वाशिंगटन:
अमेरिका के इलिनॉयस प्रांत की हार्वे सिटी काउंसिल ने साल 2002 में गोधरा कांड के बाद गुजरात में हुए दंगों की निंदा करने वाला एक प्रस्ताव पारित कर इसके पीड़ितों को न्याय नहीं दिए जाने पर चिंता जाहिर की है। सिटी काउंसिल की ओर से इस हफ्ते पारित प्रस्ताव में 27 फरवरी 2002 के गोधरा कांड में मारे गए लोगों के साथ दंगा पीड़ितों के प्रति एकजुटता प्रकट की गई है।
प्रस्ताव में कहा गया, ‘‘हार्वे सिटी काउंसिल 2002 के गुजरात दंगों की निंदा करती है क्योंकि यह मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन और गुजरात में कानून-व्यवस्था स्थापित रखने की जिम्मेदारी संभालने वाली मशीनरी की नाकामी थी।’’ इसमें इस बात पर चिंता जाहिर की गई कि दुनियाभर में निंदा होने के बावजूद दंगे में जिंदा बचे पीड़ितों को न्याय नहीं दिया जा रहा।
प्रस्ताव में कहा गया कि इस मामले में बहुत कम गिरफ्तारियां हुई हैं और यहां तक कि बड़े पैमाने पर लोगों की हत्या के दौरान और उसके बाद दर्ज हुए मामलों में बहुत ही कम लोगों को दोषी करार दिया जा सका है। हार्वे के मेयर एरिक केलॉग ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मतदान परिषद एवं आम जनता के बीच से आए चार अन्य सदस्यों ने शिरकत की।
प्रस्ताव में कहा गया, ‘‘हार्वे सिटी काउंसिल 2002 के गुजरात दंगों की निंदा करती है क्योंकि यह मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन और गुजरात में कानून-व्यवस्था स्थापित रखने की जिम्मेदारी संभालने वाली मशीनरी की नाकामी थी।’’ इसमें इस बात पर चिंता जाहिर की गई कि दुनियाभर में निंदा होने के बावजूद दंगे में जिंदा बचे पीड़ितों को न्याय नहीं दिया जा रहा।
प्रस्ताव में कहा गया कि इस मामले में बहुत कम गिरफ्तारियां हुई हैं और यहां तक कि बड़े पैमाने पर लोगों की हत्या के दौरान और उसके बाद दर्ज हुए मामलों में बहुत ही कम लोगों को दोषी करार दिया जा सका है। हार्वे के मेयर एरिक केलॉग ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मतदान परिषद एवं आम जनता के बीच से आए चार अन्य सदस्यों ने शिरकत की।
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