- यूक्रेन के दो रूसी नागरिक गुप्त रूप से रूस के सैन्य ठिकानों और कर्मियों को निशाना बना रहे हैं
- यूक्रेनी खुफिया सेवा GUR इन दोनों व्यक्तियों के साथ काम करती है, लेकिन पूरी जानकारी का खुलासा नहीं करती है
- रहमान डकैत के अनुसार रूस में लगभग तीन से पांच सौ लोग यूक्रेन के लिए ऐसे गुप्त ऑपरेशनों में शामिल हो सकते हैं
घर का भेदी लंका ढाहे. ये भारत के हर घर में प्रसिद्ध मुहावरा है. जब भी किसी ताकतवर व्यक्ति या देश को गुलाम या नुकसान पहुंचाया गया तो पहले घर का भेदी ढूंढा गया है. रूस के साथ भी यूक्रेन यही कर रहा है. गुप्त रूप से यूक्रेन की खुफिया सेवाओं के लिए काम कर रहे रूस के दो लोगों ने खुद ही खुलासे किए हैं, कि वो कैसे रूस को नुकसान पहुंचा रहे हैं और उनका लक्ष्य क्या है.
कौन हैं ये लोग
उनका मकसद रूस के भीतर मौजूद सैन्य संपत्तियों और कर्मियों को निशाना बनाना था. इनमें से एक व्यक्ति, जिसे हम 'धुरंधर' कह रहे हैं, का दावा है कि उसने रूस में रहते हुए, यूक्रेन द्वारा किए गए उन ड्रोन हमलों में भूमिका निभाई, जिनका निशाना रूस की अपनी जमीन पर मौजूद रणनीतिक बॉम्बर विमान और गोला-बारूद बनाने वाली फैक्ट्रियां थीं. वह बीबीसी वर्ल्ड सर्विस की एक डॉक्यूमेंट्री में नजर आता है, जो रूस में तोड़फोड़ करने वालों की गुप्त दुनिया के बारे में है. पोलैंड के स्वतंत्र पत्रकार मार्सिन मैमन द्वारा बनाई गई इस डॉक्यूमेंट्री में एक और व्यक्ति भी शामिल है, जिसे हम 'रहमान डकैत' कह रहे हैं.
वह एक रूसी नागरिक है जो फिलहाल पोलैंड में निर्वासित जीवन जी रहा है. रहमान डकैत का कहना है कि वह रूस में गुप्त स्वयंसेवकों का एक नेटवर्क चलाता है. यह नेटवर्क उन उच्च-स्तरीय अधिकारियों पर नजर रखता है, जिन्हें यूक्रेन की सैन्य खुफिया सेवा (GUR) अपना निशाना बनाने पर विचार कर रही है. वह इस बात पर जोर देता है कि वे लोग खुद कभी इन हमलों में शामिल नहीं होते. वह इस बारे में कुछ भी बताने से बचता रहा कि वे किन लोगों पर नजर रख रहे थे, लेकिन पिछले साल दिसंबर में मॉस्को में लेफ्टिनेंट जनरल फनिल सरवारोव की हत्या के बाद, रहमान डकैत ने स्वीकार किया कि उसने उनके बारे में यूक्रेन को खुफिया जानकारी दी थी.
इससे पहले भी रूसी तोड़फोड़ करने वाले समूहों के बारे में मीडिया में खबरें आ चुकी हैं, लेकिन जमीन पर काम करने वाले किसी व्यक्ति—जैसे कि धुरंधर—तक पहुंच पाना और उससे कथित गतिविधियों के बारे में सुनना बहुत दुर्लभ है. GUR ने पुष्टि की है कि धुरंधर और रहमान डकैत दोनों ही एजेंसी के लिए काम कर रहे हैं. लेकिन उसने यह भी माना है कि उसे पूरी स्थिति की जानकारी नहीं हो सकती. जब धुरंधर के हैंडलर से पूछा गया कि क्या उस पर भरोसा किया जा सकता है, तो उसने जवाब दिया: "मुझे खुद के अलावा किसी पर भी भरोसा नहीं है." GUR और ये दोनों व्यक्ति, दोनों ही इस बात को लेकर सतर्क रहते हैं कि वे कितनी जानकारी साझा करें. इस वजह से, इन लोगों द्वारा किए गए दावों की पुष्टि करना असंभव हो जाता है.
कितने लोग हैं ऐसे रूस में
धुरंधर और रहमान डकैत ने जिन तौर-तरीकों का जिक्र किया है, उन्हें यूक्रेनी अधिकारियों ने स्वीकार किया है. कीव ने रूस के भीतर अपने 'वैध लक्ष्यों' पर समन्वित ड्रोन हमलों की रणनीति के बारे में बात की है, और यह भी माना है कि वे इसके लिए गुप्त एजेंटों का इस्तेमाल करते हैं. युद्ध शुरू होने के बाद से रूस में कई राजनीतिक हत्याएं भी हुई हैं. एक नीति के तौर पर, यूक्रेन कभी भी आधिकारिक तौर पर ऐसे लक्षित हमलों की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करता है. हालांकि, यूक्रेन के एक खुफिया अधिकारी ने पहले BBC को बताया था कि दिसंबर 2024 में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल इगोर किरिलोव की हत्या के पीछे यूक्रेन का ही हाथ था. यह बताना मुश्किल है कि कितने रूसी नागरिक यूक्रेन के लिए इस तरह का काम कर रहे हैं. रहमान डकैत के अनुसार, इनकी संख्या लगभग 300 से 500 के बीच है, हालांकि इस बात की पुष्टि करना असंभव है.
