
रोज़ा खोलते रोज़ेदार (प्रतिकात्मक तस्वीर)
लंदन:
ब्रिटेन में प्राथमिक स्कूल ट्रस्ट ने अपने चार स्कूलों में रमजान के महीने में मुस्लिम बच्चों के रोजा रखने पर रोक लगा दी है। उसका कहना है कि इससे बच्चों की सेहत को नुकसान पहुंचेगा और इस्लाम में भी बच्चों के रोजा रखने की मनाही है।
पूर्वी लंदन में लॉयन एकैडमी ट्रस्ट के बार्कले प्राइमरी स्कूल ने मुस्लिम अभिभावकों को पत्र भेजकर कहा है कि अगर बच्चों को भोजन और पानी से दूर रखा गया तो उनकी सेहत खराब हो सकती है।
इस पत्र पर 10 जून की तारीख दी हुई है। इस बार यहां 17 जून से रमजान शुरू हो रहा है और आजकल काफी गर्मी है। यह समय स्कूलों के लिए काफी व्यस्त कार्यक्रमों वाला होता है। इस दौरान स्कूलों में खेल और दूसरे आयोजन होते हैं।
ब्रार्कले प्राइमरी स्कूल के अलावा इस ट्रस्ट के तीन अन्य स्कूलों में बच्चों के रोजा रखने पर पाबंदी रहेगी। यह तीन अन्य स्कूल साइबर्न प्राइमरी स्कूल, थॉमस गैम्वेल प्राइमरी स्कूल और ब्रुक हाउस प्राइमरी स्कूल हैं।
ट्रस्ट के इस कदम की मुस्लिम समुदाय ने आलोचना की है। मुस्लिम एसोसिएसन ऑफ ब्रिटेन (एमएबी) ने कहा कि कम उम्र के लोगों को रोजा नहीं रखने को लेकर इस्लाम के भीतर पर्याप्त नियम हैं और यह फैसला करने का हक मां-बाप का है कि उनका बच्चा रोजा रखेगा या नहीं।
पूर्वी लंदन में लॉयन एकैडमी ट्रस्ट के बार्कले प्राइमरी स्कूल ने मुस्लिम अभिभावकों को पत्र भेजकर कहा है कि अगर बच्चों को भोजन और पानी से दूर रखा गया तो उनकी सेहत खराब हो सकती है।
इस पत्र पर 10 जून की तारीख दी हुई है। इस बार यहां 17 जून से रमजान शुरू हो रहा है और आजकल काफी गर्मी है। यह समय स्कूलों के लिए काफी व्यस्त कार्यक्रमों वाला होता है। इस दौरान स्कूलों में खेल और दूसरे आयोजन होते हैं।
ब्रार्कले प्राइमरी स्कूल के अलावा इस ट्रस्ट के तीन अन्य स्कूलों में बच्चों के रोजा रखने पर पाबंदी रहेगी। यह तीन अन्य स्कूल साइबर्न प्राइमरी स्कूल, थॉमस गैम्वेल प्राइमरी स्कूल और ब्रुक हाउस प्राइमरी स्कूल हैं।
ट्रस्ट के इस कदम की मुस्लिम समुदाय ने आलोचना की है। मुस्लिम एसोसिएसन ऑफ ब्रिटेन (एमएबी) ने कहा कि कम उम्र के लोगों को रोजा नहीं रखने को लेकर इस्लाम के भीतर पर्याप्त नियम हैं और यह फैसला करने का हक मां-बाप का है कि उनका बच्चा रोजा रखेगा या नहीं।