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ट्रंप की सैन्य नीति पर अमेरिका में ही सवाल: सर्वे में 43% लोगों ने ईरान पर हमलों को बताया गलत

अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप ने अंततः उन लोगों की बात मान ली, जो मानते थे कि निर्णायक कार्रवाई से उनकी छवि एक मजबूत नेता के रूप में उभरेगी, भले ही इसमें दीर्घकालिक जोखिम हों.

ट्रंप की सैन्य नीति पर अमेरिका में ही सवाल: सर्वे में 43% लोगों ने ईरान पर हमलों को बताया गलत
ट्रंप की कोशिश है कि जल्द से जल्द इस युद्ध को समाप्त किया जाए.
  • डोनाल्ड ट्रंप ने वरिष्ठ सहयोगियों की चेतावनियों के बावजूद ईरान पर सैन्य हमले किए, जो तनाव बढ़ा सकते हैं
  • ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई से अपनी छवि सुधारने की उम्मीद में फैसले लिए, जबकि जोखिमों को नजरअंदाज किया गया
  • अधिकारियों को चिंता है कि युद्ध लंबा खिंचने पर रिपब्लिकन पार्टी की कांग्रेस में स्थिति कमजोर हो सकती है
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व्हाइट हाउस के दो वरिष्ठ अधिकारियों और प्रशासन के करीबी एक रिपब्लिकन के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वरिष्ठ सहयोगियों की निजी चेतावनियों के बावजूद ईरान के खिलाफ सैन्य हमले किए. यह जानते हुए कि इस तनाव को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है. नवंबर में अमेरिका में मध्यावधि चुनाव होने हैं और युद्ध लंबा खींचा तो ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन को मुश्किल हो सकती है. एक सर्वे में 43% लोगों ने ईरान पर हमलों को गलत बताया है. ट्रंप के रिपब्लिकन समर्थकों में भी फूट दिख रही है.

छवि सुधारने के लिए हमला

ईरान पर हमले के बाद वाशिंगटन में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट बंटे हुए नजर आ रहे हैं. व्हाइट हाउस के कुछ अधिकारियों को चिंता है कि युद्ध का यह दांव अगर लंबा चला तो रिपब्लिकन को कांग्रेस पर नियंत्रण बनाए रखने की संभावनाओं को पटरी से उतार सकता है. व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि हमलों से पहले, ट्रंप ने बार-बार इस बात पर जानकारी मांगी थी कि सैन्य कार्रवाई से क्या घरेलू स्तर पर उनकी छवि सुधरेगी?

शीर्ष सलाहकारों ने चेतावनी दी थी कि अमेरिकी खुफिया जानकारी से यह स्पष्ट गारंटी नहीं मिलती कि हमले शुरू होने के बाद स्थिति और बिगड़ने से बचा जा सकेगा और ट्रंप का राजनीतिक भविष्य अनिश्चित परिणामों से जुड़ जाने का जोखिम है. अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप ने अंततः उन लोगों की बात मान ली, जो मानते थे कि निर्णायक कार्रवाई से उनकी छवि एक मजबूत नेता के रूप में उभरेगी, भले ही इसमें दीर्घकालिक जोखिम हों. आशंका जताने वाले किसी भी अधिकारी को तत्काल राजनीतिक नतीजों की उम्मीद नहीं है. इसके बजाय, उनका मानना है कि अगर युद्ध की अवधि, जवाबी कार्रवाई के दायरे, अमेरिकी हताहतों की संख्या और पेट्रोल की कीमतें बढ़ीं तो ये ट्रंप के लिए नुकसानदायक होगा.

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एक चौथाई बस सपोर्ट में

रविवार को रॉयटर्स/इप्सोस के एक सर्वेक्षण में पता चला कि केवल एक चौथाई अमेरिकी ही ईरान के नेता को मारने वाले अमेरिकी हमलों का समर्थन करते हैं. सर्वे में भाग लेने वाले लगभग आधे लोगों (जिनमें एक चौथाई रिपब्लिकन भी शामिल हैं) ने कहा कि उनका मानना ​​है कि ट्रंप सैन्य बल का इस्तेमाल करने के लिए बहुत उत्सुक हैं. यह सर्वेक्षण ईरान में अमेरिकी सेना के तीन सैनिकों के मरने की घोषणा से पहले हुआ था. मतलब तब तक उन्हें नहीं पता था कि ईरान पर हमले में अमेरिका को भी नुकसान हुआ है.

रॉयटर्स/इप्सोस के ताजा सर्वे के अनुसार, केवल चार में से एक अमेरिकी नागरिक (27%) ही ईरान पर किए गए सैन्य हमलों का समर्थन कर रहा है. लगभग 56% अमेरिकियों का मानना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी हितों को आगे बढ़ाने के लिए सैन्य बल का उपयोग करने के लिए बहुत अधिक उतावले हैं. 87% डेमोक्रेट्स भी ट्रंप की सैन्य नीति के खिलाफ हैं. वहीं चौंकाने वाली बात यह है कि हर चार में से एक रिपब्लिकन (23%) भी राष्ट्रपति के इस रुख से सहमत नहीं है.

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