- रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने डोनाल्ड ट्रंप से करीब डेढ़ घंटे तक यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने पर बातचीत की
- ट्रंप ने नाटो सम्मेलन में युद्ध खत्म करने की पेशकश दोहराई और राजनीतिक समाधान की दिशा में काम करने को कहा
- पुतिन ने रूस के दृष्टिकोण का सम्मान करते हुए संघर्ष के राजनीतिक-राजनयिक समाधान की इच्छा जताई है
रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 4 जुलाई को डोनाल्ड ट्रंप से लगभग 90 मिनट तक बातचीत की. पुतिन से बातचीत में ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध को खत्म करने में मदद करने की पेशकश फिर से दोहराई. रूसी विदेश मंत्रालय ने बताया कि पुतिन ने ट्रंप और अमेरिका की आजादी की घोषणा के 250वीं सालगिरह पर व्यक्तिगत रूप से बधाई दी. क्रेमलिन के अधिकारी यूरी उशाकोव ने रविवार को बताया कि यह इस साल दोनों नेताओं की चौथी बातचीत थी और यह कामकाजी और बेहद फायदेमंद रही.
पुतिन ने क्या जवाब दिया
उशाकोव ने कहा कि ट्रंप ने यह पेशकश अगले हफ्ते तुर्की में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में अपनी भागीदारी के संदर्भ में की. माना जा रहा है कि ट्रंप इस मुद्दे पर नाटो में बात कर आम सहमति बना सकते हैं. उशाकोव ने कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर लड़ाई को जल्द खत्म करने और संकट से निपटने के समाधान खोजने की दिशा में काम करने की अपनी तत्परता दिखाई." इस पर पुतिन ने कहा कि रूस "संघर्ष का राजनीतिक-राजनयिक समाधान चाहता है, जिसमें रूस के बुनियादी दृष्टिकोण का उचित ध्यान रखा जाए."
अमेरिकी दूत आ सकते हैं रूस
क्रेमलिन के अधिकारी ने कीव और उसके यूरोपीय सहयोगियों पर "संघर्ष को बढ़ाने और यहां तक कि तेज करने, और नागरिकों के खिलाफ आतंकवाद का सहारा लेने" का आरोप लगाया. वह रूसी ठिकानों, मुख्य रूप से तेल उद्योग से जुड़े ठिकानों पर यूक्रेन के लंबी दूरी के हमलों का जिक्र कर रहे थे. उन्होंने ट्रंप के हवाले से कहा कि वाशिंगटन के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर समझौता कराने की कोशिश करते रहेंगे और मॉस्को का एक और दौरा करने के लिए तैयार हैं. उशाकोव ने कहा कि पुतिन ने "युद्ध के मैदान की वास्तविक स्थिति का वर्णन किया, जहां रूसी सशस्त्र बल आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं और एक के बाद एक इलाके को मुक्त करा रहे हैं."
क्या फायदा होगा इसका
रूसी कमांडरों ने शुक्रवार को पुतिन को बताया कि मॉस्को की सेना ने पूर्वी यूक्रेन में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर कोस्टियान्टिनिवका पर कब्जा कर लिया है. हालांकि, शनिवार को राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि शहर पर अभी भी कीव की सेना का नियंत्रण है. ऐसे में ट्रंप और पुतिन की यूक्रेन की बातचीत एक रास्ता खोल सकती है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से ये ठप पड़ गया था और अब ट्रंप के सक्रिय होने से रूस-यूक्रेन समझौते के लिए टेबल पर वार्ता के लिए आ सकते हैं.
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