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This Article is From Mar 09, 2026

समुद्री रास्तों की सुरक्षा के लिए आगे की कार्रवाई को तैयार...अमेरिका ने होर्मुज की सुरक्षा का लिया जिम्मा

अमेरिका ने ईरान के बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने का संकल्प जताया. अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान की नौसेना काफी कमजोर हो चुकी है और जरूरत पड़ने पर और सैन्य दबाव डाला जाएगा.

समुद्री रास्तों की सुरक्षा के लिए आगे की कार्रवाई को तैयार...अमेरिका ने होर्मुज की सुरक्षा का लिया जिम्मा
मिडिल ईस्ट संकट ने बढ़ाई दुनिया की सिरदर्दी
  • अमेरिका होर्मुज स्ट्रैट की सुरक्षा सुनिश्चित कर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति रास्ते को चालू रखने के लिए प्रतिबद्ध
  • अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान की नौसैनिक क्षमताओं को पहले ही काफी हद तक कमजोर किया गया है
  • अमेरिका का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा बनने वाले ईरानी जहाजों और संसाधनों को निशाना बनाना है

संयुक्त राज्य अमेरिका ने कहा है कि वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के मुक्त प्रवाह को बनाए रखेगा क्योंकि ईरान के साथ संघर्ष तेज होता जा रहा है. वहीं, अमेरिका ने चेतावनी दी है कि तेहरान अमेरिकी सैन्य संकल्प को कम करके आंक रहा है. सीबीएस के कार्यक्रम “60 मिनट” को दिए एक इंटरव्यू में अमेरिका के युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी सेना पहले ही ईरान की नौसैनिक क्षमताओं को कमजोर कर रही है और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए आगे की कार्रवाई के लिए तैयार है.

अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का क्या मकसद

हेगसेथ ने कहा, ईरान की नौसेना अब काफी हद तक खत्म हो चुकी है. अमेरिकी सेना उन जहाजों और सैन्य संसाधनों को निशाना बनाना जारी रखेगी जो समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं. उन्होंने संकेत दिया कि वॉशिंगटन की सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऐसे व्यवधान पैदा ही न हों. जब उनसे होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा और इस क्षेत्र में काम कर रहे वाणिज्यिक जहाजों का भरोसा बहाल करने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “हम इनमें से बहुत कुछ संभाल रहे हैं…अमेरिकी सैन्य शक्ति इसमें पूरी तरह जुटी हुई है.”

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संघर्ष ऊर्जा आपूर्ति में बन रहा बड़ी बाधा

हेगसेथ ने कहा कि प्रशासन का मानना है कि सैन्य अभियान जारी रखते हुए भी वह आर्थिक प्रभाव को संभाल सकता है. यह हासिल करने के लिए एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है. अमेरिकी अधिकारी अपने सहयोगियों और ऊर्जा से जुड़े प्राधिकरणों के साथ काम कर रहे हैं ताकि वैश्विक बाजारों पर किसी भी झटके को कम किया जा सके. यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और यह आशंका जताई जा रही है कि यह संघर्ष ऊर्जा आपूर्ति में बड़े व्यवधान का कारण बन सकता है.

ईरान के खिलाफ अभियान रणनीतिक प्रयास

समुद्री पहलू से आगे बढ़ते हुए, हेगसेथ ने ईरान के खिलाफ अभियान को एक रणनीतिक प्रयास बताया जिसका उद्देश्य तेहरान की उस क्षमता को कमजोर करना है जिससे वह अमेरिकी सेना, क्षेत्रीय साझेदारों और वैश्विक व्यापार को खतरा पहुंचा सकता है. जब उनसे पूछा गया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को “बिना शर्त आत्मसमर्पण” की चेतावनी देने का क्या मतलब है, तो उन्होंने कहा, इसका मतलब है कि हम जीतने के लिए लड़ रहे हैं. इसका मतलब है कि शर्तें हम तय करेंगे. हेगसेथ के अनुसार, लक्ष्य उस स्थिति तक पहुंचना है जब ईरान सैन्य अभियान जारी रखने में सक्षम न रह जाए. हमें पता चल जाएगा जब वे लड़ने में सक्षम नहीं रहेंगे. एक समय ऐसा आएगा जब उनके पास आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा.

अमेरिका ने अभी लड़ाई शुरू की है

उन्होंने यह भी जोर दिया कि मौजूदा चरण अमेरिकी अभियान की सिर्फ शुरुआती अवस्था है. “हमने अभी लड़ाई शुरू ही की है, अभी हमने दबाव बढ़ाना शुरू किया है,” हेगसेथ ने कहा, जिससे संकेत मिलता है कि आगे और सैन्य दबाव डाला जा सकता है. इंटरव्यू में यह भी सामने आया कि इस संघर्ष के आसपास भू-राजनीतिक जटिलताएं बढ़ रही हैं. कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि रूस अमेरिका की सैन्य गतिविधियों से जुड़ी खुफिया जानकारी ईरान के साथ साझा कर सकता है. इन रिपोर्टों पर पूछे जाने पर हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी कमांडर स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं और इसे अपनी सैन्य योजना में ध्यान में रख रहे हैं. उन्होंने कहा, “हमारे पास दुनिया की सबसे बेहतरीन खुफिया व्यवस्था है. हमें पता है कौन किससे बात कर रहा है और क्यों.”

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हेगसेथ ने क्या कुछ बताया

अमेरिकी अधिकारी ने यह सुझाव भी खारिज कर दिया कि ऐसी किसी सहयोग से अमेरिकी सैनिकों को बड़ा खतरा होगा. उन्होंने कहा, “कोई हमें खतरे में नहीं डाल रहा. हम ही दूसरों को खतरे में डाल रहे हैं और यही हमारा काम है.” हेगसेथ ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की सीमाओं के बारे में विस्तार से बताने से भी इनकार कर दिया और कहा कि वॉशिंगटन अपने सभी विकल्प खुले रखना चाहता है. उन्होंने कहा, “आप दुश्मन को, प्रेस को या किसी को भी यह नहीं बताते कि किसी अभियान में आपकी सीमाएं क्या हैं.” हम सफल होने के लिए जितना जरूरी होगा, उतना आगे जाने के लिए तैयार हैं.

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस अभियान के दौरान अमेरिकी सैनिक हताहत हो सकते हैं लेकिन अमेरिका अपने लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा, और जो अमेरिकी सैनिक कार्रवाई में मारे जाएंगे उन्हें उनकी सेवा और बलिदान के लिए सम्मानित किया जाएगा. हेगसेथ ने कहा कि मौजूदा रणनीति को मध्य पूर्व में पहले के अमेरिकी युद्धों से अलग देखा जाना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरानी समाज को बदलने या लंबे समय तक कब्जा करने की कोशिश नहीं कर रहा है. उन्होंने कहा, यह अमेरिकी नजरिए से ईरानी समाज को बदलने का प्रयास नहीं है और इसे इराक व अफगानिस्तान में अमेरिका की लंबी सैन्य मौजूदगी से अलग बताया.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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