- अमेरिका ने ईरान के साथ परमाणु समझौते पर बातचीत के बीच मध्य पूर्व की ओर सैन्य विमानों की आवाजाही तेज कर दी है
- जर्मनी, इटली, दक्षिण कैरोलिना, ब्रिटेन और वर्जीनिया से लड़ाकू जेट मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहे हैं.
- अमेरिकी अधिकारी संभावित हमलों की तैयारी कर रहे हैं, जबकि ईरान ने हमले का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है
ईरान के साथ संभावित परमाणु समझौते पर बातचीत की नाजुक स्थिति के बीच, अमेरिका ने मध्य पूर्व की ओर सैन्य विमानों की आवाजाही तेज कर दी है. उड़ान ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि क्षेत्र की ओर सुरक्षाकर्मियों, गोला-बारूद और उपकरणों को ले जाने वाले विमानों का निरंतर आना-जाना लगा हुआ है.
फ्लाइटराडार का एक वीडियो विश्व के मानचित्र से शुरू होता है, जो अमेरिका और मध्य पूर्व की ओर आगे बढ़ता है. स्क्रीन पर लड़ाकू जेट, ईंधन भरने वाले टैंकर और परिवहन विमानों के आइकन दिखते हैं, जो अमेरिकी ठिकानों से उड़ान भर रहे हैं. फ्लाइट रूट लगातार एक ही लाइन पर दिखाई देते हैं, जो अटलांटिक महासागर को पार एक डिजिटल 'एयर ब्रिज' बनाते हैं, जो यूरोप और भूमध्य सागर के ऊपर से गुजरता है.
ब्रिटेन के आरएएफ लेकनहीथ से एफ-15ई स्ट्राइक ईगल और वर्जीनिया के जॉइंट बेस लैंगली-यूस्टिस से एफ-22 रैप्टर भी तैनात किए गए हैं. ये विमान पहले ईरानी परमाणु स्थलों पर हमलों और पिछले साल के ऑपरेशन मिडनाइट हैमर सहित विशेष अभियानों में भाग ले चुके हैं.
The massive USAF airbridge to support future strikes on Iran continued overnight, with dozens of airlifters moving additional air defense assets and munitions into the Middle East. pic.twitter.com/qIqgc1YjFh
— OSINTtechnical (@Osinttechnical) February 22, 2026
अमेरिका ने आरसी-135 रिवेट जॉइंट खुफिया विमान और पी-8 पोसाइडन समुद्री गश्ती विमान जैसे सहायक विमानों को भी तैनात किया है. कुछ आरसी-135 सुरक्षा कारणों से ग्रीस के क्रेते द्वीप पर स्थानांतरित किए गए हैं, जबकि अन्य फ्लोरिडा से आ रहे हैं. कई ईंधन भरने वाले विमान, हवाई कमान, नियंत्रण विमान और इलेक्ट्रॉनिक संचार विमान भी तैनाती में शामिल हो रहे हैं.
ये गतिविधियां ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ते तनाव के बीच हो रही हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगाने वाले एक नए समझौते की मांग की है, जबकि ईरान का कहना है कि बातचीत जारी है लेकिन अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि सेना संभावित हमलों की तैयारी कर रही है, जिनमें ईरानी सुरक्षा ठिकानों या नेताओं को निशाना बनाना और आदेश मिलने पर सत्ता परिवर्तन की कार्रवाई करना भी शामिल है. वहीं ईरान ने चेतावनी दी है कि किसी भी हमले का माकूल जवाब दिया जाएगा.
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