ ईरान के 6 अरब अमेरिकी डॉलर के फ्रीज (जब्त किए गए) पैसे में से कुछ हिस्से के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई.

इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम खत्म करने (डीन्यूक्लियराइजेशन) की प्रक्रिया अच्छी चल रही है. लेकिन दूसरी तरफ ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के इंस्पेक्टर्स को बमबारी से प्रभावित अपने परमाणु ठिकानों पर जाने की अनुमति नहीं देगा. उन्होंने कहा कि यह फैसला संसद और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल द्वारा बनाए गए कानून के अनुसार लिया गया है.

गालिबाफ ने सरकारी टीवी IRIB को दिए इंटरव्यू में कहा, "यह कहना गलत है कि IAEA के निरीक्षकों को बमबारी वाले स्थानों पर जाने दिया जाएगा. संसद ने कानून बनाया है और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने भी इसे मंजूरी दी है. इस कानून के अनुसार, जिन जगहों पर पिछले साल बमबारी हुई है और नुकसान हुआ है, वहां किसी भी हालत में जाने की अनुमति नहीं है. यही कानून है."

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