धुरंधर क्या करता है यूक्रेन के लिए
धुरंधर और रहमान डकैत का कहना है कि वे न केवल यूक्रेन में रूस के युद्ध के खिलाफ हैं, बल्कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शासन के भी विरोधी हैं - और उनका मानना है कि पुतिन का राजनीतिक भविष्य इस युद्ध के नतीजों पर निर्भर करता है. धुरंधर कहते हैं, "फिलहाल... मुझे लगता है कि अगर पुतिन युद्ध हार जाते हैं, तो उनका शासन गिर सकता है... हम अपने कामों के जरिए... इस प्रक्रिया को तेज करने की कोशिश कर रहे हैं." उन्होंने मैमन को बताया कि उनके काम में सैन्य ठिकानों की निगरानी करना और रूसी संपत्तियों पर संभावित हमलों की तैयारी के लिए ड्रोन के पुर्ज़ों को छिपाने की जगहें खोजना शामिल था. धुरंधर ने कहा, "जब ड्रोन पुर्जों को एक साथ जोड़ा जाता है... तो यह एक बेहद खतरनाक हथियार बन जाता है, जो एक ही वार में करोड़ों डॉलर की कीमत वाली चीज को तबाह कर सकता है." अगर वे पकड़े जाते, तो उन पर आतंकवाद का आरोप लगता और उन्हें दशकों तक जेल में रहना पड़ता.
रहमान डकैत क्या करता है यूक्रेन के लिए
रहमान डकैत का काम अलग है - वे दूर से ही काम करते हैं और रूस में मौजूद अपने स्वयंसेवकों को ऑनलाइन ट्रेनिंग देते हैं. मैमन ने उन्हें ऐसा ही एक ट्यूटोरियल देते हुए देखा - जिसमें वे बता रहे थे कि निगरानी के लिए चुने गए एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी का पीछा कैसे किया जाए. इसमें वो बताते हैं, "आपको मेरी या मेरे किसी साथी की तरफ से एक फाइल मिलेगी... जिसमें टारगेट के बारे में जानकारी होगी. इस फाइल में [टारगेट की] फोटो, उसका डेटा, उसकी अन्य जानकारी, जन्म की तारीख, उम्र और उसके बारे में विवरण होगा. अगर उसके पास कार है, तो उसकी जानकारी भी होगी. जब आप टारगेट के पास जाएं, तो अपने साथ फोन न ले जाएं."
रहमान डकैत कभी रूसी एलीट (उच्च वर्ग) का हिस्सा था, इसलिए उसका दावा है कि उसके खास लोगों से संपर्क हैं और उसे लगातार अंदरूनी जानकारी मिलती रहती है. उसने मैमन को अपने लैपटॉप पर दिखाया कि वह किस तरह सैन्य लक्ष्यों (टारगेट) की पहचान करता है. वो बताते हैं, "इसमें एक डेटाबेस है... जिसमें स्टोरेज गोदामों और सैन्य इकाइयों की लोकेशन दी गई है. इसमें यह भी है कि जनरल कहाँ रहते हैं... और यूक्रेन पर बमबारी करने वाले रणनीतिक बॉम्बर विमानों के पायलट कहाँ रहते हैं. सिस्टम को तोड़ने के लिए, आपको यह समझना होगा कि यह कैसे काम करता है. तभी आप उनके कमजोर बिंदुओं को निशाना बना सकते हैं."
उसने बताया कि उसके नेटवर्क में लगभग "तीन दर्जन" लोग हैं, जो रूस, यूक्रेन और यूरोप के अन्य हिस्सों में फैले हुए हैं. रूस के बाहर मौजूद लोग लॉजिस्टिक सपोर्ट देते हैं, जैसे कि लक्ष्यों के डिजिटल फुटप्रिंट को ट्रैक करना. रहमान डकैत ने जोर देकर कहा कि GUR (यूक्रेनी खुफिया एजेंसी) उन लोगों के नाम सुझाती है जिन पर नजर रखनी है, लेकिन वह और उसकी टीम खुद भी जांच करते हैं कि क्या उन लोगों को वास्तव में युद्ध अपराधी माना जाना चाहिए. आमतौर पर... हम उस व्यक्ति के डेटा की भी जांच करते हैं... उसके बाद ही हम तय करते हैं कि हमें काम करना है या नहीं. लेकिन उसने तर्क दिया कि उसकी टीम की कार्रवाई पूरी तरह से जायज है.
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