- अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले बिल को मंजूरी दे दी है
- यह बिल भारत, चीन और ब्राजील को सस्ते रूसी तेल की खरीद से रोकने और दंडित करने का प्रावधान करता है
- बिल के तहत रूस से अमेरिका में आयातित वस्तुओं और सेवाओं पर टैरिफ को पांच सौ प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा
अमेरिका के सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने बुधवार, 8 जनवरी को दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले बिल को हरी झंडी दे दी है, जो भारत, चीन और ब्राजील को रूसी तेल खरीदने से रोकेगा, पुतिन की युद्ध मशीन को समर्थन देने वाले देशों को दंडित करेगा. अमेरिकी कांग्रेस की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, इस बिल का नाम "सैंक्शनिंग ऑफ रशिया एक्ट 2025" है. इसके कई प्रावधानों में से एक यह भी है कि जो देश जानबूझकर रूस से यूरेनियम और पेट्रोलियम उत्पादों खरीदते हैं, उनपर अमेरिका में 500% टैरिफ लगाया जा सकता है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि यह बिल उस समय लाया जा रहा है जब यूक्रेन के लिए शांति वार्ता वार्ता चल रही है. उन्होंने संकेत दिया कि दोनों पार्टियां, रिपब्लिकन और डेमोक्रेट मिलकर इस बिल को पेश कर रहे हैं और अलगे हफ्ते इसपर वोटिंग होगी.
"विभिन्न मुद्दों पर आज राष्ट्रपति ट्रंप के साथ एक बहुत ही सार्थक बैठक हुई. उन्होंने द्विदलीय (bipartisan) रूस प्रतिबंध विधेयक को हरी झंडी दी, जिस पर मैं सीनेटर ब्लूमेंथल और कई अन्य लोगों के साथ महीनों से काम कर रहा था. यह सही समय पर होगा, क्योंकि यूक्रेन शांति के लिए रियायतें दे रहा है और पुतिन निर्दोषों को मारने के लिए बातें कर रहे हैं. यह विधेयक राष्ट्रपति ट्रंप को उन देशों को दंडित करने की अनुमति देगा जो पुतिन की युद्ध मशीन को फ्यूल (समर्थन) देने के लिए सस्ते रूसी तेल खरीदते हैं. यह विधेयक राष्ट्रपति ट्रंप को चीन, भारत और ब्राजील जैसे देशों के खिलाफ जबरदस्त बढ़ते (मौका) देगा, ताकि सस्ते रूसी तेल खरीदने से रोका जा सके, जो यूक्रेन के खिलाफ पुतिन के नरसंहार के लिए फंडिंग करते हैं. मैं एक मजबूत द्विदलीय वोट की आशा करता हूं, जिसपर उम्मीद है कि अगले सप्ताह की शुरुआत में वोटिंग होगी."
After a very productive meeting today with President Trump on a variety of issues, he greenlit the bipartisan Russia sanctions bill that I have been working on for months with Senator Blumenthal and many others.
— Lindsey Graham (@LindseyGrahamSC) January 7, 2026
This will be well-timed, as Ukraine is making concessions for peace…
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि पीएम मोदी रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर लगाए गए ऊंचे टैरिफ से नाखुश हैं. ट्रंप ने संकेत देने की कोशिश की है कि भले दोनों के बीच संबंध सौहार्दपूर्ण बने हुए हैं, लेकिन टैरिफ मुद्दे ने तनाव पैदा कर दिया है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "मेरे पीएम मोदी के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं, लेकिन वह मुझसे खुश नहीं हैं क्योंकि भारत उच्च टैरिफ का भुगतान कर रहा है. लेकिन अब उन्होंने रूस से तेल खरीदना काफी हद तक कम कर दिया है."
बता दें कि भारत को रूसी तेल खरीद पर दंड देने के लिए कुल 50% टैरिफ लगाए गए हैं. अमेरिका भारत की इस तेल खरीद को यूक्रेन संघर्ष के बीच रूस की अर्थव्यवस्था के समर्थन के रूप में देखता है. जबकि भारत का कहना है कि घरेलु जरूरतों के लिए वह रूस से तेल खरीदता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं