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'ईरान जंग में लक्ष्य से भटका अमेरिका', US मीडिया रिपोर्ट पर भड़के ट्रंप, कहा- तय समय से पहले हासिल किया टारगेट

ईरान, इजरायल-अमेरिका जंग का आज 23वां दिन है. ट्रंप, नेतन्याहू की तमाम धमकियों को बाद भी यह जंग अभी और लंबा खिंचता नजर आ रहा है. इस बीच अब ट्रंप के फैसलों पर अमेरिकी मीडिया भी सवाल उठाने लगी है. जिससे राष्ट्रपति ट्रंप बुरी तरह भड़के नजर आए.

'ईरान जंग में लक्ष्य से भटका अमेरिका', US मीडिया रिपोर्ट पर भड़के ट्रंप, कहा- तय समय से पहले हासिल किया टारगेट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप.
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने NYT की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने ईरान में अपने लक्ष्य हासिल किए.
  • ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य और रक्षा क्षमताओं को बुरी तरह कमजोर कर दिया है.
  • न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया कि ट्रंप प्रशासन के उद्देश्य युद्ध में लगातार बदल रहे हैं.
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वांशिगटन:

ईरान जंग पर न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुरी तरह से भड़के नजर आए. ट्रम्प ने राजनीतिक विश्लेषक डेविड सैंगर पर जमकर हमला बोला, जिन्होंने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि ट्रंप ईरान में अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर पाए. राजनीतिक विश्लेषक की इस टिप्पणी पर ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने ईरान को नक्शे से मिटा दिया है और तेहरान बातचीत की मेज पर आने को तैयार है. लेकिन उन्हें बातचीत करने में कोई दिलचस्पी नहीं है.

ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा- मैंने अपने लक्ष्य हासिल किए

ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रम्प ने कहा, "अमेरिका ने ईरान को नक्शे से मिटा दिया है, और फिर भी उनका कमज़ोर विश्लेषक, डेविड सैंगर, कहता है कि मैंने अपने लक्ष्य हासिल नहीं किए हैं. जी हां, मैंने किए हैं, और तय समय से कई हफ्ते पहले! उनका नेतृत्व खत्म हो चुका है, उनकी नौसेना और वायु सेना खत्म हो चुकी है, उनके पास रक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं है, और वे समझौता करना चाहते हैं. मैं नहीं! हम तय समय से कई हफ्ते आगे हैं. ठीक वैसे ही जैसे मेरे चुनाव के दौरान उनकी कमजोर कवरेज थी, नाकाम न्यूयॉर्क टाइम्स हमेशा गलत खबरें देता है!"

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न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में क्या लिखा है?

दरअसल न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में लिखा गया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने युद्ध में प्रगति का दावा किया, लेकिन उनके उद्देश्य लगातार बदलते रहते हैं. रिपोर्ट में लिखा गया है, "पिछले महीने जब अमेरिका-इजरायल हवाई हमले का अभियान शुरू हुआ, तो ट्रम्प प्रशासन ने कहा कि उसका उद्देश्य तेहरान में सत्ता परिवर्तन के लिए परिस्थितियां बनाना है. व्हाइट हाउस ने यह भी कहा कि उसका लक्ष्य ईरान के परमाणु ईंधन के भंडार को पूरी तरह से नष्ट करना है, जिसका उपयोग हथियार बनाने के लिए किया जा सकता है," 

ईरान की सैन्य और रक्षा क्षमताओं को कमजोर करने में लगा अमेरिका

न्यूयॉर्क टाइम्स ने आगे बताया कि अमेरिका में ईंधन 4 अमेरिकी डॉलर प्रति गैलन की दर से बिक रहा था, और पेंटागन ने अपने गोला-बारूद को बदलने के लिए 200 अरब अमेरिकी डॉलर की मांग की. इसके बाद ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने उद्देश्यों को पूरा करने के "बहुत करीब" है. न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया, "शुक्रवार के पोस्ट में पहले के, अधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्यों से पीछे हटते हुए प्रतीत हुए, क्योंकि उनमें उनका कोई उल्लेख नहीं था. इसके बजाय, राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की सैन्य और रक्षा क्षमताओं को कमजोर करने पर ध्यान केंद्रित किया, जबकि मध्य पूर्व में अमेरिकी सहयोगियों की रक्षा करने का वादा किया."

उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका "अपने उद्देश्यों को पूरा करने के बहुत करीब" है और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का मुद्दा इसका उपयोग करने वाले अन्य देशों पर छोड़ दिया, यह दावा करते हुए कि संयुक्त राज्य अमेरिका इसका उपयोग नहीं करता है.

ट्रंप ने दोहराया- ईरान समझौता चाहता है

रिपोर्ट में आगे कहा गया है, "अगर अनुरोध किया गया, तो हम इन देशों को होर्मुज परियोजना में मदद करेंगे, लेकिन ईरान का खतरा खत्म होने के बाद इसकी आवश्यकता नहीं होनी चाहिए." राष्ट्रपति ट्रंप ने यह दावा भी दोहराया कि ईरान समझौता चाहता है, लेकिन उन्होंने कहा कि वे स्वयं समझौता नहीं चाहते. 28 फरवरी के हमलों के बाद से ईरानी अधिकारी बातचीत से लगातार इनकार कर रहे हैं.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका जल्द ही ईरान में अपने सैन्य अभियान समाप्त कर देगा. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ये टिप्पणियां कीं, जिसमें उन्होंने पांच उद्देश्यों को सूचीबद्ध किया, जिनमें मुख्य रूप से ईरानी सैन्य बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को नष्ट करना, ईरान को परमाणु क्षमता के करीब पहुंचने से रोकना और पश्चिम एशिया में अमेरिका के सहयोगियों, जैसे कि इज़राइल, यूएई, कतर आदि की रक्षा करना शामिल है.

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