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UN रिपोर्ट में दावा: रूस और यूक्रेन जंग के दौरान कर रहे यौन हिंसा; महिलाओं, बच्चों से ज्यादा पुरुष पीड़ित

यूक्रेन सरकार के कंट्रोल वाले इलाकों में, रूसी और तीसरे देश के युद्धबंदियों और हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ यूक्रेनी अधिकारियों द्वारा किए गए उल्लंघनों में से लगभग आधे मामलों में यौन हिंसा की धमकी और जननांगों पर मारपीट शामिल थी.

UN रिपोर्ट में दावा: रूस और यूक्रेन जंग के दौरान कर रहे यौन हिंसा; महिलाओं, बच्चों से ज्यादा पुरुष पीड़ित
संयुक्त राष्ट्र की ये रिपोर्ट युद्ध के और खतरनाक पहलू को उजागर करती है.
  • UN रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन में रूसी सेना ने बड़े पैमाने पर आम नागरिकों और युद्धबंदियों के साथ यौन हिंसा की
  • रिपोर्ट में 2022 से 2026 तक के संघर्ष में हुए एक हजार से अधिक यौन हिंसा के मामलों की पुष्टि की गई है
  • युद्धबंदियों और हिरासत में लिए गए लोगों के साथ गैंगरेप, जननांगों पर बिजली के झटके देने जैसे गंभीर अत्याचार हुए

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने शुक्रवार को एक रिपोर्ट में कहा कि यूक्रेन में रूसी सेना ने आम नागरिकों और युद्धबंदियों के साथ बड़े पैमाने पर यौन हिंसा की. इसमें गैंग रेप और जननांगों पर बिजली के झटके देना शामिल है. वहीं, यूक्रेनी अधिकारी भी कुछ मामलों में उल्लंघन के लिए जिम्मेदार पाए गए. इस रिपोर्ट में फरवरी 2022 से लेकर जुलाई 2026 के बीच संघर्ष से जुड़ी यौन हिंसा के 1,004 ऐसे मामलों का ज़िक्र है, जिनकी पुष्टि हो चुकी है.

यूक्रेन ने रूस पर दिया बयान, खुद पर नहीं

इन मामलों में से 89% के लिए रूसी पक्ष जिम्मेदार था, जिसमें सेना, जेल सेवा और सुरक्षा एजेंसियों के सदस्य शामिल थे, जबकि 11% मामले यूक्रेन से जुड़े थे, जिनमें यूक्रेनी सेना के सदस्य शामिल थे. जेनेवा में रूस के स्थायी राजनयिक मिशन ने इस रिपोर्ट पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वह इस रिपोर्ट के प्रकाशन का स्वागत करता है. मंत्रालय के अनुसार, यह रिपोर्ट रूस द्वारा किए गए मानवाधिकार उल्लंघनों के पैमाने और ऐसी हिंसा को रोकने तथा पीड़ितों को मुआवज़ा देने के लिए यूक्रेन द्वारा उठाए जा रहे कदमों को दिखाती है. हालांकि, इस बयान में यूक्रेनी सेना द्वारा दुर्व्यवहार की घटनाओं के बारे में मिली जानकारी पर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की गई.

किस तरह की हुई यौन हिंसा

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई कि ये नतीजे पूरी तरह से सही नहीं हो सकते, क्योंकि संघर्ष से जुड़ी यौन हिंसा की घटनाओं की रिपोर्ट बहुत कम होती है. इसमें कहा गया कि रूस ने UN मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय को कब्जे वाले यूक्रेनी इलाकों, युद्धबंदियों और हिरासत में लिए गए नागरिकों तक पहुंचने की इजाज़त नहीं दी, जिसका मतलब है कि इन आंकड़ों में उल्लंघनों का असली पैमाना शायद कम करके दिखाया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि यूक्रेन के कब्जे वाले इलाकों और रूस के अंदर, रूसी अधिकारियों ने यूक्रेनी युद्धबंदियों और हिरासत में लिए गए नागरिकों के साथ यौन हिंसा की. यह हिंसा उन्हें पकड़ने, एक जगह से दूसरी जगह ले जाने, पूछताछ करने और हिरासत में रखने—यानी हर चरण में—की गई. इन उल्लंघनों में गैंग रेप, रेप, जननांगों को नुकसान पहुंचाना और पुरुषों के जननांगों पर सोवियत-युग के 'टैपिक' नाम के फील्ड टेलीफोन से इलेक्ट्रिक शॉक देना शामिल था. ये नतीजे दोनों पक्षों द्वारा की गई यौन हिंसा के पीड़ितों के साथ किए गए इंटरव्यू पर आधारित थे.

पुरुषों के साथ कैसे हुई ज्यातर ज्यादती

हिरासत में लिए गए ज़्यादातर पीड़ित पुरुष थे, खासकर युद्धबंदी और हिरासत में लिए गए लोग; हालांकि, महिलाएं और बच्चे भी इससे प्रभावित हुए, खासकर यूक्रेन के उन इलाकों में जिन पर रूस का कब्जा था. यूक्रेन में UN के मानवाधिकार निगरानी मिशन की प्रमुख डेनियल बेल ने कहा, "अक्सर यह गलतफहमी होती है कि संघर्ष के दौरान होने वाली यौन हिंसा मुख्य रूप से महिलाओं और लड़कियों को प्रभावित करती है, जबकि यूक्रेन युद्ध के मामले में, इससे बचे ज़्यादातर लोग पुरुष हैं." उन्होंने कहा, "और पुरुषों व महिलाओं के ठीक होने के लिए अलग-अलग समाधान और तरीकों की ज़रूरत होती है." रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया कि रूस अपने कर्मियों द्वारा की गई यौन हिंसा को रोकने, उसकी जांच करने या दोषियों पर मुकदमा चलाने के लिए कदम उठाने में नाकाम रहा है और उसने जानकारी के लिए OHCHR के अनुरोधों पर कोई ध्यान नहीं दिया है.

यूक्रेन के इलाकों में क्या हुआ

यूक्रेन सरकार के कंट्रोल वाले इलाकों में, रूसी और तीसरे देश के युद्धबंदियों और हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ यूक्रेनी अधिकारियों द्वारा किए गए उल्लंघनों में से लगभग आधे मामलों में यौन हिंसा की धमकी और जननांगों पर मारपीट शामिल थी. OHCHR ने कहा कि उसने यूक्रेनी सेना द्वारा रूसी युद्धबंदियों के साथ बलात्कार का कोई मामला दर्ज नहीं किया है. OHCHR ने बताया कि रूसी और तीसरे देश के युद्धबंदियों ने 10 आधिकारिक हिरासत केंद्रों और 55 अनौपचारिक या ट्रांज़िट स्थानों पर यौन हिंसा की बात कही. उसने कहा कि यूक्रेनी सरकार ने ऐसे उल्लंघनों को रोकने के लिए कुछ कदम उठाए थे और OHCHR के अनुरोधों पर सहयोग भी किया था, हालांकि जवाबदेही सुनिश्चित करने के प्रयास सीमित ही रहे. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने कहा, "हमारी रिपोर्ट में दर्ज इन घिनौनी हरकतों के इतने बड़े पैमाने पर होने से मैं बहुत चिंतित हूं, और मुझे डर है कि यूक्रेन में हम हर दिन जो लगातार हिंसा देख रहे हैं, उसके बीच ये हरकतें लगभग निश्चित रूप से जारी हैं."

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