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मिडिल ईस्ट में बड़ी संख्या में सेना और फाइटर जेट भेज रहा अमेरिका, इस 'एयर ब्रिज' ने बढ़ाई ईरान की चिंता

अमेरिका ने आरसी-135 रिवेट जॉइंट खुफिया विमान और पी-8 पोसाइडन समुद्री गश्ती विमान जैसे सहायक विमानों को भी तैनात किया है. कुछ आरसी-135 सुरक्षा कारणों से ग्रीस के क्रेते द्वीप पर स्थानांतरित किए गए हैं, जबकि अन्य फ्लोरिडा से आ रहे हैं.

मिडिल ईस्ट में बड़ी संख्या में सेना और फाइटर जेट भेज रहा अमेरिका, इस 'एयर ब्रिज' ने बढ़ाई ईरान की चिंता
  • अमेरिका ने ईरान के साथ परमाणु समझौते पर बातचीत के बीच मध्य पूर्व की ओर सैन्य विमानों की आवाजाही तेज कर दी है
  • जर्मनी, इटली, दक्षिण कैरोलिना, ब्रिटेन और वर्जीनिया से लड़ाकू जेट मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहे हैं.
  • अमेरिकी अधिकारी संभावित हमलों की तैयारी कर रहे हैं, जबकि ईरान ने हमले का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है
नई दिल्ली:

ईरान के साथ संभावित परमाणु समझौते पर बातचीत की नाजुक स्थिति के बीच, अमेरिका ने मध्य पूर्व की ओर सैन्य विमानों की आवाजाही तेज कर दी है. उड़ान ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि क्षेत्र की ओर सुरक्षाकर्मियों, गोला-बारूद और उपकरणों को ले जाने वाले विमानों का निरंतर आना-जाना लगा हुआ है.

फ्लाइटराडार का एक वीडियो विश्व के मानचित्र से शुरू होता है, जो अमेरिका और मध्य पूर्व की ओर आगे बढ़ता है. स्क्रीन पर लड़ाकू जेट, ईंधन भरने वाले टैंकर और परिवहन विमानों के आइकन दिखते हैं, जो अमेरिकी ठिकानों से उड़ान भर रहे हैं. फ्लाइट रूट लगातार एक ही लाइन पर दिखाई देते हैं, जो अटलांटिक महासागर को पार एक डिजिटल 'एयर ब्रिज' बनाते हैं, जो यूरोप और भूमध्य सागर के ऊपर से गुजरता है.

कई तरह के लड़ाकू जेट तैनात किए गए हैं. एयर एंड स्पेस फोर्सेज की एक रिपोर्ट के अनुसार, जर्मनी के स्पैंगडाहलेम एयर बेस, इटली के एवियानो एयर बेस और दक्षिण कैरोलिना के मैकएंटायर जॉइंट नेशनल गार्ड बेस से एफ-16 फाइटिंग फाल्कन मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहे हैं.

ब्रिटेन के आरएएफ लेकनहीथ से एफ-15ई स्ट्राइक ईगल और वर्जीनिया के जॉइंट बेस लैंगली-यूस्टिस से एफ-22 रैप्टर भी तैनात किए गए हैं. ये विमान पहले ईरानी परमाणु स्थलों पर हमलों और पिछले साल के ऑपरेशन मिडनाइट हैमर सहित विशेष अभियानों में भाग ले चुके हैं.

अमेरिका ने आरसी-135 रिवेट जॉइंट खुफिया विमान और पी-8 पोसाइडन समुद्री गश्ती विमान जैसे सहायक विमानों को भी तैनात किया है. कुछ आरसी-135 सुरक्षा कारणों से ग्रीस के क्रेते द्वीप पर स्थानांतरित किए गए हैं, जबकि अन्य फ्लोरिडा से आ रहे हैं. कई ईंधन भरने वाले विमान, हवाई कमान, नियंत्रण विमान और इलेक्ट्रॉनिक संचार विमान भी तैनाती में शामिल हो रहे हैं.

हारेत्ज़ की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी नौसेना ने भी अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है. यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप एफ-35सी और ईए-18 लड़ाकू जेट के साथ अरब सागर में तैनात है. यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड, जिसने हाल ही में कैरिबियन में ऑपरेट किया था, अपने स्ट्राइक विमानों के साथ पूर्वी भूमध्य सागर की ओर बढ़ रहा है.

ये गतिविधियां ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ते तनाव के बीच हो रही हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगाने वाले एक नए समझौते की मांग की है, जबकि ईरान का कहना है कि बातचीत जारी है लेकिन अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि सेना संभावित हमलों की तैयारी कर रही है, जिनमें ईरानी सुरक्षा ठिकानों या नेताओं को निशाना बनाना और आदेश मिलने पर सत्ता परिवर्तन की कार्रवाई करना भी शामिल है. वहीं ईरान ने चेतावनी दी है कि किसी भी हमले का माकूल जवाब दिया जाएगा.

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