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ब्रिटेन में एक VIDEO से बवाल- मरते युवक को पुलिस पहना रही थी हथकड़ी, पास खड़ा था चाकूबाज भारतीय कातिल

ब्रिटेन में 18 साल का लड़का गुहार लगाता रहा कि "मुझे सांस नहीं आ रही...", लेकिन पुलिस ने उसी को हथकड़ी लगा दी. बाद में पता चला कि असली कातिल पास ही खड़ा था और उसने पुलिस से झूठ बोला था.

ब्रिटेन में एक VIDEO से बवाल- मरते युवक को पुलिस पहना रही थी हथकड़ी, पास खड़ा था चाकूबाज भारतीय कातिल
ब्रिटेन में भारतीय मूल के हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा मिली है (फोटो- ब्रिटेन पुलिस)

ब्रिटेन में एक पुलिस की वर्दी में लगे बॉडी कैमरा में कैद वीडियो सामने आने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. वीडियो में दिखता है कि पुलिस एक मरते हुए 18 साल के लड़के के हाथ में हथकड़ी लगा रही है. इस लड़के को भारतीय मूल के एक सिख युवक ने चाकू मारा था. उस हत्यारे ने मौके पर पुलिस से झूठ कहा था कि वह खुद नस्लीय (रेसिस्ट) हमले का शिकार हुआ है. पुलिस उसकी बात को सच मान बैठी और जिसे चाकू लगा था उसे ही हथकड़ी पहना रही थी. इस घटना के बाद पूरे ब्रिटेन में पुलिसिया एक्शन, झूठे नस्लभेद के आरोप और बढ़ते चाकूबाजी अपराध को लेकर गुस्सा बढ़ गया है.

6 महीने पुराना मामला, अब वीडियो वायरल

अब वायरल हो चुके वीडियो में 18 साल का हेनरी नोवाक इंग्लैंड के शहर साउथैम्पटन की एक सड़क पर गंभीर रूप से घायल हालत में पड़ा दिखाई देता है. वह बार-बार पुलिस से कहता है, "मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं." वीडियो में यह भी दिखता है कि जब हेनरी नोवाक पुलिस को बताता है कि उसे चाकू मारा गया है, तब पुलिस उसकी बात को गंभीरता से नहीं लेती. वीडियो में नोवाक अपनी पीठ के बल लेटा हुआ है. पुलिस उसके हाथ पकड़कर उसे बैठाने की कोशिश कर रही है. इस दौरान वह बार-बार कहता है कि उसे चाकू मारा गया है और वह सांस नहीं ले पा रहा.

वीडियो में एक पुलिस अधिकारी उससे पूछता है, "तुम्हें चाकू मारा गया है? कहां?" फिर वह कहता है, "मुझे नहीं लगता कि तुम्हें चाकू मारा गया है, दोस्त."

यह वीडियो पुलिस ने हेनरी नोवाक के परिवार की अनुमति के बाद जारी किया है. इससे कुछ दिन पहले ही उसके हमलावर और भारतीय मूल के 23 वर्षीय विक्रम डिगवा को ब्रिटेन की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. उसे कम से कम 21 साल जेल में रहना होगा.

दिसंबर 2025 में हुई इस घटना के बॉडीकैम वीडियो में विक्रम डिगवा पुलिस से कुछ कदम दूर खड़ा दिखाई देता है. दूसरी तरफ खून से लथपथ हेनरी नोवाक को पुलिस गिरफ्तार कर रही होती है और उसकी मदद की गुहार को नजरअंदाज कर रही होती है. विक्रम डिगव सिख है और उसने घटना के वक्त पुलिस से कहा था कि श्वेत युवक (व्हाइट मेल) हेनरी नोवाक ने उस पर नस्लीय हमला किया है. मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने उसकी बात पर भरोसा कर लिया था।

अब हत्यारे को उम्रकैद

इस हफ्ते ब्रिटेन की अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि विक्रम डिगवा ने नस्लीय हमले वाली बात झूठी कही थी. जांच में पता चला कि हेनरी नोवाक घटना के समय अपने दोस्तों के साथ बाहर गया हुआ था. जब पुलिस उस जगह पहुंची, जहां मारपीट की सूचना मिली थी, तब हेनरी नोवाक एक घर के ड्राइववे में मिला. उसे एक व्यक्ति संभाले हुए था, जिसने बताया कि नोवाक के मुंह में खून भरा हुआ था. पास में खड़े विक्रम डिगवा ने पुलिस से कहा कि उसे भी चोट लगी है. उसने अपनी आंख की सूजी हुई पलक दिखाते हुए दावा किया कि हेनरी नोवाक ने उसकी पगड़ी गिरा दी थी और उसके बाल खींचे थे.

जब पुलिस ने हेनरी नोवाक को हथकड़ी लगा दी, तो उसे उल्टा लिटाकर चाकू के घाव खोजने की कोशिश की गई. इसी दौरान वह बेहोश होता दिखाई दिया. उसी समय एक पुलिस अधिकारी उसे हमले के आरोप में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दे रहा था. पुलिस के अनुसार, जब अधिकारियों को उसके गंभीर घावों का पता चला, तब उन्होंने उसकी हथकड़ी खोल दी और उसे बचाने के लिए सीपीआर शुरू किया.

बाद में विक्रम डिगवा को साउथैम्पटन क्राउन कोर्ट ने हत्या का दोषी ठहराया. जज विलियम मौस्ले ने सजा सुनाते हुए कहा कि उन्हें विश्वास नहीं है कि हेनरी नोवाक ने विक्रम डिगवा के खिलाफ कोई नस्लीय टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा, "यह दावा केवल तुमने किया है और यह हेनरी के पहले के व्यवहार और चरित्र से बिल्कुल मेल नहीं खाता."

ब्रिटेन में गुस्सा

विक्रम डिगवा को सजा मिलने के बाद मंगलवार रात सैकड़ों लोगों ने साउथैम्पटन पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया. कई प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे थे, "मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं." इसके बाद बड़ी संख्या में लोग उस इलाके की ओर गए, जहां हेनरी नोवाक की हत्या हुई थी. वहां उनकी दंगा-रोधी पुलिस से झड़प हो गई. प्रदर्शनकारियों ने कुर्सियां, पत्थर और जलती हुई फ्लेयर फेंकीं, जिसके बाद पुलिस को पीछे हटना पड़ा.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि वीडियो देखकर उन्हें बहुत दुख और झटका लगा है. उन्होंने कहा कि इस मामले में यह सवाल उठता है कि नस्लभेद के आरोपों ने पुलिस के फैसलों को किस हद तक प्रभावित किया. इमिग्रेशन विरोधी यानी दूसरे देशों के लोगों के आने का विरोध करने वाली पार्टी रिफॉर्म यूके के नेता नाइजेल फराज ने कहा कि यह तथाकथित "दो-स्तरीय पुलिसिंग" का उदाहरण है. यह एक ऐसा दावा है जिसे अक्सर दक्षिणपंथी समूह उठाते हैं. उनका कहना है कि कुछ मामलों में अल्पसंख्यकों के साथ श्वेत लोगों की तुलना में बेहतर व्यवहार किया जाता है.

हालांकि, ब्रिटेन की गृह मंत्री शबाना महमूद ने इस बात को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि अलग-अलग समुदायों के लिए अलग पुलिसिंग मानक नहीं हैं. उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे इस हत्या को समुदायों के बीच नफरत या टकराव बढ़ाने का कारण न बनने दें.

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